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राज्य मंत्री आनन्द स्वरूप शुक्ल से ओम प्रकाश राजभर ने की मुलाकात, चर्चाओं का बाजार गर्म

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रिपोर्ट – अनूप कुमार हेमकर

बलिया डेस्क : योगी सरकार और बीजेपी पर अपने तीखे हमलो के लिए मशहूर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर व सूबे के संसदीय कार्य राज्य मंत्री आनन्द स्वरूप शुक्ल की मुलाकात के बाद राजनीति के गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है । उधर सुभासपा के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव अरविंद राजभर ने दावा किया है कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व सुभासपा के साथ रिश्ते मधुर बनाने की कवायद कर रहा है ।

फेसबुक पर किया पोस्ट

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष व पूर्व कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आज सूबे के संसदीय कार्य राज्य मंत्री आनन्द स्वरूप शुक्ल से उनके लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर मुलाकात की । इस मुलाकात की तस्वीर मंत्री श्री शुक्ल ने स्वयं फेसबुक पर पोस्ट किया है । राज्य मंत्री श्री शुक्ल ने मुलाकात को लेकर अन्य कोई ब्यौरा नही दिया है, लेकिन ऐसा समझा जाता है कि इस मुलाकात में आने वाले समय में राजनैतिक गोलबंदी को लेकर चर्चा की गई है ।

बातचीत का विस्तृत ब्यौरा देने से किया इंकार

राज्य मंत्री श्री शुक्ल गाजीपुर जिले के प्रभारी मंत्री हैं तथा पूर्व मंत्री श्री राजभर गाजीपुर जिले के जहूराबाद से विधायक । उधर सुभासपा के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव अरविंद राजभर, जो पूर्व मंत्री ओमप्रकाश राजभर के पुत्र भी हैं ने कहा है कि ओम प्रकाश राजभर की मुलाकात राज्य मंत्री श्री शुक्ल जी निजी रही है । इस व्यक्तिगत मुलाकात का राजनैतिक निहितार्थ न तलाशा जाए । हालांकि उन्होंने इसके साथ ही दावा किया है कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व सुभासपा के साथ रिश्ते मधुर बनाने की स्वयं कवायद कर रहा है ।

#आज_लखनऊ_आवास_पर पूर्व मंत्री, राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभासपा श्री ओम प्रकाश राजभर जी का आगमन हुआ।श्री राजभर जी का हार्दिक अभिवादन।

Posted by Anand Swarup Shukla on Tuesday, June 23, 2020

इस सिलसिले में भाजपा के बड़े नेताओं से बातचीत भी हुई है । उन्होंने बातचीत का विस्तृत ब्यौरा देने से इंकार किया , लेकिन यह जानकारी दी कि भाजपा को महसूस हो गया है कि बगैर सुभासपा के विधानसभा चुनाव 2022 में चुनावी वैतरणी पार करना मुश्किल है इसलिए पुराने ओहदे के साथ ससम्मान लेने का भाजपा द्वारा प्रस्ताव दिया गया है ।

भाजपा सरकार पर साधा निशाना

राजनैतिक जोड़ तोड़ में माहिर पूर्व कैबिनेट मंत्री राजभर इनदिनों भागीदारी संकल्प मोर्चा बनाकर इसे मजबूत करने में जुटे हुए हैं । हालांकि सुभासपा का सपा से तालमेल को लेकर भी पिछले कुछ समय से चर्चा चल रही है । उल्लेखनीय है कि पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री राजभर भाजपा से तालमेल समाप्त होने के बाद भाजपा पर विशेष हमलावर हैं ।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हमेशा उनके निशाने पर होते हैं । सुभासपा अध्यक्ष श्री राजभर ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए पिछले दिनों ट्वीट किया था “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की बात करते हैं, बालिका गृह तक की बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं, प्रदेश के सभी बालिका गृह की जांच हो” ।

उन्होंने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि बिहार के मुजफ्फरपुर में बालिका गृह मामले के बाद भी गंभीर नही हुई सरकार । उन्होंने कहा कि जैसे कोई मामला सामने आ जाता है,अधिकारी लीपापोती करने में लग जाते हैं । उन्होंने इसके साथ ही आरोप लगाया कि बालिका गृह शोषण का अड्डा बन गया है , सरकार चाहे नीतीश कुमार की हो या फिर योगी आदित्यनाथ की । उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा के दावे खोखले ही नज़र आते हैं।

सच्चाई पर पर्दा ना डालें

उन्होंने भाजपा सरकार पर तीखे हमले करते हुए आरोप लगाया कि योगी सरकार में सच लिखना व बोलना गुनाह हो गया है। उन्होंने योगी सरकार पर मुकदमा दर्ज करके सच्चाई पर पर्दा क्यो डाल रही है,सरकार अपनें घोटालों पर पर्दा डाल रही है,पत्रकार ,पूर्व अधिकारियों,सुभासपा अगर सच्चाई सामने ला रही है तो योगी सरकार FIR करवा कर सच्चाई पर पर्दा डालने में लगी है। सुभासपा अध्यक्ष श्री राजभर इन दिनों सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर विशेष सक्रिय हैं तथा वह इस साइट का उपयोग योगी सरकार पर हमला करने के लिये खूब कर रहे हैं ।

झूठ बोलना बंद करें

उन्होंने रोजगार के सवाल पर योगी सरकार पर हमला करते हुए ट्वीट किया ‘ उत्तर प्रदेश के नौजवानों की नौकरी छीन कर उन्हें बेरोजगार बनाने वाले मुख्यमंत्री योगी जी कह रहे हैं कि 90 लाख लोगों को रोजगार दे चुके? अगर इतने लोगों को रोजगार आपने दिया है, तो फिर क्यों ग़रीब आत्महत्या करने को मजबूर हैं? ‘। उन्होंने एक अन्य ट्वीट किया ‘ योगी जी आपकी टीम-11 सिर्फ कागजों पर नौकरी बाट रही है । पूर्व में आपके श्रम मंत्री सदन में बेरोजगारी बढ़ने की बात स्वीकार कर चुके है,फिर लॉकडाउन में इतने लोगो को कौन सा रोजगार मिल गया । इन सभी रोजगार पाने वालों की लिस्ट भी सार्वजनिक करें। झूठ बोलना बंद करें। ‘

 

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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न

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26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।

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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र

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बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।

भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।

शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।

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