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ज़मीन विवाद- विनय सिंह ने बैरिया विधायक पर एक बार फिर किया पलटवार, अब लगाया ये आरोप

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बैरिया  डेस्क :  मेले की जमीन विवाद मामले में मंगलवार को सुरेन्द्र सिंह की SIT की मांग पर विनय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विधायक पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया . मीडिया को संबोधित करते हुए विनय सिंह ने कहा कि विधायक एक जनप्रतिनिधि है उनके द्वारा बिना तथ्यों की जांच किए जनता या प्रेस के सामने कोई भी बयान देना उनके दुर्भावना को प्रकट करता है.  उनके बयानों से हमे और हमारे परिवार को मानसिक आघात पहुंचा है. जिसके बाद हमने विधायक के ऊपर मानहानि का केस करने का फैसला लिया है .

प्रेस कॉन्फ्रेंस में भूमि विवाद को लेकर विनय सिंह ने दी सफाई

1 – मुझे तो पहले भी मेले की जमीन से कोई मतलब नहीं था और आगे भी नहीं रहेगा मैंने विधि सम्मत से जमीन किसानों से खरीदी है.

2 – राजस्व विभाग तय करेगा मेरी जमीन का रकबा कहां है .

3 – मुझे शासन-प्रशासन पर पूरा विश्वास है और मुझे अपनी सरकार और संबंधित सरकारी विभाग पर पूरा भरोसा है.

4- जमीन की रजिस्ट्री का कार्य राजस्व विभाग का होता है ये पूरी विभागीय प्रक्रिया है जिसमें पहले रजिस्ट्री फिर दाखिल खारिज होता है.

5- जमीन कोई वस्तु नहीं है कि हम उसको उठा ले कर चले जाएंगे जमीन जिस अवस्था में पहले थी आज भी वही है.

6- जहां तक पेपर का सवाल है मैंने खसरा खतौनी सभी कुछ चेक करने के बाद रजिस्ट्री कराई है.

7- हमारे परिवार के बारे में पता कर सकते हैं हमने कभी कोई भी गैरकानूनी या अवैध तरीके से किसी भी जमीन की खरीदारी नहीं की.

8- सांसद जी की इमानदारी इनके लिए बाधा नहीं बन रही है जिससे ये सांसद जी का नाम बार-बार ले रहे हैं.

9- जिले में और भी प्रसिद्ध और प्राचीन मेले लगते हैं जिसमें बहुत से मेले काश्तकारों की भूमि में लगता है.

10 -सुदिष्ट बाबा का मेला भी काश्तकारों की जमीन पर ही लगता है

विनय सिंह का विधायक सुरेन्द्र सिंह पर आरोप

1- क्या विधायक को अपने सरकारी तंत्र पर भरोसा नहीं है .

2- विधायक सुरेन्द्र सिंह इस मामले का राजनीतिकरण कर रहे हैं

3 – बैरिया विधायक पहले भी हमेशा इस तरह के कार्यों में लिप्त रहे हैं लेकिन किसी भी मामले में साक्ष्य जुटा नहीं पाए.

4- अनावश्यक रूप से लखनऊ -दिल्ली का चक्कर लगाने के बाद लोगों को बरगला हैं

5 – हमेशा भ्रष्टाचार का आरोप को दूसरे के ऊपर लगाकर बाद में उसकी सौदाबाजी करते हैं.

6 – पहले भी इस तरीके के आरोप दूसरों के ऊपर लगाकर फिर माफी मांगते  हैं.

7 – जनता से भी अपील करता हूं कि इनके कार्यकाल का जवाब ले जिसमें भारी धांधली हुई है.

8- विधानसभा बेरिया में हो रहे अवैध कार्य नशा, बालू खनन, दारू गांजा के कार्यों जिनके बारे में आम जनमानस जानता है कि यह सब किसके इशारे पर हो रहा है.

9- विधायक ये भूमि खरीदना चाहते थे नहीं खरीद सके तो इसलिए बौखला गए हैं.

10-  अपने पूरे कार्यकाल दौरान इन्होंने अपने क्षेत्र के कितने युवाओं को सरकारी योजनाओं के माध्यम से किसी भी प्रकार का कोई भी उद्योग लगाने में सहायता की है इसका भी जवाब देना चाहिए.

क्या है पूरा मामला  

बैरिया से विधायक सुरेंद्र सिंह ने कुछ दिन पहले बिजनेसमैन विनय सिंह पर आरोप लगाया था की उन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर  मेले की ज़मीन खरीदी हैं.  हालाँकि इन आरोपो के बाद विनय ने ज़मीन से जुड़े दस्तावेज़ पेश करते हुए, विधायक के आरोपों को बेबुनियाद बताया था . आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए विनय सिंह ने कहा था कि उन्होंने जो ज़मीन खरीदी है, उसका मेले की ज़मीन से कोई संबंध नहीं है. वहीँ विधायक सुरेंद्र सिंह ने इस सिलसिले में अमर उजाला को दिए इंटरब्यू में  कहा था कि वे इस मामले में पीछे नहीं हटेंगे और यदि मेला की जमीन से कब्जा नहीं हटा तो उसी जमीन पर बेमियादी अनशन करेंगे. इस जमीन के लिए अपनी जान तक दे देंगे.

कौन हैं विनय सिंह 

बलिया के ही रहने वाले विनय सिंह, सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त के भांजे है. आईआईटी मैनेजमेंट की पढाई के करने के बाद देश की कई बड़ी कंपनियों में काम किया फिलहाल अपना कारोबार करते हैं .

 

 

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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न

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26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।

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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र

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बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।

भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।

शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।

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