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बलिया

आजादी का अमृत महोत्सव, क्रांतिकारियों की धरती बलिया की महिलाओं को मिली बड़ी जिम्मेदारी

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बलिया। देश इस बार का आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर आजादी का अमृत महोत्सव-अंत्योदय मना रहा है। जिसमें क्रांतिकारियों की धरती बलिया समेत देश के 75 जिलों को जोड़ा गया है। बलिया, शाहजहांपुर और गाजियाबाद में फलदार पौधों की विशेष नर्सरी तैयार होगी। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने पहली बार स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रोजेक्ट से जोड़ा है। जिले के 3 क्लस्टर लेवल फेडरेशन (विकास खंड स्तर पर गठित समूह) को मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) का प्रोग्राम इम्प्लीमेंटेशन एजेंसी (कार्यदायी एजेंसी) नियुक्त किया है। इन्हें 15 लाख फलदार पौध क्षमता की 3 नर्सरी तैयार करने की जिम्मेदारी मिली है।

नर्सरी के लिए जमीन का चयन- गड़वार के बहादुरपुर कारी और नगरा के खंदवां ग्राम पंचायत में दो-दो बीघा जमीन का चयन हुआ है। जहां करीब 10 लाख पौध तैयार होंगे। नवानगर के लिए भूखंड की तलाश की जा रही है। एक नर्सरी स्थापित करने में करीब 10 लाख रुपये खर्च होंगे, मनरेगा श्रम रोजगार विभाग स्टीमेट तैयार करने में जुटा है। तीनों क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) में 6 हजार महिला सदस्य हैं, वह सभी अलग-अलग क्षेत्रों में सालों से काम कर रही हैं। अब वह नर्सरी भी तैयार करेंगी, यहां से पौधे बिक्री किए जाएंगे। उन्हें सहजन, अमरूद, आम, नींबू, पीपल, नीम और बरगद समेत 27 प्रजातियों के पौधे तैयार करने के आदेश हुए हैं।

धरातल पर हरियाली लाना उद्देश्य- अभी तक सिर्फ वन विभाग के पास नर्सरी है। 17 लाख पौधे इस बार रोपे जाने हैं, लेकिन इतने पौध उनके पास नहीं है। ऐसे में हर साल पौधों की अनुपब्धता से लक्ष्य पूरा होने में समस्या होती है। अब जब स्वयं सहायता समूह की महिलाएं नर्सरी तैयार करेंगी तो विभागों को आसानी से पौधे मिल सकेंगे। हरियाली को जमीन मिलेगी। नर्सरी में पौधे तैयार होने पर 15 रुपये फीट के हिसाब से बिक्री किए जाएंगे। कुल आमदनी का लाभ प्रत्येक सदस्य को होगा।

सीएलएफ का चयन
गौरी महिला संकुल समिति, गड़वार
प्रकाश महिला संकुल संघ, नगरा
जागृति महिला संकुल संघ, नवानगर

बलिया के क्रांतिकारी- भृगुनगरी में कई बहादुर क्रांतिकारी पैदा हुए हैं, जिन्होंने अपने पराक्रम से इतिहास रचा। आजादी की लड़ाई के दौरान बैरिया के कौशल किशोर को शहादत मिली थी। इसके अलावा मंगल पांडेय, चित्तू पांडेय, रामदहीन ओझा, महानंद मिश्र, राजकुमार बाघ, वीर कुंवर सिंह और जगन्नाथ सिंह समेत कई क्रांतिकारियों ने अंग्रेजों के दांत खट्टे कर दिए थे। 5 साल पहले ही आजादी मिलने का गौरव भी जिले को है। इन्हीं बलिदानियों के चलते ‘आजादी का अमृत महोत्सव-अंत्योदय योजना के लिए देश भर में बलिया का चयन हुआ है।


वहीं उत्तरप्रदेश आजीविका मिशन के जिला प्रबंधक का कहना है कि 15 जून से पहले नर्सरी स्थापना का काम शुरू कर दिया जाएगा। तीनों समूहों को प्रशिक्षित भी किया जा चुका है। मनरेगा श्रम रोजगार विभाग कार्ययोजना को अंतिम रुप देने में जुटा हुआ है।

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अघोषित बिजली कटौती पर सपा युवजन सभा का हल्ला बोल, 9 सूत्रीय मांगों के साथ सौंपा ज्ञापन

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भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और खराब विद्युत व्यवस्था को लेकर समाजवादी युवजन सभा ने विद्युत विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द गिरि के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता को 9 सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।

ज्ञापन में रघुनाथपुर, दुबहड़ और आईटीआई विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े इलाकों में बार-बार हो रही बिजली कटौती पर रोक लगाने, जर्जर तारों को बदलने, कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, फीडरों और लाइनों का नियमित रखरखाव कराने तथा उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई।

