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उत्तर प्रदेश

यूपी के 16 जिलों में लॉकडाउन के बाद सरकार ने जारी किए ये 11 महत्वपूर्ण निर्देश

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यूपी में जैसे-जैसे कोरोना वायरस का खतरा बढ़ता जा रहा है प्रदेश सरकार इसे रोकने के लिए निर्देश जारी करती जा रही है। रविवार को प्रदेश के 16 जिलों में पूरी तरह लॉकडाउन करने के बाद सोमवार को योगी सरकार ने जिलों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व पुलिस अधीक्षक के लिए 11 निर्देश जारी किए हैं। इसके बाद अब किसी भी स्थान पर पांच से अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

बता दें कि दिल्ली, पुणे और मुंबई से बड़ी संख्या में लोगों के यूपी आने के बाद संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। जिसे देखते हुए सरकार से अफसरों के लिए 11 निर्देश जारी किए हैं:

1. किसी भी स्थान पर पांच से अधिक व्यक्तियों की भीड़ एकत्रित न हो।

2. पिछले दो सप्ताह में बाहर से प्रदेश में आए व्यक्तियों पर निगरानी रखी जाए और जरूरत पड़ने पर उन्हें क्वारंटीन करने के साथ ही उनकी जांच की जाए। इसमें ग्राम प्रधान, आंगनबाड़ी कार्यकत्री व आशा कर्मियों का सहयोग लिया जाए।

3. सभी जिलों व ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई का व्यापक एवं निरंतर अभियान चलाया जाए ताकि कहीं कोई कूड़ा या गंदगी न दिखाई दे।

4. जिन आवश्यक सेवाओं को लॉकडाउन से मुक्त रखा गया है उनके कर्मियों को अपने कार्यालय अथवा कार्य-स्थलों पर जाने से रोका जाय।

5. आम लोगों को दैनिक उपयोग में आने वाली वस्तुओं को प्राप्त करने में कोई कठिनाई न हो। इसके लिए दूध, सब्जियों आदि की आपूर्ति हेतु मोहल्लों में ठेला विक्रेताओं एवं छोटे वाहनों से विक्रय की व्यवस्था की जाय, ताकि लोगों को इन वस्तुओं को लेने हेतु घर से दूर न जाना पड़े।

6. लाउडस्पीकर से जन सामान्य को लॉकडाउन अवधि में यथासंभव घर के अंदर रहने, भीड़ एकत्रित न करने व अन्य सावधानियां बरतने में जानकारी दी जाए।

दवाओं सहित आवश्यक वस्तुओं के मूल्यों पर निरंतर नजर रखी जाए

7. दवाओं सहित आवश्यक वस्तुओं के मूल्यों पर निरंतर दृष्टि रखी जाए। जमाखोरी, कालाबाजारी एवं मुनाफाखोरी में लिप्त व्यक्तियों के विरुद्घ कार्रवाई की जाए और इसकी सूचना खाद्य आयुक्त/प्रमुख सचिव, खाद्य एवं रसद को दी जाए।

8. राशन की दुकानों के माध्यम से वितरण की सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती की जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक राशन की दुकान पर सैनिटाइजर/साबुन से हाथ धोने की समुचित व्यवस्था हो।

9. अस्वस्थ एवं वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए उन्हें घर में सेवा प्रदान करने वाली नर्सेज/पैरा मेडिकल स्टाफ एवं अन्य व्यक्तियों को भी जाने से न रोका जाए।

10. सार्वजनिक पार्कों में भी लोगों को टहलने एवं एकत्रित होने से रोका जाए।

11. अपने-अपने जिलों में 24 घंटे एक कंट्रोल रूम की स्थापना करते हुए इसकी निरंतर समीक्षा की जाए और इस संबंध में सूचनाएं संकलित कर शासन के संबंधित विभाग के अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव को दी जाए।

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उत्तर प्रदेश

बलिया का बढ़ा मान! जमुना राम मेमोरियल स्कूल सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल के फाइनल में

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मिर्जापुर। सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क, मिर्जापुर में आयोजित सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल प्रतियोगिता 2026-27 में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव (बलिया) की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में प्रवेश कर लिया।

