featured
अब इतने लोगों को लेकर बलिया पहुंची श्रमिक ट्रेन, गुजरात से आने वालों की संख्या सबसे ज्यादा
बलिया डेस्क: दूसरे प्रदेश से प्रवासियों के आने का सिलसिला बदस्तूर जारी है. रविवार को गुजरात के जामनगर से 1247 मजदूरों को लेकर श्रमिक स्पेशल ट्रेन 12 बजकर 47 मिनट पर बलिया पहुंची.
इस प्रकार पहली बार रविवार को सिर्फ एक ही श्रमिक स्पेशल ट्रेन बलिया आई. एसडीएम सदर अश्विनी कुमार श्रीवास्तव की देखरेख में प्रवासियों को बारी-बारी से थर्मल स्क्रीनिंग कराने के बाद बसों से अलग-अलग जनपदों के लिए रवाना किया गया.
इस दौरान ट्रेन से उतरने के बाद प्रवासी काफी थके-थके से नजर आए. हमेशा की तरह आज भी प्रवासियों को दो लिट्टी और एक पानी की बोतल ही नसीब हुआ. जो प्रवासियों की भूख के आगे नाकाफी था.
लॉक डाउन थ्री शुरू होने के बाद से बीते चार मई से जनपद में अलग-अलग प्रदेशों से ट्रेनों के आने का सिलसिला जारी है. अब तक गुजरात से जहां नौ ट्रेनें आ चुकी है, वहीं महाराष्ट्र से चार, जबकि तामिलनाड़ू से दो व आंध्रप्रदेश से एक ट्रेनें आ चुकी है.
माडल स्टेशन उतरने के बाद प्रवासियों को अलग-अलग बसों से गाजीपुर, मऊ, देरविया, लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर, इलाहाबाद, मछली शहर आदि जगहों पर भेजे जाने का क्रम जारी है. एसडीएम अश्विनी कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अभी श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के आने का सिलसिला जारी रहेगा. बताया कि अब तक लगभग 32 हजार लोग ट्रेनों से आ चुके हैं. इस दौरान स्टेशन परिसर में शहर कोतवाल विपिन सिंह व सीओ सिटी अरूण सिंह के साथ ही कई थानों के इंचार्ज सक्रियता से अपनी ड्यूटी करते नजर आए.
अब तक सिर्फ गुजरात से आए 19525 प्रवासी मजदूर
गौरतलब हो कि लॉकडाउन थ्री के बाद से लगभग हर दूसरे प्रदेशों से ट्रेनों के आने का सिलसिला बदस्तूर जारी है. अभी तक गुजरात से कुल नौ ट्रेन आ चुकी है और इन ट्रेनों में अब तक कुल 19525 प्रवासी मजदूर आए है. जबकि दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र से लगभग आठ हजार मजदूर आए हैं. इसके अलावा राजस्थान, तामिलनाड़ू से भी भारी संख्या में मजदूर आए हैं.
featured
UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।
featured
BHU छात्र नेता योगेश योगी के प्रयास से एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को मिली मंजूरी!
बलिया। फेफना जंक्शन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को लेकर क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी हो गई है। बीएचयू छात्र नेता योगेश योगी के लगातार प्रयास और पहल से रेलवे ने एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को स्वीकृति दे दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 16 जनवरी से इन ट्रेनों का फेफना स्टेशन पर ठहराव शुरू हो जाएगा। इस उपलब्धि का श्रेय प्रदेश सरकार के आयुष मंत्री दयानंद मिश्रा ‘दयालु’ को दिया जा रहा है,
छात्र नेता योगेश योगी ने यात्रियों, छात्रों और आम नागरिकों की समस्याओं को लेकर संबंधित अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के समक्ष लगातार मांग उठाई थी। उनके प्रयासों के बाद यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया, जिससे क्षेत्र के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
ट्रेन ठहराव से विशेष रूप से छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और इलाज के लिए बाहर जाने वाले मरीजों को सुविधा होगी। स्थानीय लोगों ने इसे जनहित में लिया गया निर्णय बताते हुए योगेश योगी के प्रति आभार जताया है।
योगेश योगी ने कहा कि यह केवल शुरुआत है, आगे भी क्षेत्र और छात्रों के हित में संघर्ष जारी रहेगा।
-
featured2 weeks agoBHU छात्र नेता योगेश योगी के प्रयास से एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को मिली मंजूरी!
-
फेफना2 weeks agoमकर संक्रांति पर टोंस तट पर सजा चिंतामणि ब्रह्म का ऐतिहासिक मेला, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
-
featured2 days agoUGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
-
featured10 hours ago


