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बलिया- पिपरा कलां गांव में मारपीट वाली घटना में आया नया मोड़, घायल शख़्स की बेटी ने लगाया बड़ा आरोप !
बलिया डेस्क: नरही थाना क्षेत्र के पिपरा कलां गांव में चुनावी रंजिश में कहासुनी के बाद ईंट पत्थर चलने के साथ ही फायरिंग होने वाली घटना में एक नया मोड़ सामने आया है, इस मामले में घायल चंद्रभान सिंह की पुत्री ने बलिया के एसपी को पत्र लिखकर दूसरे पक्ष पर गंभीर आरोप लगाया है साथ ही अपने जीवन की सुरक्षा की भी मांग की है।
दरअसल चंद्रभान सिंह की पुत्री अमृता सिंह ने बलिया एसपी को पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने कहा कि दूसरे पक्ष के लोगों ने हमारे घर वालों के ऊपर लाठी-डंडों के साथ गोलीबारी, फरसा से हमला किये। जिससे मेरे पिता चंद्रभान सिंह बुरे तरीके से घायल हो गये। जिनका इलाज बीएचयू के ट्रामा सेंटर में चल रहा है, जो जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं।
इसके साथ-साथ उन्होंने आरोप लगाया कि मेरे पिताजी जब घायल हुए थे तो, उनके एंबुलेंस को विपक्षियों के द्ववारा रोका गया और एंबुलेंस में तोड़फोड़ की गई। उन्होंने आगे अपनी सुरक्षा की मांग करते हुए कहा, कि मेरे घर में अभी कोई पुरुष इस वक्त मौजूद नहीं है , उन्होंने पत्र में पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि थाना नरही को लेकर विपक्षी हमारे घर आते हैं और अश्लील हरकत हम बच्चियों के साथ करते हैं घर में तोड़फोड़ और अपमान भी करते हैं।
एसपी को लिखे पत्र में आरोप लगाते हुए कहा कि छत के ऊपर से लोग घर में प्रवेश करते हैं और तोड़फोड़ करते हैं उन्होंने यह भी कहा कि मेरे घर में मेरी बहन के बक्से को तोड़कर ₹35000 की नगदी एवं ज्वेलरी भी चुरा ले गए हैं, पुलिस की उपस्थिति में इस कार्य के होने से मेरे परिवार के औरतों का जीवन जीना दुर्लभ हो गया है इसके साथ ही उसने यह भी आरोप लगाया कि इस चुनाव से दूरी बनाने हेतु उनसे सभी कारगुजारी भी कर रहे हैं। जिससे मेरे जीवन को भी खतरा है ऐसी स्थिति में उन्होंने पुलिस से न्याय संगत जांच करने की मांग करती हैं।
मामला क्या था?
विकासखंड सोहांव में ब्लाक प्रमुख पद इस बार अनारक्षित है। इसको लेकर सम्भावित प्रमुख पद के प्रत्याशी क्षेत्र पंचायत सदस्य (BDC) का चुनाव जीतने को अपने क्षेत्र में डटे है। दावतों का भी दौर चल रहा है। इसी कड़ी में पिपरा कलां गांव में शुक्रवार की रात क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के दो दावेदारों की पार्टी अलग-अलग चल रही थी। दोनों दावेदार क्षेत्र पंचायत सदस्य की एक ही सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं। दोनों का घर पास में ही है।
एक पक्ष के आकाश सिंह की दावत रात के 9:00 बजे खत्म हो गई, जबकि दूसरे पक्ष के मनीष सिंह धीरज की दावत विक्रमा सिंह के दरवाजे पर चल रही थी। आरोप हैं कि उसी दौरान मनीष सिंह धीरज की तरफ से छींटाकशी की गई, जिसका प्रतिरोध आकाश सिंह के समर्थकों ने किया तो दोनों पक्ष में कहासुनी होने के बाद ईंट पत्थर चलने लगे। इसमें आकाश सिंह के पिता चंद्रभान सिंह को सिर पर गंभीर चोटें आई। इसके बाद हो-हल्ला मचने पर फायरिंग शुरू हो गई। सूचना मिलते ही नरही थाना प्रभारी योगेंद्र बहादुर सिंह मौके पर पहुंच गये। तब तक चितबड़ागांव और फेफना थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। इसी समय पुलिस अधीक्षक विपिन टाडा भी मौके पर पहुंच गए।
पुलिस ने रात में ही दबिश देनी शुरू कर दी। इसमें दोनों पक्षों से 7 लोगों को हिरासत में लिया गया। इसमें प्रथम पक्ष से विजय सिंह उर्फ बागी पुत्र परमात्मा सिंह, रविशंकर सिंह उर्फ सीटू पुत्र हरिशंकर सिंह, धर्मेंद्र नाथ सिंह पुत्र स्व. प्रसिद्ध नाथ सिंह निवासी पिपरां कलां तथा दूसरे पक्ष से लक्ष्मण सिंह पुत्र स्व. रामचंद्र सिंह, संतोष सिंह पुत्र स्व. गुप्तेश्वर सिंह, दिग्विजय सिंह पुत्र स्व. चंद्रबली सिंह निवासी पिपरा कला एवं संजय सिंह यादव पुत्र रामराज सिंह यादव निवासी खैराबारी थाना भांवरकोल गिरफ्तार किए गए।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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एक साल से धूल फांक रही करोड़ों की जांच सुविधा, बांसडीह सीएचसी में नहीं चालू हो सकी बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन
