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जमुना राम पीजी कॉलेज में प्रतिभाओं का सम्मान, दीक्षांत समारोह में सबसे अधिक गोल्ड मेडल किया हासिल
बलिया। जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया के सप्तम दीक्षांत समारोह का आयोजन 07 अक्टूबर 2025 को किया गया, जिसमें श्री जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव के छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सबसे अधिक गोल्ड मेडल प्राप्त किए।
महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल के करकमलों द्वारा विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल प्रदान किए गए। इस अवसर पर एम.एड. की छात्रा कोमल कुमारी ने गोल्ड मेडल हासिल किया, जबकि टॉप टेन में आशुतोष कुमार, शुभम तिवारी, पूजा सिंह, सुष्मिता कुमारी, कुमारी रेखा शामिल रहीं।
इसी प्रकार बी.एड. वर्ग में नाज़नीन बानो ने गोल्ड मेडल प्राप्त किया। वहीं एम.ए. (गृह विज्ञान – आहार एवं पोषण) वर्ग में कुमारी कशक परवीन ने गोल्ड मेडल जीता और पूजा सिंह, सुधा यादव, स्नेहलता सिंह, ज्योति यादव टॉप टेन में रहीं।
गृह विज्ञान (मानव विकास) वर्ग में कुमारी अंशिका यादव को गोल्ड मेडल मिला, जबकि बी.ए. वर्ग से एकता पांडेय, शिवानी गुप्ता, रिया गुप्ता टॉप टेन में शामिल रहीं।
इन सभी प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं के सम्मान में महाविद्यालय प्रबंध समिति द्वारा 13 अक्टूबर 2025 को “प्रतिभा सम्मान समारोह” का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद और प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया।
सरस्वती वंदना व स्वागत गीत बी.ए. की छात्रा वैष्णवी मिश्रा ने प्रस्तुत किया। इसके बाद महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकगणों ने विद्यार्थियों को आशीर्वाद प्रदान किया।
संस्थापक प्रबंधक, प्रबंध निदेशक एवं प्राचार्य ने छात्रों को मेडल एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की, जबकि संचालन श्री बृजेश गुप्ता एवं श्रीमती आरती पांडेय ने संयुक्त रूप से किया।
समारोह में महाविद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी मौजूद रहे।
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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।
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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।
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