बलिया
6 साल पहले बना ट्रामा सेंटर अब तक नहीं हुआ चालू, धूल फांक रही करोड़ों की मशीनें
बलियावासियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए ट्रामा सेंटर का निर्माण किया गया था। लेकिन 6 साल बीतने के बाद भी ट्रामा सेंटर चालू नहीं हो सका। 157.43 लाख की लागत से बनी यह बिल्डिंग शो-पीस बनकर रह गई है। यहां गंभीर मरीजों के इलाज के बजाय टीकाकरण और ओपीडी संचालित की जा रही है।
फेफना विधायक संग्राम सिंह यादव और बैरिया से विधायक जयप्रकाश अंचल ने ट्रामा सेंटर की समस्या को विधानसभा में उटाया और सरकार से ट्रामा सेंटर में सुविधाएं बढ़ाने की मांग की। बता दें कि साल 2014-15 में सपा सरकार के द्वारा इस ट्रामा सेंटर का निर्माण हुआ था। गाजीपुर की कार्यदायी संस्था उप्र आवास एवं विकास परिषद ने इस भवन का निर्माण कार्य पूरा करके बिल्डिंग स्वास्थ्य विभाग को सौंप दी।
इस बिल्डिंग का उद्घाटन 20 दिसंबर 2016 को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री शिवाकांत ओझा, राज्यसभा सांसद नीरज शेखर, तब के विधायक नारद राय और एमएलसी रविशंकर सिंह पप्पू ने किया था। पिछले छह साल में ट्रामा सेंटर संचालित करने के लिए करोड़ों रुपए की मशीनें आई लेकिन मैन पावर के अभाव अबतक ट्रामा सेंटर चालू नहीं हो सका।
ट्रामा सेंटर के लिए कुल मिलाकर 50 डॉक्टर व कर्मचारी की आवश्यकता है। इसके लिए कई बार पत्र लिखकर मैन पावर की मांग की गई लेकिन पिछले 6 सालों में सिर्फ 2 आर्थोसर्जन की ही तैनाती हुई है। अभी अस्पताल में दो एनेस्थेटिस्ट, दो जनरल सर्जन, तीन कैजुअली मेडिकल ऑफिसर, 15 स्टाफ नर्स, तीन ओटी टेक्नीशियन, तीन रेडियोग्राफर, दो लैब टेक्नीशियन, नौ नर्सिंग असिस्टेंट और नौ मल्टी टास्क वर्कर के पद रिक्त हैं।
ट्रामा सेंटर में अबतक आधा दर्जन वेंटीलेटर, दो ओटी टेबल, दो टोरांकित सेट मशीन, एक इलेक्टिक ड्रिल सा सेट, दो काट्री मशीन, दो ओटी लाइट और एक सिरिंज इन्फ्ऱूजन पम्प आ चुका है लेकिन स्टाफ नहीं होने से मशीनें सिर्फ धूल फांक रही है। कई मशीनों पर पर्दे पड़े हैं। मरीज आते हैं इन मशीनों को देखते हुए चले जाते हैं लेकिन उन्हें ट्रामा सेंटर में इलाज नहीं मिल पाता। जिसके कारण मरीज वाराणसी तक दौड़ लगा रहे हैं।
बलिया
शिक्षा पदम सम्मान 2025 से सम्मानित हुए हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल के युवा निदेशक डॉ. परवेज अंसारी
हिमाचल प्रदेश के प्रतिष्ठित हिलटॉप पब्लिक स्कूल में आयोजित भव्य सम्मान समारोह में हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल के युवा निदेशक डॉ. परवेज अंसारी को “शिक्षा पदम सम्मान 2025” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उनके 10 वर्षों से अधिक की समर्पित सेवा और अभिनव प्रयासों के लिए प्रदान किया गया।
डॉ. अंसारी की नेतृत्व क्षमता और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता ने स्कूल को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। उनके मार्गदर्शन में हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. परवेज अंसारी ने कहा —
“यह सम्मान मेरे लिए प्रेरणा का स्रोत है। मैं शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नवाचार और सुधार के लिए प्रयासरत रहूँगा।”
उनकी इस उपलब्धि से न केवल स्कूल परिवार बल्कि पूरे जनपद में गर्व की भावना व्याप्त है।
फेफना
दिखाया जज़्बा: जमुना राम मेमोरियल स्कूल के कराटे वीरों ने जीते 22 पदक, बलिया में बजाया अपना डंका
बलिया के बापू भवन में आयोजित 2nd Gyanti Devi Memorial Cup District Karate Championship 2K25 में जिले के लगभग 15 विद्यालयों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, मानपुर चितबड़ागांव के 22 छात्रों ने प्रतिभाग कर दमखम दिखाया।
शानदार प्रदर्शन करते हुए स्कूल के 12 छात्रों ने स्वर्ण पदक , 6 ने रजत पदक और 4 ने कांस्य पदक हासिल किए। छात्रों की इस उपलब्धि ने न केवल विद्यालय का नाम रोशन किया बल्कि माता-पिता और क्षेत्र को भी गौरवान्वित किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य अबरी के.बी. एवं प्रबंध निदेशक तुषार नंद जी ने विजेताओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और शारीरिक स्फूर्ति को बढ़ावा देती हैं।
विद्यालय प्रबंधन ने यह भी आश्वस्त किया कि भविष्य में भी छात्र ऐसे आयोजनों में भाग लेकर और बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
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बलिया की राजनीति में हलचल: भानु दुबे जल्द कर सकते हैं सपा जॉइन, अटकलों का बाजार गर्म
बलिया।
बलिया के प्रमुख सामाजिक नेता भानु दुबे जल्द ही समाजवादी पार्टी (सपा) जॉइन कर सकते हैं। हाल ही में उनके सोशल मीडिया पोस्ट और गतिविधियों से इस बात के कयास तेज हो गए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से भानु दुबे लगातार सपा के बड़े नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। उनकी इन मुलाकातों और नेताओं के काफिलों में देखे जाने के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है कि वे जल्द ही सपा का दामन थाम सकते हैं।
भानु दुबे को ब्राह्मण समाज का बड़ा चेहरा माना जाता है। सामाजिक स्तर पर उनकी लोकप्रियता भी युवाओं में काफी मजबूत है। अगर वे सपा में शामिल होते हैं तो न केवल बलिया में पार्टी को मजबूती मिलेगी, बल्कि आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में बलिया सदर सीट से उनकी दावेदारी भी बेहद मजबूत मानी जा रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भानु दुबे के सपा में आने से बलिया की राजनीति में नया समीकरण बन सकता है। और यह फैसला पूरे जिले के राजनीतिक परिदृश्य को बदल सकता है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि भानु दुबे कब और किस मंच से सपा की सदस्यता ग्रहण करते हैं और इसके बाद जिले की राजनीति कौन सा नया मोड़ लेती है।


