उत्तर प्रदेश
सिकरौरा नरसंहार कांड- 32 साल पहले हुई 7 लोगों की नृशंस हत्या में बृजेश सिंह बरी
यूपी के चर्चित सिकरौरा नरसंहार कांड में 32 साल बाद गुरुवार को कोर्ट का फैसला आ गया। चंदौली जिले के बलुआ थाना अंतर्गत सिकरौरा गांव में 32 साल पहले हुई सात लोगों की नृशंस हत्या के अहम आरोपी एमएलसी बृजेश सिंह को वाराणसी कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया। अपर जिला जज सप्तम राजीव कमल पांडेय की अदालत ने एमएलसी बृजेश सिंह को सिकरौरा नरसंहार कांड से दोषमुक्त किया है। 48 पेज के फैसले में अदालत ने वादिनी हीरावती देवी के वर्तमान के बयान और पूर्व में दिए गए बयान को विरोधाभासी बताया।
कोर्ट ने कहा कि आरोपी बृजेश की शिनाख्त नहीं कराना अभियोजन की कमी थी। गिरफ्तारी और साइकिल बरामदगी के समय के दो गवाहों को अभियोजन के द्वारा बयान नहीं कराने पर बृजेश की उपस्थिति संदिग्ध मानी गई। हत्या करने का उद्देश्य साबित न करना, साजिश सिद्ध न करना, पूर्व में बरी छह आरोपियों का आधार, गवाहों के बयान में भिन्नता, डॉक्टर का बयान आदि बृजेश को दोषमुक्त करने में अहम कड़ी साबित हुए। हालांकि इस प्रकरण में दोषमुक्त होने के बावजूद अभी भी बृजेश सेंट्रल जेल में ही रहेंगे।
9 अप्रैल 1986 की रात चंदौली जिले के बलुआ थाना अंतर्गत सिकरौरा गांव के प्रधान रामचंद्र यादव, उसके दो भाई रामजन्म व सियाराम और चार मासूम बच्चों मदन, उमेश, टुनटुन व प्रमोद की नृशंस तरीके से हत्या कर दी गई थी। वारदात की वजह जमीन संबंधी विवाद और ग्राम प्रधान चुनाव की रंजिश बताई गई थी। रामचंद्र की पत्नी हीरावती देवी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में आरोपी बृजेश सिंह को नामजद नहीं किया गया था। प्राथमिकी दर्ज कराने के समय और बयान में अदालत ने भिन्नता पाई।
अदालत में डॉक्टर ने बयान दिया कि जिस हथियार गड़ासा की बात कही गई है उससे हत्या नहीं हो सकती बल्कि बल्लमनुमा हथियार की चोट मृतकों के शरीर पर पाई गई थी। वादिनी ने पूर्व के बयान में कहा था कि उसने सीढ़ी से उतरते हुए पंचम और देवेंद्र को देखा था। जबकि, बाद के बयान में कहा कि सीढ़ी से पंचम और बृजेश को उतरते देखा था। इस वजह से अदालत ने वादिनी के बयान को अविश्वसनीय माना।
बता दें कि इस प्रकरण के छह आरोपी पहले ही बरी किए जा चुके हैं। 2008 में बृजेश की ओडिशा के भुवनेश्वर से गिरफ्तारी के बाद हाईकोर्ट इलाहाबाद के निर्देश पर मामले की त्वरित सुनवाई जिले की अदालत में शुरू हुई। शुरुआत में मामला वारदात के समय बृजेश के बालिग और नाबालिग होने को लेकर अटका रहा। वारदात के दौरान बृजेश के बालिग घोषित होने पर ट्रायल शुरू हुआ।
गुरुवार को सिकरौरा कांड की सुनवाई के दौरान बृजेश समर्थकों से कचहरी परिसर पटा रहा और पांच थानोें की फोर्स, पीएसी व स्वॉट टीम के साथ एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह तैनात रहे। अदालत के फैसले के बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में बृजेश को लेकर पुलिस सेंट्रल जेल चली गई।
उत्तर प्रदेश
राष्ट्रीय खेल दिवस पर जमुना राम मेमोरियल स्कूल में भव्य पुरस्कार वितरण समारोह
चितबड़ागांव, बलिया। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर मनाए जा रहे राष्ट्रीय खेल दिवस के तहत जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव में आयोजित विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का पुरस्कार वितरण समारोह बुधवार, 30 सितंबर 2026 को विद्यालय परिसर में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।
समारोह में कबड्डी, हॉकी, हैंडबॉल और 100 मीटर दौड़ समेत विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार पाकर विजेता खिलाड़ियों के चेहरे पर खुशी नजर आई।
कार्यक्रम का सफल संचालन इरफान अंसारी ने किया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजीनियर तुषारनंद ने विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि खेल बच्चों में अनुशासन, टीम भावना और आत्मविश्वास विकसित करता है। उन्होंने मेजर ध्यानचंद के जीवन से प्रेरणा लेकर विद्यालय और देश का नाम रोशन करने के लिए विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया।