प्रतियोगिता के दूसरे दिन खेले गए रोमांचक मुकाबले में जमुना राम मेमोरियल स्कूल ने मेजबान सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क को 06-02 के बड़े अंतर से हराया। मैच की शुरुआत से ही जमुना राम मेमोरियल स्कूल की टीम ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया और पूरे मुकाबले में अपनी पकड़ बनाए रखी।

टीम की ओर से अंकिता कुशवाहा ने 2, रितिका यादव ने 2, आइशा गुप्ता ने 1 और श्रेया ने 1 गोल कर टीम की जीत में अहम योगदान दिया। इस शानदार जीत के साथ टीम ने प्रतियोगिता के खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की कर ली है। फाइनल मुकाबला कल खेला जाएगा।

टीम की सफलता पर विद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजीनियर तुषारनंद एवं प्रधानाचार्य अजीत सिंह ने खिलाड़ियों और खेल स्टाफ को बधाई दी। उन्होंने शारीरिक शिक्षक सरदार मोहम्मद अफ़ज़ल, टीम प्रशिक्षक मनोज कुमार और टीम मैनेजर रश्मि श्रीवास्तव को भी शुभकामनाएं देते हुए फाइनल के लिए उत्साह बढ़ाया।

इस अवसर पर इंचार्ज अरविंद चौबे, आनन्द मिश्रा, नीतू मिश्रा सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें फाइनल के लिए शुभकामनाएं दीं।

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PET परीक्षा में फर्जीवाड़ा, बलिया के बांसडीह CHC के मेडिकल ऑफिसर अमित गुप्ता गिरफ्तार

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बलिया। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) में धांधली करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने बलिया के बांसडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में तैनात मेडिकल ऑफिसर अमित गुप्ता को गिरफ्तार किया है। आरोपी डॉक्टर पर अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर फर्जी दस्तावेज के जरिए सॉल्वर को परीक्षा में बैठाने का गंभीर आरोप है। पुलिस ने इस मामले में दो अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया है।

कैसे चलता था खेल
पुलिस के मुताबिक, गिरोह अभ्यर्थियों से 50 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक वसूलता था। इसके बाद एडमिट कार्ड और पहचान पत्र में हेरफेर कर किसी अन्य व्यक्ति को परीक्षा देने के लिए भेजा जाता था। इस खेल को मेडिकल ऑफिसर अमित गुप्ता संगठित तरीके से संचालित कर रहा था।

गिरफ्तारी और बरामदगी
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से फर्जी आधार कार्ड, एडमिट कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश जारी है।

पुलिस का सख्त रुख
एसपी ने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अमित गुप्ता समेत तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है और पूरे नेटवर्क की गहन जांच चल रही है।

यह गिरफ्तारी जिले में स्वास्थ्य विभाग और परीक्षा प्रणाली दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

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गाली देने वाले शहरों के टॉप 10 में शामिल हुआ बलिया, 73% लोग करते हैं गालियों का इस्तेमाल

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बलिया। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले का नाम अब उन शहरों की लिस्ट में शामिल हो गया है, जहाँ गालियों का इस्तेमाल सबसे ज्यादा होता है। हाल ही में जारी एक सर्वे के मुताबिक, बलिया के 73% लोगों ने खुद कबूल किया कि वे बातचीत के दौरान गालियों का प्रयोग करते हैं।

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि अब यह आदत सिर्फ युवाओं और बड़ों तक सीमित नहीं रही, बल्कि चौथी क्लास तक के बच्चे भी गालियां देने लगे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इसका कारण सोशल मीडिया, मोबाइल गेम्स और घर-परिवार का माहौल है।

विशेषज्ञों की चेतावनी

मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि गालियों की बढ़ती आदत न केवल भाषा को दूषित कर रही है, बल्कि बच्चों और युवाओं के व्यक्तित्व और मानसिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर डाल रही है। उन्होंने माता-पिता और शिक्षकों से बच्चों को बेहतर वातावरण और सही भाषा सिखाने की अपील की।

टॉप 10 शहर जहाँ सबसे ज्यादा गालियां दी जाती हैं

  1. कानपुर – 78%

  2. लखनऊ – 76%

  3. वाराणसी – 76%

  4. मुरादाबाद – 76%

  5. संतकबीरनगर – 76%

  6. मेरठ – 75%

  7. प्रयागराज – 75%

  8. गौतमबुद्ध नगर – 73%

  9. बलिया – 73%

  10. मिर्जापुर – 73%

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