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भाजपा ने चली बड़ी चाल, इस जगह उतारा मेनका गाँधी को…
दोस्तों आप सभी जानते है की 2019 लोखसभा चुनाव जल्द ही होने वाला है सभी राजनीतिक पार्टिया अपना दम ख़म पुरे ज़ोर शोर लगाने में जुटी है, सब एक दूसरे के खिलाफ चाल चल रहे है एक दूसरे को निचा दिखाने की कोशिश में लगे हुए है कोई धर्म की राजनीती में लगा हूआ कोई जाट पात की राजनीति में लगा हूआ, लोखसभा चुनाव की वजह से सियासत पूरी तरह से गर्म है, वही भाजपा को हराने के लिए सपा और बसपा ने गठबंधन कर लिया है तो दूसरी तरफ कांग्रेस ने भी प्रियंका गाँधी को उत्तर प्रदेश की राजनीति में उतार कर अपना ट्रम्प कार्ड खेल दिया है .

अब देखने को मिल रहा है की भाजपा ने भी दाव पर दाव खेलना स्टार्ट कर दिया है भाजपा पार्टी अध्यछ अमित शाह इस समय सभी को जोड़ने का काम कर रहे है हाल ही में भाजपा ने शिव सेना से दोबारा गढ़बंधन कर लिया है और दूसरी तरह भाजपा से नाराज़ चल रहे संसद राजभर को भी फिर से माना लिया है

भाजपा अध्यछ अमित शाह एक एक सीट को लेकर सोच विचार कर रहे है सभी धुरेन्दर पर नज़र लगाए हुए है एक एक सीट पर नजर गड़ाए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह हरियाणा की करनाल लोकसभा सीट पर एक नया उम्मीदवार उतार सकते हैं,सूत्रों से मिल रही खबर के मुताविक बीजेपी करनाल से मेनका गांधी को लड़ाने की तैयारी में है, मेनका गांधी लगातार 7 बार सांसद रही है और वे यूपी से चुनाव लड़ती रही है,हालांकि बीजेपी ने अभी इस आशय का कोई ऐलान नहीं किया है लेकिन माना जा रहा है कि करनाल के मौजूदा सांसद से बीजेपी नाराज है क्योंकि मौजूदा सांसद अपने अखवार में राहुल और प्रियंका के समर्थन में लगातार रिपोर्ट छाप रहे हैं.

भाजपा अध्यछ अमित शाह इसलिए मेनका गाँधी को इस सीट से लड़ाने का विचार बना रहे है क्युकी मेनका गांधी के करनाल में पारिवारिक संबंध हैं, मेनका गांधी के दादा सरदार दत्तर सिंह भारत-पाकिस्तान के विभाजन के बाद करनाल आकर ही बसे थे, दत्तर सिंह को भारत को भारत में पहले डेयरी फार्म आंदोलन का जनक भी माना जाता है, खबर के मुताबिक मेनका गांधी के दादा की वहां संपत्ति है, जो कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री लियाकत अली खान ने उन्हें बॉर्डर पार करने पर दी थी,

सूत्रों के मुताविक मेनका गांधी करनाल के लिए नई नहीं है, क्योंकि उनके परिवार के सदस्य आज भी वहां रहते हैं। वहीं बीजेपी भी करनाल के सासंद अश्विनी मिन्ना का विकल्प खोज रही है, अश्विनी मिन्ना पंजाब केसरी ग्रुप के मालिक हैं. खबर के अनुसार अगर मेनका गांधी करनाल से उम्मीदवार बनती हैं, तो उनके बेटे वरुण गांधी पीलीभीत से उम्मीदवार बनाया जाएगा. मेनका गाँधी को भाजपा का एक मज़बूत पिलर के रूप में देखा जाता है .

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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
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जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।





