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क्या उपेंद्र तिवारी के समर्थकों पर वोट के लिए पैसा बांटने के विरोध में हमला हुआ?
बलिया के फेफना विधानसभा क्षेत्र में मंत्री और बीजेपी उम्मीदवार उपेंद्र तिवारी के समर्थकों के काफिले पर हमले की खबर सामने आई है। उपेंद्र तिवारी के समर्थकों ने आरोप लगाया है कि समाजवादी पार्टी के समर्थकों ने फेफना में प्रचार के दौरान उन पर हमला कर दिया। हमले में एक चार पहिया गाड़ी का शिशा भी टूट गया है। इस मामले में एक वीडियो फेसबुक पर शेयर किया जा रहा है। तो वहीं भाजपा समर्थकों और विपक्ष अपनी-अपनी तरह से इस हमले को रंग-रूप दे रहे हैं।
फेफना से भाजपा विधायक और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री उपेंद्र तिवारी ने फेसबुक पर एक पोस्ट किया है। उपेंद्र तिवारी ने एक मीडिया चैनल की खबर पोस्ट करते हुए लिखा है कि “आज फेंफना विधानसभा क्षेत्र में मेरे भाई पर कुछ अराजक तत्वों ने जानलेवा हमला किया है। इन अराजक तत्वों के कृत्य मुझे मेरे क्षेत्र की जनता की सेवा करने से नहीं रोक पाएंगे। मैं दिन रात-मेरे क्षेत्र की देवतुल्य जनता की सेवा करता रहूंगा।”

उपेंद्र तिवारी का फेसबुक पोस्ट
दूसरी ओर अभिषेक कुमार चौधरी नाम के एक व्यक्ति ने फेसबुक पर एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा है कि “अभी-अभी फेफना विधानसभा अंतर्गत नगीना नगर (वैना) की हरिजन बस्ती में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा वोट के लिए पैसा बांटा जा रहा था। जिसे गांव वासियों द्वारा नाकाम कर दिया गया है।”
इस मामले में तीसरा बयान भाजपा के बागी नेता मुन्ना बहादुर की ओर से आया है। मुन्ना बहादुर ने फेसबुक पर ही इस हमले पर कई व्यंगात्मक पोस्ट किए हैं। मुन्ना बहादुर ने एक पोस्ट में लिखा है कि “वोट के लिए पैसा बांटते हुए किसकी पिटाई हुई है?” दूसरे पोस्ट में मुन्ना बहादुर लिखते हैं कि “मित्रों पाखंडी से सावधान। अपनी राजनीति चमकाने के लिए और चुनाव जीतने के लिए यह कुछ भी कर सकता है। इसके पास कोई मुद्दा नहीं है।”

मुन्ना बहादुर का फेसबुक पोस्ट
मामला क्या है?
बयानों के जंजाल से बाहर आइए। अब पूरे मामले को सीधी रेखा में समझाते हैं। फेफना में उपेंद्र तिवारी के समर्थक प्रचार कर रहे थे। फेसबुक पर शेयर किए गए वीडियो में कई लोगों को ये कहते हुए सुना जा सकता है कि “आप लोग पैसा बांट रहे हैं।” जिस पर कुछ लोग कैमरा बंद करने के लिए भी कहते हैं। कैमरा बंद करने को लेकर ही वहां मौजूद लोगों और भाजपा समर्थकों के बीच नोकझोंक शुरू हो गई। जिसके बाद ये वारदात हुई। भाजपा समर्थकों ने वाहन पर हमले की तस्वीर भी शेयर की है।
इस मामले को लेकर उपेंद्र तिवारी गुट का आरोप है कि सपा समर्थकों ने ये हमला किया है। जबकि दूसरी ओर से कहा जा रहा है कि उपेंद्र तिवारी के समर्थक गांव में वोट के लिए पैसा बांटने पहुंचे थे। जिसका गांव वालों ने विरोध किया। साथ ही पैसे बांटने का वीडियो बनाने लगे। जिसे लेकर गांव वालों और उपेंद्र तिवारी के समर्थकों में विवाद बढ़ गया।
इस मामले में थाना प्रभारी फेफना ने कहा है कि “डोर टू डोर कैम्पेनिंग के दौरान कुछ लोगों में झड़प हुई। जिस पर पुलिस द्वारा तत्काल मौके पर पहुंच कर मामले को शांत कराया गया। प्राप्त तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।” देखना होगा कि पुलिस की जांच में क्या सच्चाई सामने आती है। साथ ही पुलिस किन लोगों पर कार्रवाई करती है? फिलहाल उपेंद्र तिवारी इसे चुनाव में सहानुभूति के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं। तो वहीं विरोधी दल के नेता इसे उपेंद्र तिवारी के खिलाफ मुद्दा बनाने में जुटे हैं।
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बलिया की सियासत में नई हलचल: इंजीनियर विजय कांत तिवारी की एंट्री, 2027 पर नजर!
