बलिया
बलिया के तटीय गांव बाढ़ की चपेट में, प्रति घंटे एक सेमी बढ़ रहा गंगा का जलस्तर
गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि होती जा रही है। ऐसे में कई गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। कुछ निचले गांव बाढ़ की चपेट में भी आ चुके हैं। वहीं गंगा के बढ़ते जलस्तर से तटीय इलाकों में कटान भी तेज हो गया है।
बाढ़ और कटान पीड़ित लगातार शासन से न्याय की गुहार लगा रहे हैं। उदई छपरा के कटान पीड़ितों का कहना है कि हम लोगों के बचाव के नाम पर बाढ़ विभाग अपनी झोली भर रहा है। ठेकेदारों द्वारा नदी में जैसे-तैसे जियो ट्यूब द्वारा कार्य करके छोड़ दिया गया हैं, जो आज गंगा नदी के जलस्तर बढ़ने से दिखाई भी नहीं दे रहा हैं।
कटान पीड़ितों ने आरोप लगाया कि बाढ़ विभाग कोई भी बचाव कार्य नहीं कर रहा है। कुल मिलाकर बचाव के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। गोपालपुर और हुकुम छपरा में बाढ़ विभाग और उनके ठेकेदारों ने कटानरोधी कार्य में मानकों का पाल नहीं किया। अगर नदी का जलस्तर ऐसे ही बढ़ता रहा तो 25 हजार की आबादी के लिए घातक साबित हो सकती है।
पीड़ितो का कहना है कि प्रशासन कुछ नहीं कर पाएगा। आगे फ्लड फाइटिंग के नाम पर सरकारी धन का बंदरबांट किया जाएगा। मझौवां के लोग भी कटान से परेशान हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 25 दिनों से पांचों प्रोजेक्टों पर कटानरोधी कार्य पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है। पिछले वर्ष की आई बाढ में चौबे छपरा के सामने बनें स्पर संख्या 27.500 का 60 प्रतिशत नोज गंगा की लहरों में समा गया। स्पर से पूरब बने 460 मीटर लम्बा रिवेटमेंट कार्य कार्य का 85 प्रतिशत हिस्सा गंगा की लहरों में कट गया। इस वर्ष शासन स्तर से लगभग 9 करोड़ 34 लाख की लागत से पांच परियोजनाओं पर स्वीकृति हुई थीं, लेकिन का भी काम पूरा नहीं हुआ।
इधर केंद्रीय जल आयोग गायघाट गेज के मुताबिक सोमवार शाम 4 बजे गंगा का जलस्तर 50.970 मीटर दर्ज किया गया। इसके साथ ही 1 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ाव का क्रम जारी है।
वहीं बाढ़ खंड अधिशासी अभियंता संजय कुमार मिश्र का कहना है कि गंगा के जलस्तर में बढोत्तरी होने के साथ ही बारिश भी हो रही है। इसलिए बचाव कार्य में दिक्कतें आ रही हैं। बारिश की वजह से बोल्डर सही तरीके से निचले सतह पर नहीं बैठ पा रहा है। तीन परियोजनाओं पर कार्य पूरा कर दिया गया है । शेष बचे कार्य को बहुत जल्द पूरा कर दिया जाएगा।
बलिया
शिक्षा पदम सम्मान 2025 से सम्मानित हुए हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल के युवा निदेशक डॉ. परवेज अंसारी
हिमाचल प्रदेश के प्रतिष्ठित हिलटॉप पब्लिक स्कूल में आयोजित भव्य सम्मान समारोह में हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल के युवा निदेशक डॉ. परवेज अंसारी को “शिक्षा पदम सम्मान 2025” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उनके 10 वर्षों से अधिक की समर्पित सेवा और अभिनव प्रयासों के लिए प्रदान किया गया।
डॉ. अंसारी की नेतृत्व क्षमता और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता ने स्कूल को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। उनके मार्गदर्शन में हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. परवेज अंसारी ने कहा —
“यह सम्मान मेरे लिए प्रेरणा का स्रोत है। मैं शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नवाचार और सुधार के लिए प्रयासरत रहूँगा।”
उनकी इस उपलब्धि से न केवल स्कूल परिवार बल्कि पूरे जनपद में गर्व की भावना व्याप्त है।
फेफना
दिखाया जज़्बा: जमुना राम मेमोरियल स्कूल के कराटे वीरों ने जीते 22 पदक, बलिया में बजाया अपना डंका
बलिया के बापू भवन में आयोजित 2nd Gyanti Devi Memorial Cup District Karate Championship 2K25 में जिले के लगभग 15 विद्यालयों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, मानपुर चितबड़ागांव के 22 छात्रों ने प्रतिभाग कर दमखम दिखाया।
शानदार प्रदर्शन करते हुए स्कूल के 12 छात्रों ने स्वर्ण पदक , 6 ने रजत पदक और 4 ने कांस्य पदक हासिल किए। छात्रों की इस उपलब्धि ने न केवल विद्यालय का नाम रोशन किया बल्कि माता-पिता और क्षेत्र को भी गौरवान्वित किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य अबरी के.बी. एवं प्रबंध निदेशक तुषार नंद जी ने विजेताओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और शारीरिक स्फूर्ति को बढ़ावा देती हैं।
विद्यालय प्रबंधन ने यह भी आश्वस्त किया कि भविष्य में भी छात्र ऐसे आयोजनों में भाग लेकर और बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
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बलिया की राजनीति में हलचल: भानु दुबे जल्द कर सकते हैं सपा जॉइन, अटकलों का बाजार गर्म
बलिया।
बलिया के प्रमुख सामाजिक नेता भानु दुबे जल्द ही समाजवादी पार्टी (सपा) जॉइन कर सकते हैं। हाल ही में उनके सोशल मीडिया पोस्ट और गतिविधियों से इस बात के कयास तेज हो गए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से भानु दुबे लगातार सपा के बड़े नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। उनकी इन मुलाकातों और नेताओं के काफिलों में देखे जाने के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है कि वे जल्द ही सपा का दामन थाम सकते हैं।
भानु दुबे को ब्राह्मण समाज का बड़ा चेहरा माना जाता है। सामाजिक स्तर पर उनकी लोकप्रियता भी युवाओं में काफी मजबूत है। अगर वे सपा में शामिल होते हैं तो न केवल बलिया में पार्टी को मजबूती मिलेगी, बल्कि आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में बलिया सदर सीट से उनकी दावेदारी भी बेहद मजबूत मानी जा रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भानु दुबे के सपा में आने से बलिया की राजनीति में नया समीकरण बन सकता है। और यह फैसला पूरे जिले के राजनीतिक परिदृश्य को बदल सकता है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि भानु दुबे कब और किस मंच से सपा की सदस्यता ग्रहण करते हैं और इसके बाद जिले की राजनीति कौन सा नया मोड़ लेती है।


