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ज़ो’मेटो वि’वाद में कू’दी बॉ’लीवुड अभि’नेत्री ऋचा चड्ढा, कहा- ज्या’दा नफ’रत न…
आजकल दुनिया बहुत तेजी से तरक्की कर रही है और इस तरक्की के साथ साथ हर चीज बहुत ही ज्यादा एडवांस होती जा रही है । जैसे कि अब हमें सारी चीजें घर बैठे ऑनलाइन ही मिल जाती हैं ,चाहे वह डेली यूज की चीजें हो या खाने पीने की ,हम किसी भी चीज को आसानी से घर बैठे बैठे मंगवा सकते हैं।
दोस्तों अगर खाने पीने की चीजों की बात करें तो आजकल हर कोई घर बैठे ही खाना ऑर्डर कर देता है और आसानी से उसे खाना घर बैठे ही मिल जाता है ।ऑनलाईन फ़ूड डिलीवरी की बहुत सारी कंपनिया खुल चुकी है जिनमे से एक है जोमैटो है । लेकिन आजकल जोमैटो फ़ूड डिलीवरी कंपनी ट्विटर पर चर्चा का विषय बनी हुई है। बात दरअसल यह है कि 30 जुलाई की रात को अमित शुक्ला नाम के एक व्यक्ति द्वारा किए गए ट्वीट पर बड़ा बखेड़ा खड़ा हो गया है।
अमित शुक्ला ने अपने ट्विटर अकाउंट पर यह ट्वीट किया कि “अभी अभी मैंने जोमैटो के ऑर्डर को कैंसिल किया है। ऑर्डर कैंसिल करने की वजह यह है कि जोमैटो वालों ने मेरा खाना डिलीवर करने के लिए एक नॉन हिंदू यानी कि मुस्लिम राइडर को भेजा था जब मैंने उससे खाना लेने से मना कर दिया तो उन लोगों ने ऑर्डर कैंसिल करने से इंकार कर दिया और रिफंड करने से भी इनकार कर दिया मैंने भी उनसे कह दिया कि आप रिफंड मत कीजिए बस मेरा आर्डर कैंसिल कर दीजिए आप मुझे आर्डर लेने के लिए बाधित नहीं कर सकते हैं।
दोस्तों अमित शुक्ला के इस ट्वीट के बाद ट्विटर पर जैसे ट्वीट की बाढ़ आ गई और इस मामले में केवल आम जनता ही नहीं बल्कि फिल्म स्टार्स भी कूद पड़े हैं। अमित शुक्ला के इस प्रकार के ट्वीट का जवाब फिल्म स्टार रिचा चड्डा ने कुछ इस प्रकार दिया। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि
“ज्यादा नफरत नहीं करते, एसिडिटी हो जाती है । ठंड रख… जो खाना है खा, अनाउंस क्यों करता है ?ट्विटर पर थाली चम्मच लेकर शोर ही मचाता है असल में थाली चम्मच नहीं मिलता है खाने के लिए”।

मामला दरअसल यह है कि 30 जुलाई को अमित शुक्ला नाम के व्यक्ति ने जोमैटो पर खाने का ऑर्डर दिया। जब उनका ऑर्डर घर पहुंचा तो उन्होंने यह कह कर अपना आर्डर कैंसिल कर दिया कि वे किसी नॉन हिंदू यानी कि मुस्लिम व्यक्ति के हाथ से छुआ हुआ खाना नहीं खा सकते हैं। इसके बाद से ही अमित शुक्ला कि ट्विटर पर जमकर खिंचाई हो रही है . इस विवाद में जोमैटो वाले भी पीछे नहीं हटे उन्होंने अमित शुक्ला को जवाब दिया और रिफंड भी नहीं किया ।
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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
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जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।





