featured
बलिया- सियासी गलियारों में हलचल, आखिर बेटे के ‘आनंद’ में क्यों शामिल नहीं हुए अम्बिका चौधरी?
बलिया। बलिया में समाजवादी पार्टी को चुनाव में जीत का आनंद दिलाने वाले पार्टी के युवा नेता व नव निर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद चौधरी ने आज पद व गोपनीयता की शपथ ली और अध्यक्ष पद का कार्यभार ग्रहण किया। जिलाधिकारी अदिति सिंह ने उन्हें गंगा बहुउद्देश्यीय सभागार में पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके बाद आनंद चौधरी ने सभी सदस्य गणों को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। बता दें कि आज 2 बजे से इसी सभागार में बोर्ड की पहली बैठक भी हुई है।
बेटे के शपथ ग्रहण समारोह में अनुपस्थित रहे पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी– वहीं शपथ ग्रहण समारोह में हैरान करने वाली बात रही कि आनंद चौधरी के पिता व पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी अनुपस्थित रहे। जिसके बाद चर्चाओं का बाजार गर्म है। कहा जा रहा है कि सत्ता पक्ष मंत्री उपेंद्र तिवारी गाली गलौज मामले में लगे पासको एक्ट को मुद्दा बना सकता था, शायद यही वजह रही कि अपने बेटे के शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व मंत्री अनुपस्थित रहे।
जिस सभागार में बेटे ने शपथ ली वो पिता ने ही बनवाया– आपको बता दें कि गंगा बहुउद्देश्यीय सभागार में आनंद ने शपथ ग्रहण की वह पूर्व राजस्व मंत्री अम्बिका चौधरी की ही देन हैं। पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी ने इसको लेकर काम किया और सभागार बनवाया। सभागर में आयोजित हुए कार्यक्रम का शुभारंभ अध्यक्ष आनंद चौधरी व नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी के द्वारा किया गया गया। जिलाधिकारी अदिति सिंह ने अपने संबोधन में जिला पंचायत अध्यक्ष व सदस्य गणों से क्षेत्र के विकास के लिये बिना किसी भेदभाव के कार्य करने की सलाह दी।
शपथ ग्रहण के बाद बोले चौधरी, आज बलिया के लिए आनंद का दिन- आनन्द चौधरी ने कहा कि आज का दिन बलिया के आनन्द का दिन है और निष्पक्ष तरीके से विकास की रफ्तार को बढाएंगे। वही समारोह में पिता पूर्व मंत्री अम्बिका चौधरी की नामौजूदगी पर कहा कि हर पिता अपने बेटे को आगे बढ़ते देखना चाहता है। पर आज वो कार्यक्रम में क्यों नही आये , इसकी वजह मैं नही जानता। वहीँ कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने सभी जिला पंचायत सदस्यों को आश्वस्त किया किया कि क्षेत्र के विकास के लिये जो भी सहयोग मांगेंगे उसको देने का

प्रयास करूंगा। सभा की अध्यक्षता कर रहे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित राम विचार पांडेय ने जिला पंचायत अध्यक्ष व सभी सदस्य गणों को जनपद के विकास में सफल होने के लिये आशीर्वाद दिया। संचालन अपर मुख्याधिकारी रमेश सिंह ने किया। इस मौके पर सीडीओ प्रवीण वर्मा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष/जिला अध्यक्ष सपा राजमंगल यादव, पूर्व विधायक व लोक सभा बलिया नेता सनातन पांडेय, पूर्व मंत्री नारद राय, पूर्व मंत्री मोहम्मद रिजवी आदि प्रमुख नेता गण भी मौजूद रहे।
featured
Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।
featured
UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।


