उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश में रूठा मानसून, ज्यादातर जिलों में सूखे की स्थिति, किसान बेचैन
यूपी में में रूठ चुका मानसून अब किसानों के लिये दर्द बनता जा रहा है. बारिश नहीं होने से धान तथा अन्य खरीफ फसलों की बुआई में हो रही देर के कारण काश्तकारों की पेशानी पर बल पड़ गये हैं. मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में एक जून से 17 जुलाई तक औसतन 249 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन इस बीच केवल 121 मिलीमीटर वर्षा ही हुई है जो सामान्य बारिश का 50 प्रतिशत भी नहीं है. राज्य के कुछ जिलों में तो ठीकठाक वर्षा हुई है लेकिन ज्यादातर जिलों में सूखे की स्थिति है.
बहरहाल, वर्षा नहीं होने की वजह से खरीफ की फसलों पर सबसे बुरा असर पड़ रहा है. मुख्य फसल धान की रोपाई के लिये किसानों को बारिश का इंतजार है. सूबे में करीब 94 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ की फसलों की बुआई होनी थी लेकिन वर्षा नहीं होने के कारण अभी तक केवल 35 लाख हेक्टेयर में ही बुआई हो सकी है.
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में कुछ स्थानों पर वर्षा हुई. बांदा में 12 सेंटीमीटर, रामसनेही घाट में आठ, सुलतानपुर, मथुरा तथा इगलास में सात-सात, सीतापुर और मुहम्मदी में छह-छह, झांसी तथा हमीरपुर में पांच-पांच, भटपुरवाघाट, वाराणसी, खीरी, बिसवां और नवाबगंज में चार-चार सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गयी. प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में बारिश ना होने और चटख धूप निकलने से उमस भरी गर्मी पड़ रही है. राजधानी लखनऊ और आसपास के इलाकों में गुरुवार रात हल्की बारिश हुई. अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के पूर्वी हिस्सों के अनेक इलाकों में और पश्चिमी भागों में ज्यादातर जगहों पर बारिश होने का अनुमान है.
आंचलिक मौसम केन्द्र के निदेशक जे.पी. गुप्ता के मुताबिक अगले तीन-चार दिन के दौरान मानसून के फिर जोर पकड़ने का अनुमान है और इस अवधि में राज्य के विभिन्न स्थानों पर बारिश होगी. प्रदेश में इतनी कम बारिश होने के कारण के बारे में उन्होंने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बनने वाला विक्षोभ दरअसल उत्तर प्रदेश से न गुजरकर मध्य भारत से गुजर जा रहा है. यही वजह है कि उत्तर प्रदेश में अभी तक अच्छी बारिश नहीं हो सकी है.
उत्तर प्रदेश
बलिया का बढ़ा मान! जमुना राम मेमोरियल स्कूल सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल के फाइनल में
मिर्जापुर। सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क, मिर्जापुर में आयोजित सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल प्रतियोगिता 2026-27 में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव (बलिया) की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में प्रवेश कर लिया।
प्रतियोगिता के दूसरे दिन खेले गए रोमांचक मुकाबले में जमुना राम मेमोरियल स्कूल ने मेजबान सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क को 06-02 के बड़े अंतर से हराया। मैच की शुरुआत से ही जमुना राम मेमोरियल स्कूल की टीम ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया और पूरे मुकाबले में अपनी पकड़ बनाए रखी।
टीम की ओर से अंकिता कुशवाहा ने 2, रितिका यादव ने 2, आइशा गुप्ता ने 1 और श्रेया ने 1 गोल कर टीम की जीत में अहम योगदान दिया। इस शानदार जीत के साथ टीम ने प्रतियोगिता के खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की कर ली है। फाइनल मुकाबला कल खेला जाएगा।
टीम की सफलता पर विद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजीनियर तुषारनंद एवं प्रधानाचार्य अजीत सिंह ने खिलाड़ियों और खेल स्टाफ को बधाई दी। उन्होंने शारीरिक शिक्षक सरदार मोहम्मद अफ़ज़ल, टीम प्रशिक्षक मनोज कुमार और टीम मैनेजर रश्मि श्रीवास्तव को भी शुभकामनाएं देते हुए फाइनल के लिए उत्साह बढ़ाया।
इस अवसर पर इंचार्ज अरविंद चौबे, आनन्द मिश्रा, नीतू मिश्रा सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें फाइनल के लिए शुभकामनाएं दीं।
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PET परीक्षा में फर्जीवाड़ा, बलिया के बांसडीह CHC के मेडिकल ऑफिसर अमित गुप्ता गिरफ्तार
बलिया। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) में धांधली करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने बलिया के बांसडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में तैनात मेडिकल ऑफिसर अमित गुप्ता को गिरफ्तार किया है। आरोपी डॉक्टर पर अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर फर्जी दस्तावेज के जरिए सॉल्वर को परीक्षा में बैठाने का गंभीर आरोप है। पुलिस ने इस मामले में दो अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया है।
कैसे चलता था खेल
पुलिस के मुताबिक, गिरोह अभ्यर्थियों से 50 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक वसूलता था। इसके बाद एडमिट कार्ड और पहचान पत्र में हेरफेर कर किसी अन्य व्यक्ति को परीक्षा देने के लिए भेजा जाता था। इस खेल को मेडिकल ऑफिसर अमित गुप्ता संगठित तरीके से संचालित कर रहा था।
गिरफ्तारी और बरामदगी
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से फर्जी आधार कार्ड, एडमिट कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश जारी है।
पुलिस का सख्त रुख
एसपी ने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अमित गुप्ता समेत तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है और पूरे नेटवर्क की गहन जांच चल रही है।
यह गिरफ्तारी जिले में स्वास्थ्य विभाग और परीक्षा प्रणाली दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
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गाली देने वाले शहरों के टॉप 10 में शामिल हुआ बलिया, 73% लोग करते हैं गालियों का इस्तेमाल
बलिया। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले का नाम अब उन शहरों की लिस्ट में शामिल हो गया है, जहाँ गालियों का इस्तेमाल सबसे ज्यादा होता है। हाल ही में जारी एक सर्वे के मुताबिक, बलिया के 73% लोगों ने खुद कबूल किया कि वे बातचीत के दौरान गालियों का प्रयोग करते हैं।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि अब यह आदत सिर्फ युवाओं और बड़ों तक सीमित नहीं रही, बल्कि चौथी क्लास तक के बच्चे भी गालियां देने लगे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इसका कारण सोशल मीडिया, मोबाइल गेम्स और घर-परिवार का माहौल है।
विशेषज्ञों की चेतावनी
मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि गालियों की बढ़ती आदत न केवल भाषा को दूषित कर रही है, बल्कि बच्चों और युवाओं के व्यक्तित्व और मानसिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर डाल रही है। उन्होंने माता-पिता और शिक्षकों से बच्चों को बेहतर वातावरण और सही भाषा सिखाने की अपील की।
टॉप 10 शहर जहाँ सबसे ज्यादा गालियां दी जाती हैं
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कानपुर – 78%
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लखनऊ – 76%
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वाराणसी – 76%
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मुरादाबाद – 76%
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संतकबीरनगर – 76%
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मेरठ – 75%
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प्रयागराज – 75%
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गौतमबुद्ध नगर – 73%
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बलिया – 73%
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मिर्जापुर – 73%
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