Uncategorized
बलिया में वायरल बुखार का कहर, CMO और CMS ने दिया चौंकाने वाला बयान
बलिया में वायरल बुखार का कहर लगातार खतरनाक रूप से बढ़ते जा रहा है। जिले के लोग बड़ी संख्या में रहस्यमयी बुखार के शिकार होते जा रहे हैं। जिला अस्पताल में बुखार से पीड़ित 100 से 120 मरीज हर दिन पहुंच रहे हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि जिले में वायरल और रहस्यमयी बुखार की चपेट में आने वाले लोगों की संख्या में तकरीबन हर दिन 15 से 20 फीसदी की बढ़ोतरी हो रही है। इनमें से कई लोग डेंगु बुखार से ग्रसित हैं।
बलिया में पसरे वायरल बुखार पर सीएमएस बलिया ने बलिया खबर से बातचीत में कहा कि “हमारे यहां पूरी व्यवस्था है। डेंगु के मरीजों के लिए अलग से एक वार्ड बनाया गया है। डेंगु बुखार के मरीजों के लिए 10 बेड की व्यवस्था अलग से की गई है। जिला अस्पताल के जितने भी चिकित्सक हैं सब इससे निपटने में लगे हैं।” जिला अस्पताल में बेड भर जाने के चलते लोगों की भर्ती नहीं हो पाने के सवाल पर सीएमएस ने कहा कि “हमारी पूरी कोशिश रहती है कि सभी मरीजों की भर्ती कर ली जाए लेकिन जब बेड भर जाती है तब हमारी मजबूरी हो जाती है। ऐसी स्थिति में हम मरीजों को दवाई देकर घर भेज देते हैं। आखिर बुखार में आराम ही तो करना होता है।”
वायरल बुखार की चपेट में बड़ी संख्या में लोग आ रहे हैं। बदन दर्द, हल्की खांसी के साथ लोगों को बुखार हो रहा है। इस खतरनाक स्थिति पर बलिया के सीएमओ ने कहा कि “हमारे यहां डोर-टू-डोर सर्वे चल रहा है। उसमें जो भी बुखार के मरीज मिल रहे हैं उनका डेंगु, मलेरिया और टायफाइड की जांच की जा रही है। फिलहाल हमारे यहां कोई इन तीन जांचों में पॉजिटिव नहीं पाया गया है। पूरे साल में अब तक कुल 15 डेंगु के मरीज हैं जो पहले के ही हैं।”
सीएमओ ने कहा कि “जिला अस्पताल में डेंगु के लिए कुल 10 बेड आरक्षित हैं। साथ ही हर सीएचसी पर पांच बेड आरक्षित रखे गये हैं। जिला अस्पताल में डेंगु के सभी बेड खाली हैं। बाकि जो वायरल बुखार के शिकार हैं उन्हें दवा देकर घर भेजा जाता है। साथ ही उनके घर के आसपास दवा का छिड़काव भी कराया जाता है।”
जमीनी हकीकत ये है कि इस वायरल और रहस्यमयी बुखार से निपटने के लिए बलिया का जिला अस्पताल पूरी तरह तैयार नहीं है। जिला अस्पताल की हालत खराब हो चुकी है। अस्पताल में संसाधनों की भारी कमी है। साथ ही चिकित्सकों की संख्या भी पर्याप्त नहीं है। बलिया के जिला अस्पताल में एक नया भवन है और एक पुराना भवन है। दोनों भवनों को मिलाकर पूरे अस्पताल में कुल 326 बेड उपलब्ध हैं। इनमें से 236 बेड ही इस्तेमाल हो रहे हैं। बाकि बेड अस्पताल में धूल फांक रहे हैं।
जिला अस्पताल में कुल 24 चिकित्सक मौजूद हैं। इनमें रेडियोलॉजिस्ट भी शामिल हैं। चिकित्सकों की इतनी संख्या वर्तमान हालातों से निपटने में सक्षम नहीं है। मानक के मुताबिक 176 बेड के लिए 30 चिकित्सक होने चाहिए। इस लिहाज से देखा जाए तो जिला अस्पताल में 326 बेड के लिए लगभग साठ चिकित्सक होने चाहिए। लेकिन अस्पताल में जरूरत के हिसाब से आधे से भी कम चिकित्सकों की तैनाती है।


Uncategorized
जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
Uncategorized
माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।
Uncategorized
बलिया में सनसनीखेज वारदात: सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक की गोली मारकर हत्या, शिक्षिका घायल
बलिया। जिले में दिनदहाड़े एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक अपनी बाइक पर स्कूल की एक शिक्षिका को लेकर घर लौट रहे थे, तभी तीन बदमाशों ने रास्ते में उन्हें रोककर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। इस हमले में प्रधानाध्यापक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि शिक्षिका गंभीर रूप से घायल हो गईं।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल शिक्षिका को अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है। हत्या के पीछे पुरानी रंजिश या अन्य कारणों की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है।
-
featured2 weeks agoBHU छात्र नेता योगेश योगी के प्रयास से एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को मिली मंजूरी!
-
फेफना2 weeks agoमकर संक्रांति पर टोंस तट पर सजा चिंतामणि ब्रह्म का ऐतिहासिक मेला, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
-
featured3 days agoUGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
-
featured13 hours agoPhotos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न
-
featured2 days ago


