बलिया स्पेशल
बलिया के इन 39 गांवों के लिए खुशखबरी, लगेंगे आर्सेनिक रिमूवल यूनिट, मिलेगा शुद्ध पानी
बलिया। जल ही जीवन है। जल के अभाव में जीवन की परिकल्पना भी नहीं की जाती सकती है। लेकिन जनपद वासियों के लिए जल ही ही अभिशाप बन गया है। हालांकि अब आर्सेनिक के कहर से जूझ रहे लोगों के लिए एक राहत की खबर है। खबर के मुताबिक जनपद के 39 गांव में शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए और आर्सेनिक रिमूवल यूनिट स्थापित की जाएगी। जिसके लिए जल निगम की ओर से निदेशालय को प्रस्ताव भेज दिया गया है। फिलहाल विभाग की ओर से स्वीकृति का इंतजार किया जा रहा है।
स्वीकृति मिलने के बाद यूनिटें स्थापित की जाएंगी, प्रति यूनिट 15 लाख की लागत से स्थापना की जानी है,जिनकी कुल लागत 5.85 करोड़ होगी।आर्सेनिक प्रभावित गांवों में शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए आर्सेनिक रिमूवल यूनिट में छोटी सटंकियां लगाई जाएंगी। जिसमें सात से आठ टोटियों के माध्यम से ग्रामीणों को पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। गंगा किनारे बसे जनपद के 300 से अधिक गांव आर्सेनिक, फ्लोराइड और आयरन युक्त पेयजल से परेशान हैं। इस विषैले पानी को लंबे समय तक पीने के कारण लोग त्वचा के घाव, किडनी, लीवर, दिल की बीमारियों, न्यूरो संबंधी
विकारों, तनाव और कैंसर से जूझ रहे हैं। आर्सेनिक की सबसे अधिक मात्रा गंगा और सरयू नदी के बीच स्थित द्वारा इलाके और उसके आसपास गांवों में मिली। जिससे यहां के रहने वाले लोग त्वचा, फेफड़े और अन्य अंगों के कैंसर, केरोटोइस और नाड़ी तथा संतान उत्पत्ति से संबंधित गंभीर और जानलेवा बीमारियों की चपेट में है। लेकिन इस विकट समस्या को झेलना इलाके वासियों की विवशता है।
जल निगम के अधिशासी अभियंता अंकुर श्रीवास्तव ने कहा कि जिले में आर्सेनिक, आयरन और फ्लोराइड युक्त पेयजल की समस्या है।जिले की 20 परियोजनाओं पर काम चल रहा है, तथा 39 गांवों में आर्सेनिक रिमूवल यूनिट के लिए प्रस्ताव निदेशालय को भेजा गया है। जिसकी स्वीकृति के बाद कार्य कराया जाएगा।
जल निगम की ओर से इन गांवों में लगेंगी आर्सेनिक रिमूवल यूनिट– बांसडीह ब्लाक के दो दूहजन, बेलहरी ब्लॉक के बहादुरपुर, इकौना,जवही,रेपुरा,चिलकहर ब्लॉक के बुढ़ऊ और नारच, दुबहड़ के बालीपुर, मनियर जसाव,जनरी,सहरसपाली,गड़वार ब्लॉक के बलेजी, हनुमानगंज ब्लॉक के सोनादवर,बरवां,मुरलीछपरा ब्लॉक के बहुआरा,चांद दीयर, इब्राहिमाबाद उपरवार,करोहरा नौबरार, सोनबरसा,सोनकीभाट,श्रीपतपुर, रामपुर,मनियर ब्लॉक के
जिगरसंड,नगरा के सोनापाली और रेकुआ नसीरपुर,सीयर ब्लॉक के इब्राहिमापट्टी,ससना बहादुरपुर,सोहांव ब्लॉक के कुलहरिया खास,टुटुआरी, रेवती ब्लॉक के मून छपरा,सिंघही, हुसेनाबाद,नवानगर ब्लॉक के हरसंद,खटंगा मठ रामगिरी,सिवान कला और पंदह ब्लॉक के गौरी। गौरतलब है कि जनपद में 20 परियोजनाओं पर पहले से ही कार्य चल रहा है, जिनमें फ्लोराइड प्रभावित हनुमानगढ़, गोविदपुर, नौरंगा, गाजी पाकड़, एसर पीहापट्टी, हरसंड, साहूलाल
हरदोपट्टी, चोरकंड और ससना बहादुरपुर, आर्सेनिक और आयरन प्रभावित रेपुरा और चांदपुर, आर्सेनिक प्रभावित कछुआ ओझा, श्रीपतिपुर और मरछी खुर्द। फ्लोराइड और आयरन प्रभावित सराय गुलाबराय और आमघाट तथा आयरन प्रभावित देहरी प्रथम, देहरी द्वितीय, कमासीपुर और संवरूपुर में पेयजल परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है।
बलिया
‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ महारैली की तैयारी तेज, बलिया में अबुल फैज़ को मिली जिला इंचार्ज की जिम्मेदारी
बलिया। नई दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को आयोजित होने वाली कांग्रेस की ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ महारैली को लेकर संगठन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में बलिया के कांग्रेस नेता अबुल फैज़ को उत्तर प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग की ओर से जिला इंचार्ज की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें जिले में संगठनात्मक समन्वय और महारैली की तैयारियों से जुड़ी जिम्मेदारी निभानी होगी।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी के आह्वान पर आयोजित होने वाली इस महारैली के लिए पार्टी स्तर पर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को सक्रिय किया जा रहा है। अबुल फैज़ को मिली जिम्मेदारी के तहत जिले के कांग्रेसजनों से संपर्क स्थापित करने, संगठन के बीच तालमेल बनाने और महारैली में बलिया की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जाएगा।
अबुल फैज़ जिला कांग्रेस कमेटी, बलिया में वॉररूम प्रभारी के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। अब उन्हें अल्पसंख्यक विभाग की ओर से जिला इंचार्ज का दायित्व मिलने के बाद महारैली की तैयारियों में उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है।
नई जिम्मेदारी मिलने पर अबुल फैज़ ने कहा कि वह संगठन की ओर से जताए गए भरोसे पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बनाकर महारैली में बलिया से अधिक से अधिक कांग्रेसजनों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए काम किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र, संविधान और नागरिकों के मतदान के अधिकार से जुड़े मुद्दों को लेकर आयोजित इस महारैली के लिए जिले में संगठनात्मक स्तर पर प्रयास किए जाएंगे। अबुल फैज़ ने सौंपी गई जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाने की बात कही।
featured
बेल्थरा रोड में टिकट से लेकर पार्टी तक, किसे पसंद कर रहे लोग? ऑनलाइन सर्वे में सामने आए चौकाने वालेआंकड़े
बलिया ख़बर के ऑनलाइन सर्वे के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, विधायक हंसू राम को उनके कामकाज के लिए औसतन 10 में से 3.43 अंक मिले। वहीं, दोबारा टिकट देने के सवाल पर 71.7 प्रतिशत प्रतिभागियों ने ‘नहीं’ कहा। पार्टी की पसंद के सवाल पर बीजेपी 39.8 प्रतिशत के साथ पहले और समाजवादी पार्टी 36.2 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रही।
1. विधायक हंसू राम के कामकाज की औसत रेटिंग 3.43
बलिया ख़बर के ऑनलाइन सर्वे में प्रतिभागियों से पूछा गया कि वे अपने विधायक हंसू राम के काम को 1 से 10 के बीच कितने अंक देंगे। इस सवाल पर औसत रेटिंग 3.43 दर्ज की गई।

