उत्तर प्रदेश
संस्कृति हत्याकांड में पुलिस जल्द करेगी ख़ुलासा, रडार पर 20 हजार मोबाइल नंबर
राजधानी लखनऊ में पिछली 22 जून 2018 को बलिया निवासी पॉलीटेक्निक की छात्रा संस्कृति राय (17) हत्याकांड का एसएसपी दीपक कुमार ने जल्द खुलासा करने का दावा किया है। उन्होंने बताया कि घटनास्थल के आसपास सक्रिय करीब बीस हजार मोबाइल फोन नंबरों की टॉवर से पड़ताल की गई, जिसमें से संदिग्ध नंबरों को पुलिस ने रडार पर ले लिया है। पुलिस के हाथ कुछ अहम सुराग लगे हैं, जिसके आधार पर वारदात का जल्द राजफाश हो सकता है। एसएसपी ने बताया कि संस्कृति राय हत्याकांड का जल्द क्राइम सीन रीक्रिएशन कराया जाएगा, जिससे वारदात कैसे हुई इसका पता लगाया जा सके।
एक नंबर पर संस्कृति की होती थी लंबी बातें
एसएसपी दीपक कुमार के मुताबिक, पुलिस को संस्कृति राय आईआईएम रोड पर मिली थी, जबकि उसे बादशाह नगर रेलवे स्टेशन जाना था। इसकी जांच के लिए पुलिस पॉलिटेक्निक से मुंशीपुलिया, टेढ़ीपुलिया और आईआईएम रोड पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज तलाश रही है और उसकी जांच कर रही है। एसएसपी दीपक कुमार के मुताबिक चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस को संस्कृति के किसी करीबी पर ही शक है, लेकिन अभी तक पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। पुलिस के मुताबिक कुछ मोबाइल नंबर हैं, जिन्हें सर्विलांस पर लगाकर जांच की जा रही है। एक नंबर पर संस्कृति की लंबी बातें होती थी। उसकी भी जांच की जा रही है।
सोशल मीडिया पर जस्टिस फॉर संस्कृति राय नाम से कैंपेन
सोशल मीडिया पर जस्टिस फॉर संस्कृति राय नाम से कैंपेन चलाया जा रहा है, लेकिन अभी तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है।संस्कृति को इंंसाफ दिलाने के लिए लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें संस्कृति के पॉलिटेक्निक कॉलेज के साथी भी शामिल हैं, जो प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रहे हैं। हत्या के 6 दिन के बाद भी लखनऊ पुलिस के हाथ कुछ खास नहीं लगा है। संस्कृति राय की हत्या के बाद सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक पर उसे इंसाफ दिलाए जाने की गुहार लगाई जा रही है। पुलिस के खिलाफ लोगों का गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। लोग पुलिस और योगी सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। इसके अलावा सियासी दलों ने भी संस्कृति राय को इंसाफ दिलाने के लिए योगी सरकार पर हमला बोला है। प्रदेश की राजधानी लखनऊ से लेकर बलिया तक लोग सड़क पर कैंडल मार्च निकालकर उसके लिए इंसाफ की मांग कर रहे हैं।
कॉलेज के छात्र-छात्राओं से भी पुलिस ने की बात
उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त संस्कृति के कॉलेज के छात्र-छात्राओं से भी बात की गई। घटनास्थल के आसपास मिली सीसीटीवी फुटेज से भी पुलिस को सुराग मिले हैं। बता दें कि राजकीय पॉलीटेक्निक के विद्यार्थियों ने बुधवार को एसएसपी से मिलकर संस्कृति हत्याकांड में किसी निर्दोष छात्र को न फंसाने की बात रखी। साथ ही पूरी घटना के जल्द खुलासे की मांग की। एसएसपी ने उन्हें आश्वासन दिया कि किसी भी निर्दोष के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी। साथ ही यह भी बताया कि साथी छात्र-छात्राओं को कोई रोल नहीं मिला है।
वकील उमेश कुमार राय की छोटी बेटी थी संस्कृति राय
गौरतलब है कि बलिया जिला के फेफना इलाके के भगवानपुर गांव के रहने वाले वकील उमेश कुमार राय छोटी बेटी संस्कृति राय (17) लखनऊ में पॉलिटेक्निक कॉलेज में सेकेंड ईयर में पढ़ती थी। फर्स्ट ईयर में वो हॉस्टल में रही थी, लेकिन सेकेंड ईयर में उसे हॉस्टल नहीं मिला तो वह इंदिरानगर सेक्टर-19 में राजेंद्र अरोड़ा के मकान में किराए पर रहने लगी। 5 जून को संस्कृति भावनगर अपने घर गई थी।7 जून को उसका प्रैक्टिकल होना था, लेकिन वो 6 जून को ही लखनऊ पहुंच गई थी। परीक्षाएं खत्म होने के बाद संस्कृति 21 जून रात अपने घर जाने वाली थी।
घैला पुल के पास झाड़ियों में मिला था संस्कृति का शव
