बलिया
सलेमपुर लोकसभा सीट से हारे भाजपा प्रत्याशी ने अपनी ही पार्टी के नेताओं पर लगाया बड़ा आरोप
बलिया के सलेमपुर लोकसभा सीट से 2 बार सांसद रहे रविंद्र कुशवाहा का जादू इस चुनाव में नहीं चला। उन्हें सपा के रमाशंकर राजभर से करारी हार का सामना करने पड़ा। अब हार के कारणों को लेकर समीक्षा चल रही है। इसी बीच रविंद्र कुशवाहा ने अपनी ही पार्टी के नेता और मंत्रियों पर बड़ा आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि मेरी पार्टी के जिलाध्यक्ष और योगी कैबिनेट की मंत्री ने मेरे खिलाफ अभियान चलाया और षड्यंत्र रचा। दोनों ने मुझे हराने का संकल्प लिया था। इसके चलते मेरी महज 3500 वोटों से हार हुई। उन्होंने कहा कि भाजपा के जिलाध्यक्ष संजय यादव ने शुरू से ही मेरे खिलाफ कार्यकर्ताओं को भड़काया। उन्होंने सभी मंडल अध्यक्षों को बराबर निर्देशित किया कि रवींद्र कुशवाहा को वोट नहीं करना है। मुझे चुनाव हराना है। इसी अभियान में शुरू से अंत तक लगे रहे। यहां प्रदेश सरकार की राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम एक दिन भी प्रचार करने नहीं निकलीं। रविंद्र कुशवाहा ने आरोप लगाया कि मेरी ही पार्टी के कुछ लोगों ने अपने समर्थकों की मदद से सुनियोजित तरीके से मेरा विरोध कराया। मुझे हराने का काम किया गया।
बता दें कि रविंद्र कुशवाहा ने 2014 में 2.32 लाख वोटों से जीत दर्ज की थी। वहीं 2019 में जीत का मार्जिन 1.12 लाख वोट रहा। इस बार भाजपा ने उन्हें तीसरी बार प्रत्याशी बनाया था, लेकिन वह सपा के रमाशंकर राजभर से चुनाव हार गए। इस हार की ठीकरा उन्होंने बीजेपी के ही कुछ लोगों पर फोड़ा है।
गौरतलब है कि सलेमपुर संसदीय क्षेत्र में पांच विधानसभा- सलेमपुर, भाटपाररानी, बेल्थरारोड, सिकंदरपु और बांसडीह है। रविंद्र कुशवाहा ने कहा कि तीन विधानसभा सिकंदरपुर, बांसडीह और बेल्थरारोड में दोनों ने हमारे कार्यकर्ताओं को भड़काया। पूर्व सांसद ने कहा कि भाजपा के सामान्य कार्यकर्ताओं और बूथ अध्यक्षों ने बहुत लड़ाई लड़ी। इनके भड़काने के बावजूद हम नेक टू नेक फाइट में रहे। जनता ने मेरा साथ दिया। मैं अंतिम समय में 3500 वोटों से चुनाव हारा। मैं जनता का आभार व्यक्त करता हूं।
रविंद्र कुशवाहा ने कहा कि यह संजय यादव और विजय लक्ष्मी का षड्यंत्र था। दोनों ने मुझे षड्यंत्र के तहत चुनाव हरवाने में भूमिका निभाई। अगर भाजपा का कोई भी कैंडिडेट चुनाव हराता है, तो यह मोदी जी और योगी जी की हार है। मुझे तो हर जात का वोट मिला है। जातीय समीकरण जैसी बात नहीं रही। इसके अलावा अरविंद राजभर की हार पर कहा कि ओम प्रकाश राजभर की राजनीति में असर पड़ा है। उनकी पकड़ कमजोर हुई है। यह ऐसे देख सकते हैं कि अरविंद राजभर की 1.50 लाख से ज्यादा वोटों से हार हुई। उन्हें यह समझना चाहिए।
रविंद्र कुशवाहा ने कहा कि राज्य हो या देश इस बार कोई बहुत बड़ा मुद्दा नहीं रहा, मुद्दा विहीन चुनाव हो गया था। पार्टी संगठन पूरी तरह से अवगत है। टीम बनी है जांच करेगी। मुझसे कोई गलती नहीं हुई। कौन गलती किया है, पार्टी निर्णय लेगी। हमारा चले तो एक क्षण जिलाध्यक्ष को नहीं रहना चाहिए। पार्टी निर्णय करेगी। रविंद्र कुशवाहा ने बीजेपी जिलाध्यक्ष संजय यादव को समाजवादी का एजेंट कहा है।
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बलिया में रोजगार का सुनहरा अवसर: 23 जून को लगेगा एक दिवसीय रोजगार मेला
बलिया। जिले के बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार पाने का बेहतरीन अवसर सामने आया है। जिला सेवायोजन कार्यालय, बलिया द्वारा 23 जून 2026 को एक दिवसीय रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। यह रोजगार मेला सतनी सराय स्थित तारा निवास गली, भृगु आश्रम के पास स्थित जिला सेवायोजन कार्यालय परिसर में आयोजित होगा।
मेले में निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनी विजन इंडिया ग्लोबल एल्यूमिनियम द्वारा अप्रेंटिसशिप के लिए योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। इस पद के लिए 10वीं एवं आईटीआई उत्तीर्ण अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। चयनित उम्मीदवारों को ₹17,500 प्रतिमाह तक का वेतन प्रदान किया जाएगा।