आंकड़ों के अनुसार, दोबारा टिकट देने के सवाल पर ‘नहीं’ कहने वाले प्रतिभागियों का प्रतिशत सबसे अधिक रहा। यह नतीजा ऑनलाइन सर्वे में शामिल लोगों की राय को दर्शाता है।
2. 2027 में किस पार्टी का विधायक चाहते हैं ?
अगले विधानसभा चुनाव में किस पार्टी का विधायक बनना चाहिए, इस सवाल पर बीजेपी को सबसे अधिक 39.8 प्रतिशत प्रतिभागियों ने चुना। समाजवादी पार्टी 36.2 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रही।

पार्टी की पसंद के आंकड़ों में बीजेपी और सपा के बीच 3 प्रतिशत अंकों का अंतर दिखाई देता है। हालांकि, ये आंकड़े सर्वे में भाग लेने वाले प्रतिभागियों की पसंद पर आधारित हैं, न कि चुनाव परिणाम का अनुमान।
3. सुभासपा में प्रवीण प्रकाश पहली पसंद
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) से कौन-सा नेता पहली पसंद है, इस सवाल पर प्रवीण प्रकाश को 54.2 प्रतिशत प्रतिभागियों ने चुना। मौजूदा विधायक हंसू राम को 25 प्रतिशत समर्थन मिला, जबकि 20.8 प्रतिशत प्रतिभागियों ने अन्य नेताओं का विकल्प चुना।

