बलिया
वैक्सीनेशन लक्ष्य हासिल करने की होड़, मृतकों को भी टीका लगाने लगा बलिया का स्वास्थ्य विभाग!
सौ प्रतिशत वैक्सीनेशन के लक्ष्य को हासिल करने बलिया का स्वास्थ्य विभाग कुछ भी कर गुजरने को तैयार है। फिर चाहे मृत आदमी को ही टीका लगाने की बात क्यों न हो। जी हां, चौंकिए मत, क्योंकि जिले का स्वास्थ्य महकमा मौत के बाद भी टीका लगा रहा है।
इस बात का खुलासा तब हुआ जब एक महिला की मौत के बाद भी परिजनों के मोबाइल पर वैक्सीन के दोनों डोज लगने के मैसेज आए। मैसेज देखकर परिजन भी सकते में पड़ गए कि आखिर कैसे मरे हुए व्यक्ति का विभाग ने टीकाकरण कर दिया। परिजनों ने इसकी शिकायत पोर्टल पर की है।
चलिए अब आपको स्वास्थ्य विभाग के फर्जी वैक्सीनेशन की कहानी ज़रा विस्तार से बताते हैं। आपको बता दें कि रोजाना फर्जी वैक्सीनेशन के मामलों में इजाफा हुआ है। और इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई क्षेत्र से शिकायतें मिल रही हैं कि बिना लगवाए दूसरा डोज लगवाए मैसेज आ रहे हैं।
मामला ब्लाक बेलहरी के ग्राम पंचायत पिंडारी अंतर्गत बसुधरपाह निवासी राजवंती पांडेय (56) पत्नी चंद्रभूषण पांडेय का है। दो अप्रैल 2021 को कोविशील्ड का पहला डोज सीएचसी सोनवानी पर लगा था। दूसरा डोज लेने के लिए 29 मई 2021 को बुलाया गया था। इसी बीच 29 मई 2021 को ही हृदयगति रुकने से उनकी मौत हो गई। उन्हें वैक्सीन का दूसरा डोज नहीं लग सका।
लेकिन 22 दिसंबर की दोपहर में परिजन उस वक्त सकते में पड़ गए जब राजवंती पाण्डेय ने घर के मोबाइल नंबर पर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से मैसेज आया। जिसमें लिखा था कि डीयर राजवंती पान्डेय, कान्ग्रचुलेशन यू हैव सक्सेसफुल कम्पलीट द आफ आल डोज आफ कोविड -19 वैक्सीन। यू कैन डाउनलोड योर सर्टिफिकेट।
परिजनों ने सर्टिफिकेट को डाउनलोड किया तो 22 दिसंबर 2021 को ही कोविशील्ड टीका लगाने की बात सामने आई। स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही है कि जिस व्यक्ति की मौत मई में हो गई। उसे दिसंबर में टीका लगा दिया गया। वहीं स्वास्थ्य विभाग की इस गलती से परिजनों को राजवंती पांडेय की मौत का दर्द एक बार फिर ताजा हो गया। उनके भतीजे सुशांत कुमार पान्डेय ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का यह कृत्य भावानात्मक रुप से कष्ट देने वाला व निंदनीय है। मामले के जांच की जिम्मेदारी सीएचसी सोनवानी के अधीक्षक को सौंपी गई है।
बलिया
शिक्षा पदम सम्मान 2025 से सम्मानित हुए हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल के युवा निदेशक डॉ. परवेज अंसारी
हिमाचल प्रदेश के प्रतिष्ठित हिलटॉप पब्लिक स्कूल में आयोजित भव्य सम्मान समारोह में हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल के युवा निदेशक डॉ. परवेज अंसारी को “शिक्षा पदम सम्मान 2025” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उनके 10 वर्षों से अधिक की समर्पित सेवा और अभिनव प्रयासों के लिए प्रदान किया गया।
डॉ. अंसारी की नेतृत्व क्षमता और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता ने स्कूल को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। उनके मार्गदर्शन में हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. परवेज अंसारी ने कहा —
“यह सम्मान मेरे लिए प्रेरणा का स्रोत है। मैं शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नवाचार और सुधार के लिए प्रयासरत रहूँगा।”
उनकी इस उपलब्धि से न केवल स्कूल परिवार बल्कि पूरे जनपद में गर्व की भावना व्याप्त है।
फेफना
दिखाया जज़्बा: जमुना राम मेमोरियल स्कूल के कराटे वीरों ने जीते 22 पदक, बलिया में बजाया अपना डंका
बलिया के बापू भवन में आयोजित 2nd Gyanti Devi Memorial Cup District Karate Championship 2K25 में जिले के लगभग 15 विद्यालयों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, मानपुर चितबड़ागांव के 22 छात्रों ने प्रतिभाग कर दमखम दिखाया।
शानदार प्रदर्शन करते हुए स्कूल के 12 छात्रों ने स्वर्ण पदक , 6 ने रजत पदक और 4 ने कांस्य पदक हासिल किए। छात्रों की इस उपलब्धि ने न केवल विद्यालय का नाम रोशन किया बल्कि माता-पिता और क्षेत्र को भी गौरवान्वित किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य अबरी के.बी. एवं प्रबंध निदेशक तुषार नंद जी ने विजेताओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और शारीरिक स्फूर्ति को बढ़ावा देती हैं।
विद्यालय प्रबंधन ने यह भी आश्वस्त किया कि भविष्य में भी छात्र ऐसे आयोजनों में भाग लेकर और बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
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बलिया की राजनीति में हलचल: भानु दुबे जल्द कर सकते हैं सपा जॉइन, अटकलों का बाजार गर्म
बलिया।
बलिया के प्रमुख सामाजिक नेता भानु दुबे जल्द ही समाजवादी पार्टी (सपा) जॉइन कर सकते हैं। हाल ही में उनके सोशल मीडिया पोस्ट और गतिविधियों से इस बात के कयास तेज हो गए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से भानु दुबे लगातार सपा के बड़े नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। उनकी इन मुलाकातों और नेताओं के काफिलों में देखे जाने के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है कि वे जल्द ही सपा का दामन थाम सकते हैं।
भानु दुबे को ब्राह्मण समाज का बड़ा चेहरा माना जाता है। सामाजिक स्तर पर उनकी लोकप्रियता भी युवाओं में काफी मजबूत है। अगर वे सपा में शामिल होते हैं तो न केवल बलिया में पार्टी को मजबूती मिलेगी, बल्कि आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में बलिया सदर सीट से उनकी दावेदारी भी बेहद मजबूत मानी जा रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भानु दुबे के सपा में आने से बलिया की राजनीति में नया समीकरण बन सकता है। और यह फैसला पूरे जिले के राजनीतिक परिदृश्य को बदल सकता है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि भानु दुबे कब और किस मंच से सपा की सदस्यता ग्रहण करते हैं और इसके बाद जिले की राजनीति कौन सा नया मोड़ लेती है।


