बलिया
बलिया के 23 सड़कों के पुनर्निर्माण को प्रदेश सरकार से मिली स्वीकृति, लागत 45 करोड़
बलिया जनपद की जनता के लिए सबसे बड़ी समस्याओं में टूटी हुई सड़कें सबसे ऊपर हैं। टूटे और गड्ढों से भरी सड़कों पर आवाजाही से लोग आतुर हो चुके हैं। बारिश के दिनों में ये दिक्कत और भी विकराल रूप धारण कर लेती है। जहां-तहां कई बार लोग सड़क की मुसीबत पर धरना-प्रदर्शन भी करते रहते हैं। अब उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से बलिया जनपद के 23 सड़कों के निर्माण की स्वीकृति मिल गई है।
इन 23 उधड़ी हई सड़कों के निर्माण में लगभग 45 करोड़ रुपए की धनराशि खर्च होगी। प्रदेश सरकार राज्य सड़क निधि से बलिया के 23 सड़कों के निर्माण के लिए पैसे देगी। शासन की ओर से सड़क निर्माण का काम शुरू करने के लिए सवा चार करोड़ रुपए की पहली किस्त भी जारी कर दी गई है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से टेंडर निकाला जाएगा।
बता दें कि बलिया में शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक की सड़कों का हाल एक जैसा ही दिखता है। जगह-जगह सड़कें उखड़ी हुई हैं। जिसकी वजह से आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। भारी वाहनों के कलपुर्जे ढीले होने लगते हैं। सड़कों को दुरुस्त करने की मांग तेजी से उठ रही थी। इसे देखते हुए पीडब्ल्यूडी की ओर प्रदेश सरकार को कई सड़कों के पुनर्निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजे गए थे।
पीडब्ल्यूडी ने शासन को राज्य सड़क निधि और अन्य योजनाओं के तहत इस बाबत प्रस्ताव भेजा था। इस प्रस्ताव को स्वीकृति देते हुए शासन ने कुल 23 मार्गों के पुनर्निर्माण की अनुमति दी है। जल्द ही इस कार्य के लिए टेंडर निकाला जाएगा। जिसके बाद सड़कों के निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा। देखने वाली बात होगी कि कब तक बलिया जनपद के लोगों को नए सड़कों पर चलने का मौका मिलता है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के आलोक में भी यह कार्य बेहद महत्वपुर्ण साबित हो सकती है। बलिया जिले में जल निकासी और सड़क दो बड़े मुद्दे हैं। इन दोनों समस्याओं का सामना जनपद का लगभग हर व्यक्ति करने को मजबूर है। ऐसे में चुनाव से ठीक पहले चमचमाती सड़कें प्रदेश की सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी को फायदा भी पहुंचा सकती है। बलिया के सियासी हलकों में ये कयासें लगाई जा रही हैं।
बलिया
शिक्षा पदम सम्मान 2025 से सम्मानित हुए हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल के युवा निदेशक डॉ. परवेज अंसारी
हिमाचल प्रदेश के प्रतिष्ठित हिलटॉप पब्लिक स्कूल में आयोजित भव्य सम्मान समारोह में हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल के युवा निदेशक डॉ. परवेज अंसारी को “शिक्षा पदम सम्मान 2025” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उनके 10 वर्षों से अधिक की समर्पित सेवा और अभिनव प्रयासों के लिए प्रदान किया गया।
डॉ. अंसारी की नेतृत्व क्षमता और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता ने स्कूल को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। उनके मार्गदर्शन में हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. परवेज अंसारी ने कहा —
“यह सम्मान मेरे लिए प्रेरणा का स्रोत है। मैं शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नवाचार और सुधार के लिए प्रयासरत रहूँगा।”
उनकी इस उपलब्धि से न केवल स्कूल परिवार बल्कि पूरे जनपद में गर्व की भावना व्याप्त है।
फेफना
दिखाया जज़्बा: जमुना राम मेमोरियल स्कूल के कराटे वीरों ने जीते 22 पदक, बलिया में बजाया अपना डंका
बलिया के बापू भवन में आयोजित 2nd Gyanti Devi Memorial Cup District Karate Championship 2K25 में जिले के लगभग 15 विद्यालयों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, मानपुर चितबड़ागांव के 22 छात्रों ने प्रतिभाग कर दमखम दिखाया।
शानदार प्रदर्शन करते हुए स्कूल के 12 छात्रों ने स्वर्ण पदक , 6 ने रजत पदक और 4 ने कांस्य पदक हासिल किए। छात्रों की इस उपलब्धि ने न केवल विद्यालय का नाम रोशन किया बल्कि माता-पिता और क्षेत्र को भी गौरवान्वित किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य अबरी के.बी. एवं प्रबंध निदेशक तुषार नंद जी ने विजेताओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और शारीरिक स्फूर्ति को बढ़ावा देती हैं।
विद्यालय प्रबंधन ने यह भी आश्वस्त किया कि भविष्य में भी छात्र ऐसे आयोजनों में भाग लेकर और बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
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बलिया की राजनीति में हलचल: भानु दुबे जल्द कर सकते हैं सपा जॉइन, अटकलों का बाजार गर्म
बलिया।
बलिया के प्रमुख सामाजिक नेता भानु दुबे जल्द ही समाजवादी पार्टी (सपा) जॉइन कर सकते हैं। हाल ही में उनके सोशल मीडिया पोस्ट और गतिविधियों से इस बात के कयास तेज हो गए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से भानु दुबे लगातार सपा के बड़े नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। उनकी इन मुलाकातों और नेताओं के काफिलों में देखे जाने के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है कि वे जल्द ही सपा का दामन थाम सकते हैं।
भानु दुबे को ब्राह्मण समाज का बड़ा चेहरा माना जाता है। सामाजिक स्तर पर उनकी लोकप्रियता भी युवाओं में काफी मजबूत है। अगर वे सपा में शामिल होते हैं तो न केवल बलिया में पार्टी को मजबूती मिलेगी, बल्कि आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में बलिया सदर सीट से उनकी दावेदारी भी बेहद मजबूत मानी जा रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भानु दुबे के सपा में आने से बलिया की राजनीति में नया समीकरण बन सकता है। और यह फैसला पूरे जिले के राजनीतिक परिदृश्य को बदल सकता है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि भानु दुबे कब और किस मंच से सपा की सदस्यता ग्रहण करते हैं और इसके बाद जिले की राजनीति कौन सा नया मोड़ लेती है।