इस दौरान गड़वार क्षेत्र में 33 केवी लाइन पर पेड़ गिरने से बाधित बिजली आपूर्ति को बहाल कराने में व्यस्त अधिशासी अभियंता से दूरभाष पर वार्ता कर क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया गया। उनकी अनुपस्थिति में विभाग द्वारा अधिकृत अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।

अरविन्द गिरि ने कहा कि भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती से आम जनता, किसान, छात्र-छात्राएं, व्यापारी और छोटे व्यवसायी परेशान हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो समाजवादी लोग आम जनता के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग और शासन-प्रशासन की होगी।

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बलिया

बलिया में रोजगार का सुनहरा अवसर: 23 जून को लगेगा एक दिवसीय रोजगार मेला

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बलिया। जिले के बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार पाने का बेहतरीन अवसर सामने आया है। जिला सेवायोजन कार्यालय, बलिया द्वारा 23 जून 2026 को एक दिवसीय रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। यह रोजगार मेला सतनी सराय स्थित तारा निवास गली, भृगु आश्रम के पास स्थित जिला सेवायोजन कार्यालय परिसर में आयोजित होगा।

मेले में निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनी विजन इंडिया ग्लोबल एल्यूमिनियम द्वारा अप्रेंटिसशिप के लिए योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। इस पद के लिए 10वीं एवं आईटीआई उत्तीर्ण अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। चयनित उम्मीदवारों को ₹17,500 प्रतिमाह तक का वेतन प्रदान किया जाएगा।

कंपनी द्वारा निर्धारित आयु सीमा 18 से 28 वर्ष रखी गई है, जबकि चयनित अभ्यर्थियों का कार्यस्थल हैदराबाद (तेलंगाना) होगा। अभ्यर्थियों का चयन साक्षात्कार के माध्यम से उनकी योग्यता एवं क्षमता के आधार पर किया जाएगा।

जिला सेवायोजन कार्यालय ने बताया कि रोजगार मेले में प्रतिभाग करने वाले सभी अभ्यर्थियों का रोजगार संगम पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। कैंपस चयन की पूरी प्रक्रिया रोजगार संगम पोर्टल के माध्यम से संपन्न कराई जाएगी।

जिला प्रशासन ने अधिक से अधिक बेरोजगार युवाओं से इस अवसर का लाभ उठाने और समय पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ रोजगार मेले में उपस्थित होने की अपील की है।

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लखनऊ अग्निकांड के बाद बड़ा सवाल: क्या बलिया के कोचिंग संस्थान सुरक्षित हैं?

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बलिया। लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग में 15 छात्रों की दर्दनाक मौत के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों और अग्निशमन व्यवस्थाओं में गंभीर लापरवाही की बात सामने आई है, जिसके बाद कई जिलों में प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों की जांच शुरू कर दी है।

इसी बीच बलिया जिले में भी बिना मानकों और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के संचालित हो रहे सैकड़ों कोचिंग संस्थानों को लेकर चिंता बढ़ गई है। जिला मुख्यालय से लेकर बेल्थरा रोड, रसड़ा, सिकंदरपुर, बांसडीह और बैरिया जैसी तहसीलों तक अनेक कोचिंग सेंटर संकरी गलियों, बहुमंजिला भवनों और व्यावसायिक परिसरों में संचालित हो रहे हैं, जहां न तो अग्निशमन उपकरण दिखाई देते हैं और न ही आपातकालीन निकास की समुचित व्यवस्था।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई कोचिंग संस्थान क्षमता से अधिक छात्रों को बैठाकर कक्षाएं संचालित कर रहे हैं। अधिकांश भवनों में फायर एनओसी, आपातकालीन निकास, अग्निशमन यंत्र और सुरक्षा मानकों की स्थिति की कभी जांच नहीं होती। ऐसे में यदि कोई दुर्घटना होती है तो हालात बेहद भयावह हो सकते हैं।

लखनऊ हादसे के बाद कानपुर समेत कई जिलों में प्रशासन ने सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई शुरू कर दी है और कई संस्थानों को सील भी किया गया है।

अब सवाल यह है कि क्या बलिया प्रशासन भी जिले में संचालित कोचिंग संस्थानों का व्यापक सर्वे कराएगा? क्या बिना मानक और बिना सुरक्षा व्यवस्था के चल रहे कोचिंग सेंटरों की जांच होगी? लखनऊ की त्रासदी ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

(यह जनहित से जुड़ा विषय है। प्रशासन को जिले के सभी कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था, फायर एनओसी और भवन मानकों की तत्काल जांच करानी चाहिए ताकि भविष्य में किसी दुर्घटना से बचा जा सके।)

 

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