Connect with us

बलिया

90 प्रतिशत लोग आज भी पिछड़ेपन के दायरे में रहने को मजबुर- छोटलाल राजभर

Published

on

अनुरागी देवी की आठवीं पुण्यतिथि वंचित अधिकार दिवस के रुप में मनायी गयी

बलिया। जनपद की सुप्रसिद्ध सामाजिक संस्था डा० अम्बेडकर सोशल वेलफेयर सोसाइटी असनवार की संस्थापिका अध्यक्ष श्रीमती अनुरागी देवी की आठवीं पुण्यतिथि राम अइगा प्रसाद अनुरागी फाऊंडेशन (रापा फाऊंडेशन) के प्रधान कार्यालय पर ” वंचित अधिकार दिवस ” के रुप में मनायी गयी।इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रुप में सम्बोधित करते हुए पूर्व विधायक छोटलाल राजभर ने कहा कि आजादी के 75 साल बीतने के बावजूद आज भी देश की एक बहुत बड़ी आबादी आज भी अपने मौलिक अधिकारों से वंचित है। कारण कि इन वंचित समूहों के प्रति शासन सत्ता में बैठे लोग कभी संवेदनशील नहीं रहे है।यही कारण है कि आज भारत में दो भारत बसते है। एक 10 प्रतिशत लोगो का रईस इण्डिया और दुसरा 90 प्रतिशत लोगो का गरीब भारत , जोआज भी पिछड़ेपन के दायरे में रहने को अभिशप्त है। जब तक इस तरह की असमानता देश के अन्दर रहेगी , हम लोग चाहकर भी भारत को एक सशक्त राष्ट्र नही बना सकते है।

विशिष्ट अतिथि बहुजन समाज पार्टी के आजमगढ मण्डल के मुख्य सेक्टर प्रभारी विनोद सेहरा ने कहा कि संविधान में यह स्पष्ट व्याख्या की गयी है कि कोई भी राज्य किसी भी नागरिक के विरुद्ध जाति , धर्म , लिंग एवं जन्म स्थान के आधार पर कोई विभेद पैदा नहीं करेगा।इसके बावजूद भी शासन ,प्रशासन और कानून के तरफ से देश के बहुत बड़े समूह को आज भी समान व्यवहार और समान अवसर नहीं प्राप्त हो पा रहा है। आज भी उनकी हालत ज्यों की त्यों बनी हुई है। उनकी हालत बद से बदतर होती जा रही है , जिसे आज गम्भीरता से लेने की जरुरत है। नहीं तो इसके भंयकर परिणाम भुगतने पड़ सकते है।

जन अधिकार पार्टी के आजमगढ मण्डल के पूर्व अध्यक्ष धन्नजय कुशवाहा ने कहा कि अब तक कि सभी सरकारों के गलत नीति निर्धारण के चलते देश के अन्दर अमीर और अमीर होते जा रहे है। वंचित वर्ग के लोगो का अपना जीवन जीना मुश्किल हो गया है।कुछ धनी लोग भारत की सम्पत्ति के बहुत बड़े हिस्से पर कब्जा जमाये बैठे है। एक तरफ वो लोग है जो खाना खाते समय यह सोचते है कि क्या- क्या खाये ? दुसरी तरफ वो लोग है कि जो यह सोचते है कि क्या खाये ? जब तक इस तरह का अन्तर देश के अन्दर विद्दमान रहेगा , तब तक देश की प्रगति और विकास के सभी दावे खोखले ही साबित होंगेे। समाज और देश में व्याप्त इस तरह की असमानता को समाप्त कर ही देश को एक समृद्धशाली राष्ट्र बनाया जा सकता है।उक्त कार्यक्रम में प्रमुख रुप से भाग लेने वालों में करनेश सिंह ( पूर्व जिलाध्यक्ष , ग्राम प्रधान संघ बलिया ) , हर्षदेव (जिलाध्यक्ष , ग्राम पंचायत व विकास अधिकारी समन्वय समिति बलिया ) , संजय कुमार पाण्डेय ( जिलाध्यक्ष , भारतीय पत्रकार सघ बलिया ) , दिनेश कुमार गुप्ता (ब्यूरो चीफ – भारत एकता टाइम्स बलिया ) , रवि सिन्हा ( क्राइम रिपोर्टर ) , जमाल अख्तर जी (जिलाध्यक्ष , रोजगार सेवक संघ बलिया) , विजय प्रसाद (जिलाध्यक्ष , रामेन्द्र कुमार , बाल गोविन्द यादव ( निदेशक , जेबीआरएस इन्फ्रा डेवलपमेंट लखनऊ) , राज कमल ( जिला उपाध्यक्ष , ग्राम पंचायत अधिकारी संघ बलिया) , दिनेश राजभर (ब्लाक अध्यक्ष कांग्रेस कमेटी चिलकहर ), रामाशीष गौतम ( समाजवादी अम्बेडकर वाहिनी ), विक्रमा सिंह ( ब्लाक मंत्री , भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी चिलकहर ) , चौथी राम (सहायक विकास अधिकारी पंचायत , चिलकहर ),अजीत कुमार राजभर ( प्रधान प्रतिनिधि असनवार ) , सुभाष चन्द ( प्रधान बसनवार ) , रवीन्द्रनाथ कनौजिया ( प्रधान प्रतिनिधि सवन ) , बन्टी कुमार ( प्रधान कैथी कला ) , जितेन्द्र कुमार राव ( प्रधान चिन्तामणिपुर ), मुन्नू राम (पूर्व प्रधान रघुनाथपुर ) , राम अवध यादव ( पूर्व प्रधान सवन ) , मनोज कुमार सिंह , प्रदीप शर्मा ,राम अवध राम ( सभी ग्राम पंचायत विकास अधिकारी गण ) , प्रमोद कुमार सिंह , अंजनीकुमार सिंह ( भारतीय जनता पार्टी बलिया ) , मनीष निगम ( पूर्व जिला संयोजक ) , सुखराम ( शाखा प्रबन्धक ) , एस. के. रंजन , बच्चा नन्द प्रसाद , सुरेन्द्र राम , मुन्ना यादव , आशुतोश कुमार , नन्दा वर्मा , आदि लोग प्रमुख प्रमुख रहे। अन्त में आये हुए सभी लोगो के प्रति आभार प्रकट स्व० अनुरागी देवी के छोटे पुत्र जयराम अनुरागी ने किया।

Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

featured

फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र

Published

on

बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।

जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।

Continue Reading

featured

एक साल से धूल फांक रही करोड़ों की जांच सुविधा, बांसडीह सीएचसी में नहीं चालू हो सकी बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन

Published

on

बांसडीह (बलिया)। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बांसडीह में स्थापित की गई बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन पिछले एक वर्ष से अधिक समय से निष्क्रिय पड़ी है। स्वास्थ्य विभाग की यह महत्वपूर्ण मशीन अस्पताल परिसर तक पहुंचने के बावजूद अब तक चालू नहीं हो सकी है, जिससे क्षेत्र के हजारों मरीजों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।

जानकारी के अनुसार, मशीन के संचालन से लीवर फंक्शन टेस्ट, किडनी प्रोफाइल, लिपिड प्रोफाइल, यूरिक एसिड, कोलेस्ट्रॉल, थायराइड, इलेक्ट्रोलाइट्स, कार्डियक प्रोफाइल, कैल्शियम, मैग्नीशियम, प्रोटीन और आयरन समेत करीब 30 प्रकार की महत्वपूर्ण जांचें सीएचसी स्तर पर ही उपलब्ध हो सकती हैं। फिलहाल इन जांचों के लिए मरीजों को जिला अस्पताल या निजी पैथोलॉजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत उठानी पड़ती है।

सीएचसी बांसडीह में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। सामान्य जांच सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद गंभीर बीमारियों से जुड़ी कई आवश्यक जांचों का अभाव बना हुआ है। ऐसे में मशीन का चालू होना क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। अनुमान है कि इससे क्षेत्र की लगभग 40 हजार आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर एक अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण है, जिसे क्लिनिकल केमिस्ट्री एनालाइजर भी कहा जाता है। यह रक्त, प्लाज्मा और सीरम जैसे जैविक नमूनों की रासायनिक जांच कर विभिन्न रोगों के सटीक निदान में मदद करता है। आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बलिया के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अभय नारायण राय ने कहा कि उन्हें मशीन के स्थापित न होने की जानकारी नहीं थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराकर मशीन को शीघ्र चालू कराने की कार्रवाई की जाएगी।

सीएमओ ने कहा कि मशीन के संचालन से बांसडीह सीएचसी में कई महत्वपूर्ण जांचें शुरू हो जाएंगी, जिससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी और उन्हें अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी। अब क्षेत्रवासियों को मशीन के जल्द शुरू होने का इंतजार है।

Continue Reading

बलिया

अघोषित बिजली कटौती पर सपा युवजन सभा का हल्ला बोल, 9 सूत्रीय मांगों के साथ सौंपा ज्ञापन

Published

on

भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और खराब विद्युत व्यवस्था को लेकर समाजवादी युवजन सभा ने विद्युत विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द गिरि के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता को 9 सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।

ज्ञापन में रघुनाथपुर, दुबहड़ और आईटीआई विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े इलाकों में बार-बार हो रही बिजली कटौती पर रोक लगाने, जर्जर तारों को बदलने, कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, फीडरों और लाइनों का नियमित रखरखाव कराने तथा उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई।

इस दौरान गड़वार क्षेत्र में 33 केवी लाइन पर पेड़ गिरने से बाधित बिजली आपूर्ति को बहाल कराने में व्यस्त अधिशासी अभियंता से दूरभाष पर वार्ता कर क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया गया। उनकी अनुपस्थिति में विभाग द्वारा अधिकृत अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।

अरविन्द गिरि ने कहा कि भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती से आम जनता, किसान, छात्र-छात्राएं, व्यापारी और छोटे व्यवसायी परेशान हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो समाजवादी लोग आम जनता के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग और शासन-प्रशासन की होगी।

Continue Reading

TRENDING STORIES

error: Content is protected !!