इस सवाल के आंकड़ों में प्रवीण प्रकाश को हंसू राम से 29.2 प्रतिशत अंक अधिक मिले।
4. बीजेपी में धनंजय कनौजिया को 34.4% समर्थन
बीजेपी से संभावित उम्मीदवार के सवाल पर धनंजय कनौजिया को 34.4 प्रतिशत प्रतिभागियों ने अपनी पहली पसंद बताया। जबकि छठू राम को 21.9 प्रतिशत समर्थन मिला। गोरख पासवान को 18.8 और रीना राव को 15.5 प्रतिशत, 9.4 प्रतिशत प्रतिभागियों ने अन्य नेताओं को चुना।

बीजेपी के विकल्पों में धनंजय कनौजिया को सबसे अधिक समर्थन मिला। वहीं, अन्य नेताओं के विकल्प को चुनने वाले प्रतिभागियों का प्रतिशत भी 9.4 रहा।
5. समाजवादी पार्टी में राजेश पासवान को 35 .5% समर्थन
समाजवादी पार्टी से पहली पसंद के सवाल पर राजेश पासवान को 35.5 प्रतिशत प्रतिभागियों ने चुना। वहीं, संतोष गर्ग को 20.9 प्रतिशत ने अपनी पसंद बताया।

सपा के आंकड़ों में नामित नेताओं में राजेश पासवान को सबसे ज्यादा समर्थन मिला। अन्य नेताओं का विकल्प 35.7 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रहा
6. बसपा में अनुज कुमार भारती को 26.9% समर्थन
बहुजन समाज पार्टी से पहली पसंद के सवाल पर उपलब्ध आंकड़ों में अनुज कुमार भारती को 26.9 प्रतिशत और संतोष कुमार को 7.7 प्रतिशत प्रतिभागियों ने चुना। वहीं, 42.3 प्रतिशत प्रतिभागियों ने अन्य विकल्प को प्राथमिकता दी।

इस सवाल के उपलब्ध आंकड़ों में शेष विकल्पों का पूरा विवरण नहीं है, इसलिए उनकी जानकारी अलग से नहीं जोड़ी गई है।
7. कांग्रेस में 69.2% ने चुना अन्य नेताओं का विकल्प
कांग्रेस पार्टी से पहली पसंद के सवाल पर 69.2 प्रतिशत प्रतिभागियों ने अन्य नेताओं का विकल्प चुना। पारस वर्मा और अखिलेश कनौजिया को 15.4-15.4 प्रतिशत समर्थन मिला।

कांग्रेस के आंकड़ों में किसी एक नामित नेता के बजाय अन्य नेताओं के विकल्प को सबसे अधिक प्रतिभागियों ने चुना।
बेल्थरा रोड में टिकट और पार्टी की पसंद पर क्या कहते हैं आंकड़े?
बलिया ख़बर के ऑनलाइन सर्वे में तीन प्रमुख पहलू सामने आए हैं। पहला, मौजूदा विधायक हंसू राम के कामकाज की औसत रेटिंग 3.43 रही। दूसरा, 71.7 प्रतिशत प्रतिभागियों ने उन्हें दोबारा टिकट देने के पक्ष में राय नहीं दी। तीसरा, पार्टी की पसंद के सवाल पर बीजेपी को 39.8 प्रतिशत और सपा को 36.2 प्रतिशत समर्थन मिला।
उम्मीदवारों की पसंद के सवाल पर सुभासपा में प्रवीण प्रकाश, बीजेपी में धनंजय कनौजिया और सपा में राजेश पासवान को नामित विकल्पों में सबसे अधिक समर्थन मिला। बसपा और कांग्रेस के सवालों में अन्य नेताओं के विकल्प को चुनने वालों का प्रतिशत भी उल्लेखनीय रहा।
सर्वे के बारे में जरूरी जानकारी
यह सर्वे बलिया ख़बर द्वारा ऑनलाइन माध्यम से कराया गया था। ऊपर दिए गए प्रतिशत सर्वे में शामिल प्रतिभागियों के जवाबों पर आधारित हैं। इन नतीजों को पूरी बेल्थरा रोड विधानसभा के सभी मतदाताओं की राय का प्रतिनिधि सर्वे नहीं माना जाना चाहिए। ये आंकड़े सर्वे में भाग लेने वाले लोगों की पसंद और राय को सामने रखते हैं।
बलिया स्पेशल
बलिया विधानसभा सर्वे 2027
2027 का विधानसभा चुनाव नज़दीक आ रहा है और बलिया नगर सीट पर सियासी हलचल तेज़ है। विधायक दयाशंकर सिंह के कामकाज को आप कैसे आंकते हैं? क्या उन्हें फिर से मौका मिलना चाहिए, और 2027 में आप किस पार्टी और किस चेहरे को विधायक के रूप में देखना चाहते हैं? बलिया ख़बर के इस सर्वे में अपनी राय दर्ज करें।