कंपनी द्वारा निर्धारित आयु सीमा 18 से 28 वर्ष रखी गई है, जबकि चयनित अभ्यर्थियों का कार्यस्थल हैदराबाद (तेलंगाना) होगा। अभ्यर्थियों का चयन साक्षात्कार के माध्यम से उनकी योग्यता एवं क्षमता के आधार पर किया जाएगा।
जिला सेवायोजन कार्यालय ने बताया कि रोजगार मेले में प्रतिभाग करने वाले सभी अभ्यर्थियों का रोजगार संगम पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। कैंपस चयन की पूरी प्रक्रिया रोजगार संगम पोर्टल के माध्यम से संपन्न कराई जाएगी।
जिला प्रशासन ने अधिक से अधिक बेरोजगार युवाओं से इस अवसर का लाभ उठाने और समय पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ रोजगार मेले में उपस्थित होने की अपील की है।
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लखनऊ अग्निकांड के बाद बड़ा सवाल: क्या बलिया के कोचिंग संस्थान सुरक्षित हैं?
बलिया। लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग में 15 छात्रों की दर्दनाक मौत के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों और अग्निशमन व्यवस्थाओं में गंभीर लापरवाही की बात सामने आई है, जिसके बाद कई जिलों में प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों की जांच शुरू कर दी है।
इसी बीच बलिया जिले में भी बिना मानकों और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के संचालित हो रहे सैकड़ों कोचिंग संस्थानों को लेकर चिंता बढ़ गई है। जिला मुख्यालय से लेकर बेल्थरा रोड, रसड़ा, सिकंदरपुर, बांसडीह और बैरिया जैसी तहसीलों तक अनेक कोचिंग सेंटर संकरी गलियों, बहुमंजिला भवनों और व्यावसायिक परिसरों में संचालित हो रहे हैं, जहां न तो अग्निशमन उपकरण दिखाई देते हैं और न ही आपातकालीन निकास की समुचित व्यवस्था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई कोचिंग संस्थान क्षमता से अधिक छात्रों को बैठाकर कक्षाएं संचालित कर रहे हैं। अधिकांश भवनों में फायर एनओसी, आपातकालीन निकास, अग्निशमन यंत्र और सुरक्षा मानकों की स्थिति की कभी जांच नहीं होती। ऐसे में यदि कोई दुर्घटना होती है तो हालात बेहद भयावह हो सकते हैं।
लखनऊ हादसे के बाद कानपुर समेत कई जिलों में प्रशासन ने सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई शुरू कर दी है और कई संस्थानों को सील भी किया गया है।
अब सवाल यह है कि क्या बलिया प्रशासन भी जिले में संचालित कोचिंग संस्थानों का व्यापक सर्वे कराएगा? क्या बिना मानक और बिना सुरक्षा व्यवस्था के चल रहे कोचिंग सेंटरों की जांच होगी? लखनऊ की त्रासदी ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
(यह जनहित से जुड़ा विषय है। प्रशासन को जिले के सभी कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था, फायर एनओसी और भवन मानकों की तत्काल जांच करानी चाहिए ताकि भविष्य में किसी दुर्घटना से बचा जा सके।)
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शिक्षा पदम सम्मान 2025 से सम्मानित हुए हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल के युवा निदेशक डॉ. परवेज अंसारी
हिमाचल प्रदेश के प्रतिष्ठित हिलटॉप पब्लिक स्कूल में आयोजित भव्य सम्मान समारोह में हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल के युवा निदेशक डॉ. परवेज अंसारी को “शिक्षा पदम सम्मान 2025” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उनके 10 वर्षों से अधिक की समर्पित सेवा और अभिनव प्रयासों के लिए प्रदान किया गया।
डॉ. अंसारी की नेतृत्व क्षमता और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता ने स्कूल को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। उनके मार्गदर्शन में हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. परवेज अंसारी ने कहा —
“यह सम्मान मेरे लिए प्रेरणा का स्रोत है। मैं शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नवाचार और सुधार के लिए प्रयासरत रहूँगा।”
उनकी इस उपलब्धि से न केवल स्कूल परिवार बल्कि पूरे जनपद में गर्व की भावना व्याप्त है।