बलिया– अपनी राजनीतिक चेतना और संघर्षों के लिए पहचान रखने वाले बलिया की राजनीति में अब एक नया नाम तेजी से चर्चा में है। पेशे से एक प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC) में इंजीनियर रहे विजय कांत तिवारी ने सक्रिय राजनीति में कदम रखकर राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर वे बलिया विधानसभा क्षेत्र से एक मजबूत और प्रबल दावेदार के रूप में उभरते दिखाई दे रहे हैं।
बताया जाता है कि विजय कांत तिवारी लंबे समय तक कॉरपोरेट सेक्टर में अपनी सेवाएं देने के बाद अब अपने गृह जनपद के विकास और जनसमस्याओं के समाधान के उद्देश्य से राजनीति के मैदान में उतरे हैं। उनका कहना है कि बलिया जैसे ऐतिहासिक और गौरवशाली जिले में आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी कई क्षेत्रों में देखने को मिलती है, जिसे दूर करना उनकी प्राथमिकता होगी।
तिवारी का मुख्य फोकस जिले में बेहतर और सुलभ चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराना है। उनका मानना है कि बलिया के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए वाराणसी या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है, जो एक बड़ी समस्या है। इसके साथ ही वे सड़क, नाली और पेयजल जैसी बुनियादी समस्याओं के स्थायी समाधान पर भी जोर दे रहे हैं।
युवाओं के रोजगार को लेकर भी उन्होंने अपनी स्पष्ट योजना बताई है। विजय कांत तिवारी का कहना है कि यदि बलिया में एक सशक्त औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाए और बाहरी निवेश को आकर्षित किया जाए, तो हजारों युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। उनका मानना है कि पलायन की समस्या को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर उद्योग और रोजगार के अवसर पैदा करना बेहद जरूरी है।
इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि होने के कारण वे विकास कार्यों में तकनीकी समझ, पारदर्शिता और योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की बात करते हैं। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन और निगरानी सुनिश्चित कर विकास कार्यों को गति दी जा सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिक्षित और युवा चेहरों की बढ़ती मांग के बीच विजय कांत तिवारी जैसे लोगों का राजनीति में आना आने वाले समय में बलिया की राजनीति को नई दिशा दे सकता है। वहीं स्थानीय लोगों के बीच भी उनकी छवि एक शिक्षित, सुलझे हुए और विकासोन्मुखी नेता के रूप में धीरे-धीरे मजबूत होती दिखाई दे रही है।
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UPSC में सफलता पर बलिया के जमुना राम मेमोरियल स्कूल में आदित्य कृष्ण तिवारी का सम्मान
जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले आदित्य कृष्ण तिवारी को विद्यालय परिसर में सम्मानित किया गया। विद्यालय परिवार की ओर से उन्हें अंगवस्त्र व पुष्प भेंट कर सम्मानित करते हुए उनकी इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर आदित्य के पिता अशोक तिवारी, अरुण तिवारी सहित परिवार के अन्य सदस्यों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रबंधक प्रोफेसर धर्मात्मा नंद, प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह, अरविंद चौबे, आनंद मिश्रा समेत अन्य शिक्षकों व गणमान्य लोगों ने आदित्य को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम में केसरी नंदन त्रिपाठी (पूर्व चेयरमैन) तथा अमरजीत सिंह (चेयरमैन, नगर पंचायत चितबड़ागांव) भी उपस्थित रहे। उन्होंने आदित्य कृष्ण तिवारी को उनकी सफलता पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा
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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।