बांसडीह (बलिया)। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बांसडीह में स्थापित की गई बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन पिछले एक वर्ष से अधिक समय से निष्क्रिय पड़ी है। स्वास्थ्य विभाग की यह महत्वपूर्ण मशीन अस्पताल परिसर तक पहुंचने के बावजूद अब तक चालू नहीं हो सकी है, जिससे क्षेत्र के हजारों मरीजों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जानकारी के अनुसार, मशीन के संचालन से लीवर फंक्शन टेस्ट, किडनी प्रोफाइल, लिपिड प्रोफाइल, यूरिक एसिड, कोलेस्ट्रॉल, थायराइड, इलेक्ट्रोलाइट्स, कार्डियक प्रोफाइल, कैल्शियम, मैग्नीशियम, प्रोटीन और आयरन समेत करीब 30 प्रकार की महत्वपूर्ण जांचें सीएचसी स्तर पर ही उपलब्ध हो सकती हैं। फिलहाल इन जांचों के लिए मरीजों को जिला अस्पताल या निजी पैथोलॉजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत उठानी पड़ती है।
सीएचसी बांसडीह में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। सामान्य जांच सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद गंभीर बीमारियों से जुड़ी कई आवश्यक जांचों का अभाव बना हुआ है। ऐसे में मशीन का चालू होना क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। अनुमान है कि इससे क्षेत्र की लगभग 40 हजार आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर एक अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण है, जिसे क्लिनिकल केमिस्ट्री एनालाइजर भी कहा जाता है। यह रक्त, प्लाज्मा और सीरम जैसे जैविक नमूनों की रासायनिक जांच कर विभिन्न रोगों के सटीक निदान में मदद करता है। आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बलिया के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अभय नारायण राय ने कहा कि उन्हें मशीन के स्थापित न होने की जानकारी नहीं थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराकर मशीन को शीघ्र चालू कराने की कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ ने कहा कि मशीन के संचालन से बांसडीह सीएचसी में कई महत्वपूर्ण जांचें शुरू हो जाएंगी, जिससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी और उन्हें अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी। अब क्षेत्रवासियों को मशीन के जल्द शुरू होने का इंतजार है।
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अघोषित बिजली कटौती पर सपा युवजन सभा का हल्ला बोल, 9 सूत्रीय मांगों के साथ सौंपा ज्ञापन
भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और खराब विद्युत व्यवस्था को लेकर समाजवादी युवजन सभा ने विद्युत विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द गिरि के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता को 9 सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
ज्ञापन में रघुनाथपुर, दुबहड़ और आईटीआई विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े इलाकों में बार-बार हो रही बिजली कटौती पर रोक लगाने, जर्जर तारों को बदलने, कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, फीडरों और लाइनों का नियमित रखरखाव कराने तथा उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई।
इस दौरान गड़वार क्षेत्र में 33 केवी लाइन पर पेड़ गिरने से बाधित बिजली आपूर्ति को बहाल कराने में व्यस्त अधिशासी अभियंता से दूरभाष पर वार्ता कर क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया गया। उनकी अनुपस्थिति में विभाग द्वारा अधिकृत अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।
अरविन्द गिरि ने कहा कि भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती से आम जनता, किसान, छात्र-छात्राएं, व्यापारी और छोटे व्यवसायी परेशान हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो समाजवादी लोग आम जनता के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग और शासन-प्रशासन की होगी।


