बलिया
बलिया – नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को 10 साल की उम्रकैद
बलिया में महिला अपराधों का समाधान और जल्द ही न्याय दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी की जा रही है। जिसका नतीजा है कि बैरिया थाना क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को 10 साल की उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
बैरिया थाने में दर्ज 124/2018 धारा 363,366,376, भा.द.वि. ) और धारा 3/4 पाक्सो एक्ट के तहत अन्तिम पासवान उर्फ मानव पासवान पुत्र बृजनाथ पासवान निवासी दयाछपरा थाना बैरिया को कोर्ट ने 05 साल के सश्रम कारावास और 10 हजार के अर्थ दण्ड से दण्डित किया। अर्थ दण्ड न अदा करने पर 01 साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
इसके अलावा अंतर्गत धारा 366 भा.द वि.में दोषसिद्ध पाते हुए 7 वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार के अर्थ दण्ड से दण्डित किया। अर्थ दण्ड न अदा करने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। साथ ही अंतर्गत धारा 376 भा.द.वि. में दोषसिद्ध पाते हुये 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 20 हजार के अर्थ दण्ड से दण्डित किया। अर्थ दण्ड न अदा करने पर 2 साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
गौरतलब है कि जनपदीय पुलिस व प्रशासनिक उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार पुलिसकर्मियों के साक्ष्य शीघ्र न्यायालय में निस्तारण कराने पर बल दिया जा रहा है जिसके चलते नतीजे सामने आ रहे हैं।

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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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