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शूटर मनु भाकर और अनिल विज के बीच हरियाणा सरकार के किस नोटिफिकेशन ने विवाद करवाया.. देखिये विडियो.
दोस्तों हरियाणा का झज्जर जिला गोरिया गांव एक शूटर के लिए जाना जाता है दोस्तों इस सूत्र का नाम मनु भाकर है दोस्तों कॉमनवेल्थ गेम में शूटिंग में भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाने वाली महिला मनु भाकर है दोस्तों आपको बता दें कि कॉमनवेल्थ गेम में कोई भी पदक सबसे कम उम्र में जीतने वाली महिला मनु भाकर हैं लेकिन इस समय मनु भाकर गुस्से में है क्योंकि उनका आरोप है कि हरियाणा सरकार ने उनके मेडल जीतने पर जो इनाम देने की घोषणा की थी वह उन्हें नहीं मिला यह नाराजगी उन्होंने 4 जनवरी को एक ट्वीट के जरिए जाहिर की इसमें उन्होंने हरियाणा के खेल मंत्री अनिल विज के पुराने कमेंट पर लिखा कि सर प्लीज कंफर्म कीजिए यह सही है या गलत यह सिर्फ एक जुमला है.
दरअसल अनु विजिट ने 10 अक्टूबर को मनु के गोल्ड पदक जीतने पर दो करोड़ के इनाम की घोषणा की थी और फिर बाद में कुछ नियम बदले जिससे राशि कम होकर एक करोड़ हो गई जिसके बाद मनु और उनका परिवार नाराज हो गया और मामला सोशल मीडिया तक पहुंच गया 4 जनवरी को मनु ने एक ट्वीट किया जिसमें उन्होंने खिलाड़ियों के प्राइज मनी के साथ खेल की हुई बात को लिखी थी जिसके बाद उनके ट्वीट से हड़कंप मच गया मंत्री अनिल विज ने भी नाराजगी जताई और इसी के साथ उन्होंने मनु भाकर को नसीहत दे डाली.

उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को अनुशासन में रहना चाहिए और इस तरह के विवाद खड़े करने से पहले मनु भाकर को सोचना चाहिए और इस पर उनको खेद होना चाहिए और उन्होंने साथ ही कहा कि मनु भाकर को अभी लंबे समय तक खेलना है तो वह केवल अपने खेल पर ही ध्यान दें लोगों के बीच जाने से पहले मनु भाकर को स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट से इसकी पुष्टि कर लेनी चाहिए थी और इस नसीहत के साथ ही उन्होंने एक बात तो कंफर्म कर दी कि मनु भाकर को पूरा पैसा मिलेगा उन्होंने एक ट्वीट करके इस बात को साफ कर दिया कि उन्हें पूरा पैसा दिया जाएगा.

दोस्तों आइए आपको बताते हैं कि जे विवाद कैसे बना दोस्तों दरअसल यह सारा विवाद सरकार के 2 गजट की वजह से हुआ है दोस्तों पहला गजट आया 7 सितंबर 2018 को इस नोटिफिकेशन में इनाम की राशि को 10 लाख से बढ़ाकर 20000000 कर दिया गया लेकिन दोस्तों 27 दिसंबर 2018 को दूसरा गजट आया जिसमें दो करोड़ की जीती हुई राशि को एक करोड़ कर दिया गया अब जीतने पर एक करोड़ रुपए मिलेंगे दोस्तों जिस बीच यह मामला चल रहा था और इन नियमों में तब्दीली की जा रही थी उसी बीच मनु भाकर ने गोल्ड मेडल जीत लिया जिसके बाद मंत्री जी ने उनको वादा भी कर दिया तो अब मनु भाकर को प्रति मेडल दो करो रुपए ही दिए जाएंगे. विडियो.
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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
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जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।
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