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बलिया के इन 83 गांवों को जल्द ही मिलेंगे नए कोटेदार, यहाँ देखें पूरी लिस्ट !

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बलिया डेस्क : बलिया में रिक्त चल रही सार्वजनिक वितरण प्रणाली की उचित दर की 83 दुकानों को जल्द ही कोटेदार मिल जाएंगे। इसके लिए प्रशासन ने सितंबर माह में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। आयुक्त खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा जारी शासनादेश के अनुपालन में जारी जिला पूर्ति अधिकारी के आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि रिक्त दुकानों की नियुक्तियों में ग्राम्य विकास विभाग के अंतर्गत कार्यरत स्वयं सहायता समूहों को प्रथम वरीयता दी जाएगी।

जनपद में उपलब्ध उचित दर की दुकानों के उपलब्ध ऑनलाइन रिपोर्ट की समीक्षा के आधार पर यह पाया गया है कि जिले में कुल 1332 दुकानों के सापेक्ष 83 उचित दर की दुकानें रिक्त चल रहीं हैं। इन दुकानों को निर्धारित व्यवस्था के अंतर्गत विशेष अभियान चलाकर रिक्तियों को समाप्त किया जाना है। इसके अलावा 37 उचित दर की दुकानें निलंबित हैं जिन्हें तत्काल प्रभाव से निस्तारित करने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं।

इन्हें मिलेगी वरीयता- इस संबंध में समस्त उपजिलाधिकारी व खंड विकास अधिकारी को निर्देशित भी किया जा चुका है। यही नहीं जिन दुकानों पर न्यायालय से कोई स्थगन आदेश न हो उन्हें भी शासनादेश के तहत आरक्षण के अनुसार एक पखवारे के भीतर खुली बैठक में नए उचित दर विक्रेता के संबंध में प्रस्ताव प्राप्त कर संबंधित अधिकारी को प्रेषित करने को कहा गया है।

आदेश में यह भी कहा गया है कि दुकानों के आवंटन में स्वयं सहायता समूहों को प्रथम वरीयता देने के साथ मिट्टी तेल के फुटकर विक्रेता जिनका लाइसेंस खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा 22 मार्च 2018 को निरस्त कर दिए गए थे उन्हें वरीयता प्रदान की जाए। इस आदेश के बाद कोटे की दुकानों के चयन को लेकर हलचल शुरू हो गई है।

ये हैं जिले में रिक्त कोटे की दुकानें–  रिक्त दुकानों में गड़वार ब्लाक की सात जिसमें जिगनी (जिगनहरा), आसन (1) व आसन (2) कोडरा, कोटवा, नारायन पाली, अमडरिया शामिल है। वहीं दुबहड़ ब्लाक की नौ दुकानें माधोपुर, पटखौली, शिवपुर दियर नंबरी, सुरेमनपुर उर्फ पीपरपाती, छपरा, विशनपुरा, दुबहड़, संवरुबांध, टघरौली हैं।

जबकि बेलहरी ब्लाक की पांच दुकानों में बिगहीं, जवहीं, भरसौता, उदवंत छपरा व पुरास, सोहांव ब्लाक की चार कारो, तेतारपुर, नरही, दुलारपुर, हनुमानगंज ब्लाक की छह छोड़हर, थम्हनपुरा, कटरिया, रामपुर महावल, चेरुईया, हैबतपुर, नवानगर ब्लाक की दो सिसोटार व कुंडीडीह, पंदह ब्लाक की तीन पकड़ी, सहुलाई, पूर, मनियर ब्लाक की तीन धसका, रिगवन व मानिकपुर में दकानों का चयन होना है।

इसके अलावा बेरुआरबारी में नरायनपुर व कैथवली, बांसडीह ब्लाक के पिडहरा, दुहिमुसी, सरांक, बंकवा, चांदपुर व बिजलीपुर, रेवती ब्लाक के आसमानपुर, रामपुर मसरीब, छपरा सारिव व मानसिंह छपरा तथा मुरलीछपरा ब्लाक में कोडहरा नौबरार, श्रीपतपुर व सुकरौली, बैरिया ब्लाक में चकगिरधर, दुर्जनपुर (1) व दुर्जनपुर (2), नवकागांव (1), नवकागांव (2), श्रीकांतपुर, बैरिया, विशुनपुरा सहित रसड़ा ब्लाक में कामशीपुर, परसिया, कोप, सिसवार खुर्द, भरतपुर उर्फ माधोपुर में दुकान का चयन होना है।

वहीं चिलकहर ब्लाक के गौरा, खलीलपुर, कदरा, नगरा ब्लाक में सोनाडीह, परसिया, गौवापार, करनी, हब्सापुर, बराइच, जमुआ खामपुर, बराडीह लवाईपट्टी, ककरी, सिकंदरपुर, पालचंद्रहा व खानपुर नवादा गांव के अलावा सीयर ब्लाक के उभांव गांव की राशन दुकान का चयन किया जाना है।

क्या बोले जिलापूर्ति अधिकारी– कृष्ण गोपाल पांडेय के मुताबिक रिक्त चल रही सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों के चयन हेतु जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है। इसी माह में इसे पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। दुकान चयन में स्वयं सहायता समूह व आरक्षण को प्राथमिकता देनी है।

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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न

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26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।

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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र

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बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।

भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।

शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।

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