बलिया
बलिया- महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती, जेडीयू नेताओं ने किया नमन
बलिया। जनता दल यूनाइटेड के फेफना कार्यालय में महात्मा गांधी और बहादुर शास्त्री की जयंती मनाई गई। जहां महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दोनों महापुरुषों के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला ।
जदयू प्रदेश महासचिव अवलेश सिंह ने कहा कि गांधी व्यक्ति नहीं, बल्कि विचार थे। गांधी जी हमेशा दूसरे की पीड़ा को समझने का प्रयास करते थे। जय जवान-जय किसान जैसे ऊर्जावान नारे के उद्घोषक शास्त्री जी की बात की जाए तो वह असली कर्मयोगियों में से एक थे। इन दोनों महापुरुषों के बताए रास्ते पर हम चलने का प्रयास करें तो जीवन अवश्य सफल होगा।
गोष्ठी में जिलाध्यक्ष भारत भूषण प्रताप सिंह, जिला महामंत्री पंकज सिंह, सोनू सिंह, डॉ शोभनाथ सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष लोहा सिंह, मनोज ठाकुर, मुकेश सोम, श्रीकांत गुप्ता, महेश गुप्ता, अभिनव चौधरी, पंकज चौहान, विनय कुमार, सुनील कुमार आर्य, सुबोध गुप्ता, डॉ. वेद पाल, इमरान पाशा, और मीडिया प्रभारी रोहित कुमार चौबे आदि मौजूद रहे।
बलिया
Protected: 2027 में रसड़ा की सियासत कैसी होगी? सर्वे में सामने आए आंकड़े
बलिया
Protected: बेल्थरा रोड में टिकट से लेकर पार्टी तक, किसे पसंद कर रहे लोग? ऑनलाइन सर्वे में सामने आए चौकाने वालेआंकड़े
featured
फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
-
सिकंदरपुर2 weeks agoसिकंदरपुर विधानसभा सर्वे 2027
-
बैरिया2 weeks agoबैरिया विधानसभा सर्वे 2027
-
बलिया स्पेशल2 weeks agoबलिया विधानसभा सर्वे 2027
-
बांसडीह2 weeks agoबांसडीह विधानसभा सर्वे 2027
-
फेफना2 weeks agoफेफना विधानसभा सर्वे 2027
-
रसड़ा2 weeks agoरसड़ा विधानसभा सर्वे 2027
-
बेल्थरा रोड2 weeks agoबेल्थरा रोड विधानसभा सर्वे 2027
-
featured2 days agoराम गोविंद चौधरी की विरासत संभालने को तैयार रंजीत चौधरी, फिर उन्हें कमतर दिखाने की कोशिश क्यों?


