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मऊ की महापंचायत से बलिया के इन विधानसभा सीटों को साधेंगे ओमप्रकाश राजभर
27 अक्टूबर को मऊ में सुहेलदव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) की महापंचायत है। इस महापंचायत में सुभासपा अपना शक्ति प्रदर्शन करने की कोशिशों में जुटी है। सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर यहां एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे। मऊ में हो रही इस महापंचायत से ओमप्रकाश राजभर गाजीपुर से लेकर बलिया तक के मतदाताओं को साधेंगे।
मऊ के हलधरपुर में सुभासपा की महापंचायत आयोजित की गई है। हलधरपुर से बलिया के रसड़ा स्थित सुभासपा का मुख्य कार्यालय लगभग बीस किलोमीटर की दूरी पर है। माना जा रहा है कि यहां से ओमप्रकाश राजभर बलिया की दो विधानसभा सीटों पर अपना दावा मजबूत कर सकते हैं। बलिया की बांसडीह और रसड़ा विधानसभा सीट के वोटरों को ओमप्रकाश राजभर साधेंगे।
बांसडीह और रसड़ा की जातिगत समीकरण भी सुभासपा की ओर झुका हुआ है। दोनों ही सीटों पर राजभर समुदाय के लोगों की तादाद अच्छी है। बलिया से आने वाले न्यूज एजेंसी पीटीआई के पत्रकार अनूप हेमकर बताते हैं कि “अगर राजभर सुभासपा के बैनर तले लामबंद हो गए तो ये दोनों सीटें सपा और सुभासपा के गठबंधन के खाते में ही जाएगी।”
बता दें कि फिलहाल बांसडीह से सपा के कद्दावर नेताऔर उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी विधायक हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में बांसडीह से ओमप्रकाश राजभर के बेटे अरविंद राजभर भी चुनाव लड़े थे। हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। अब सवाल है कि क्या सपा से गठबंधन के बाद बांसडीह की सीट सुभासपा के खाते में आएगी?
पिछले दिनों सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद ओमप्रकाश राजभर ने बयान दिया था कि “हमें एक भी सीट नहीं मिलेगा तब भी हम अखिलेश यादव के साथ ही रहेंगे।” लेकिन उनकी राजनीति को समझने वाले लोग बताते हैं कि ओमप्रकाश राजभर बोलते बहुत कुछ हैं लेकिन अपनी कुछ शर्तों पर ही किसी से भी हाथ मिलाते हैं।
महापंचायत की तैयारी: मऊ के हलधरपुर में होने वाली महापंचायत को लेकर सुभासपा पूरी तरह तैयार है। सुभासपा ने बीते दिनों अपने आधिकारिक ट्वीटर अकाउंट से एक वीडियो ट्वीट किया था। इस वीडियों में ओमप्रकाश राजभर खुद ही महापंचायत के लिए पार्टी का झंडा तैयार कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि मऊ, गाजीपुर, बलिया के अलावा वाराणसी से भी सुभासपा के कार्यकर्ता इस महापंचायत में शामिल होने जा रहे हैं।
सुभासपा केंद्रीय कार्यालय रसड़ा, बलिया में भागीदारी संकल्प मोर्चा संयोजक सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय @oprajbhar जी 27 अक्टूबर 2021 को हलधरपुर का मैदान मऊ में होने वाली वंचित, पिछड़ा,दलित, अल्पसंख्यक,महापंचायत के लिए झंडा तैयार करते हुए। pic.twitter.com/ZXvwlFLsct
— Suheldev Bhartiya Samaj Party (SBSP) ,सुभासपा (@SBSP4INDIA) October 24, 2021
सुभासपा और ओमप्रकाश राजभर मऊ के महापंचायत में अपना शक्ति प्रदर्शन करने के लिए कमर कस चुकी है। महापंचायत में ओमप्रकाश राजभर क्या भाषण देते हैं इस पर हर किसी की निगाहें टिकी हुई हैं। देखना होगा कि ये शक्ति प्रदर्शन कितना सफल होता है?
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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।
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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।