प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ खेल भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों की सराहना की।
विद्यालय के शारीरिक शिक्षक सरदार मोहम्मद अफ़ज़ल और हैंडबॉल प्रशिक्षक मनोज कुमार पाण्डेय के अथक प्रयासों से खेल प्रतियोगिताओं और पुरस्कार वितरण समारोह को सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
इस अवसर पर इंचार्ज अरविन्द चौबे, चन्द्रकेश गुप्ता, हेमन्त गुप्ता, प्रिया पाण्डेय, साधना राय समेत विद्यालय के समस्त शिक्षकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में विजेता खिलाड़ियों और शिक्षकों के साथ फोटो सेशन किया गया और समारोह का समापन हुआ।
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बलिया का बढ़ा मान! जमुना राम मेमोरियल स्कूल सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल के फाइनल में
मिर्जापुर। सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क, मिर्जापुर में आयोजित सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल प्रतियोगिता 2026-27 में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव (बलिया) की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में प्रवेश कर लिया।
प्रतियोगिता के दूसरे दिन खेले गए रोमांचक मुकाबले में जमुना राम मेमोरियल स्कूल ने मेजबान सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क को 06-02 के बड़े अंतर से हराया। मैच की शुरुआत से ही जमुना राम मेमोरियल स्कूल की टीम ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया और पूरे मुकाबले में अपनी पकड़ बनाए रखी।
टीम की ओर से अंकिता कुशवाहा ने 2, रितिका यादव ने 2, आइशा गुप्ता ने 1 और श्रेया ने 1 गोल कर टीम की जीत में अहम योगदान दिया। इस शानदार जीत के साथ टीम ने प्रतियोगिता के खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की कर ली है। फाइनल मुकाबला कल खेला जाएगा।
टीम की सफलता पर विद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजीनियर तुषारनंद एवं प्रधानाचार्य अजीत सिंह ने खिलाड़ियों और खेल स्टाफ को बधाई दी। उन्होंने शारीरिक शिक्षक सरदार मोहम्मद अफ़ज़ल, टीम प्रशिक्षक मनोज कुमार और टीम मैनेजर रश्मि श्रीवास्तव को भी शुभकामनाएं देते हुए फाइनल के लिए उत्साह बढ़ाया।
इस अवसर पर इंचार्ज अरविंद चौबे, आनन्द मिश्रा, नीतू मिश्रा सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें फाइनल के लिए शुभकामनाएं दीं।
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PET परीक्षा में फर्जीवाड़ा, बलिया के बांसडीह CHC के मेडिकल ऑफिसर अमित गुप्ता गिरफ्तार
बलिया। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) में धांधली करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने बलिया के बांसडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में तैनात मेडिकल ऑफिसर अमित गुप्ता को गिरफ्तार किया है। आरोपी डॉक्टर पर अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर फर्जी दस्तावेज के जरिए सॉल्वर को परीक्षा में बैठाने का गंभीर आरोप है। पुलिस ने इस मामले में दो अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया है।
कैसे चलता था खेल
पुलिस के मुताबिक, गिरोह अभ्यर्थियों से 50 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक वसूलता था। इसके बाद एडमिट कार्ड और पहचान पत्र में हेरफेर कर किसी अन्य व्यक्ति को परीक्षा देने के लिए भेजा जाता था। इस खेल को मेडिकल ऑफिसर अमित गुप्ता संगठित तरीके से संचालित कर रहा था।
गिरफ्तारी और बरामदगी
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से फर्जी आधार कार्ड, एडमिट कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश जारी है।
पुलिस का सख्त रुख
एसपी ने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अमित गुप्ता समेत तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है और पूरे नेटवर्क की गहन जांच चल रही है।
यह गिरफ्तारी जिले में स्वास्थ्य विभाग और परीक्षा प्रणाली दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
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