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सऊदी अरब में वैज्ञानिकों ने खोजी एक खोया हुआ शहर जिसका जिक्र कुरान में भी मिलता है
अक्सर आप खबरों में सुनते होंगे की पुरानी चीजें या पुरानी इमारते पाए गए हैं ऐसी ही एक खबर सऊदी अरबिया से आ रही हैं जानकारी एक यूट्यूब चैनल द्वारा यूट्यूब पर अपलोड की गई है . इस वीडियो को 10 दिनों में लगभग 1800000 बार देखा जा चुका है.इस दुनिया में अलग-अलग लोगों ने अलग-अलग समय पर अलग-अलग जगहों पर हुकूमत किया. उन्होंने अपने देश बनाएं और शहरों का निर्माण किया लेकिन वक्त के साथ-साथ उनका पतन हुआ और इतिहास में कहीं खो गए कई सदियों तक वीरान रहने के बाद उन्हें फिर से खोजा गया . एक ऐसा ही शहर खोजा गया है सऊदी अरबिया में जो सदियों से कहीं खो गया था दोस्तों आइए जानते हैं इस शहर के बारे में …
सऊदी अरब में एक ऐसा शहर पाया है जिसके बारे में ना किसी ने कभी सुना था ना ही कभी इसकी कोई चर्चा सुनने में आई. सऊदी अरब की राजधानी रियाद की दूरी पर यह शहर पाया गया है राजधानी रियाद से लगभग 1040 किलोमीटर दूर यह शहर है. रात से लगभग 1040 किलोमीटर दूर अल ऊला शहर में एक जगह है मध्यन सालेह. जहां हजारों साल पुराना एक खंडहर और कब्रिस्तान पाया गया है देखने में कुछ इस तरह के खंडहर दिख रहे हैं कि देखने वाले हैरान रह गए ऐसा लग रहा है कि कुछ बड़े पहाड़ों को तराश कर इन इमारतों को बनाया गया था .

इमारतों पर तरह-तरह की नक्काशी अभी है देखने वाले हैरान रह गए कि 2 से 3000 साल पहले किस तरह से यह बिल्डिंग बनाई गई होंगी. इन नंबरों को किस तरह बनाया गया इसकी कोई खोज नहीं हो पा रही कुछ लोगों का कहना है कि इन नंबरों पर बहुत ही महीन और अच्छी किशन की नक्काशी गई है . इस तरह की नक्काशी या करने के लिए आज के जमाने में लेजर टेक्नोलॉजी की जरूरत पड़ेगी और यह मकबरे लगभग 2 से 3000 साल पुराने हैं उस वक्त कोई इस तरह की टेक्नोलॉजी नहीं मौजूद थी .

मध्यान सालेह से कुछ दूरी पर मिले इस खंडवा से यह बात वाजे होती है कि उस जमाने में भी पत्थरों को काटने की बड़ी-बड़ी मशीनें मौजूद थी या फिर इंसानि कुव्वतो से इन पत्थरों को काटा गया . इस तरह के खंडहर रोको ना तो कभी किसी ने देखा था ना ही किसी दूसरी जगह पाया गया था इन खंडों को देखते ही लोग हैरान रह गए देश विदेश के कई विशेषज्ञों ने इन खंडहरों का दौरा किया लेकिन इसे किस तरह से निर्माण किया गया है इस बात की कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिली .

सऊदी अरब में पाए गए इन खंडहरों के बारे में कुछ भी करना बेहद मुश्किल है इन खंडहरों की तस्वीर देखने से आप खुद समझ जाएंगे कि किस कलाकारी के साथ इन खंडहरों या मखबरों को बनाया गया है . नंबरों की तस्वीरें और डिटेल में जानकारी लेने के लिए नीचे दी हुई वीडियो को देखें वीडियो में साफ तौर पर मकबरे को दिखाया गया है और इससे जुड़ी तमाम जानकारियां दी गई . वीडियो :
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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
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जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।