अगले दिन 22 जून की दोपहर करीब 12:00 बजे घैला गांव की रहने वाली एक महिला प्रेमा ने झाड़ियों में एक लड़की को गंभीर हालत में देखा। उसने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और उसे ट्रॉमा सेंटर लेकर गई। ट्रॉमा सेंटर में पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। लड़की के पास मोबाइल, पर्स या कोई ऐसे कागजात नहीं थे, जिससे पुलिस उसकी पहचान कर पाती। इसके बाद पुलिस ने उसकी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। गाजीपुर के इंस्पेक्टर सुजीत राय ने उस लड़की की शिनाख्त बलिया के फेफना के रहने वाले संस्कृति राय के तौर पर की। प्राथमिक जांच में इंस्पेक्टर मडियांव ने बताया कि लूट के इरादे से संस्कृति राय की हत्या की गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आस-पास खून के छीटें पड़े थे और ऐसा लग रहा था कि संस्कृति ने खुद के बचाव के लिए खूब संघर्ष किया।
उत्तर प्रदेश
बलिया का बढ़ा मान! जमुना राम मेमोरियल स्कूल सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल के फाइनल में
मिर्जापुर। सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क, मिर्जापुर में आयोजित सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल प्रतियोगिता 2026-27 में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव (बलिया) की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में प्रवेश कर लिया।
प्रतियोगिता के दूसरे दिन खेले गए रोमांचक मुकाबले में जमुना राम मेमोरियल स्कूल ने मेजबान सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क को 06-02 के बड़े अंतर से हराया। मैच की शुरुआत से ही जमुना राम मेमोरियल स्कूल की टीम ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया और पूरे मुकाबले में अपनी पकड़ बनाए रखी।
टीम की ओर से अंकिता कुशवाहा ने 2, रितिका यादव ने 2, आइशा गुप्ता ने 1 और श्रेया ने 1 गोल कर टीम की जीत में अहम योगदान दिया। इस शानदार जीत के साथ टीम ने प्रतियोगिता के खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की कर ली है। फाइनल मुकाबला कल खेला जाएगा।
टीम की सफलता पर विद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजीनियर तुषारनंद एवं प्रधानाचार्य अजीत सिंह ने खिलाड़ियों और खेल स्टाफ को बधाई दी। उन्होंने शारीरिक शिक्षक सरदार मोहम्मद अफ़ज़ल, टीम प्रशिक्षक मनोज कुमार और टीम मैनेजर रश्मि श्रीवास्तव को भी शुभकामनाएं देते हुए फाइनल के लिए उत्साह बढ़ाया।
इस अवसर पर इंचार्ज अरविंद चौबे, आनन्द मिश्रा, नीतू मिश्रा सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें फाइनल के लिए शुभकामनाएं दीं।
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PET परीक्षा में फर्जीवाड़ा, बलिया के बांसडीह CHC के मेडिकल ऑफिसर अमित गुप्ता गिरफ्तार
बलिया। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) में धांधली करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने बलिया के बांसडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में तैनात मेडिकल ऑफिसर अमित गुप्ता को गिरफ्तार किया है। आरोपी डॉक्टर पर अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर फर्जी दस्तावेज के जरिए सॉल्वर को परीक्षा में बैठाने का गंभीर आरोप है। पुलिस ने इस मामले में दो अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया है।
कैसे चलता था खेल
पुलिस के मुताबिक, गिरोह अभ्यर्थियों से 50 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक वसूलता था। इसके बाद एडमिट कार्ड और पहचान पत्र में हेरफेर कर किसी अन्य व्यक्ति को परीक्षा देने के लिए भेजा जाता था। इस खेल को मेडिकल ऑफिसर अमित गुप्ता संगठित तरीके से संचालित कर रहा था।
गिरफ्तारी और बरामदगी
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से फर्जी आधार कार्ड, एडमिट कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश जारी है।
पुलिस का सख्त रुख
एसपी ने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अमित गुप्ता समेत तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है और पूरे नेटवर्क की गहन जांच चल रही है।
यह गिरफ्तारी जिले में स्वास्थ्य विभाग और परीक्षा प्रणाली दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
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गाली देने वाले शहरों के टॉप 10 में शामिल हुआ बलिया, 73% लोग करते हैं गालियों का इस्तेमाल
बलिया। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले का नाम अब उन शहरों की लिस्ट में शामिल हो गया है, जहाँ गालियों का इस्तेमाल सबसे ज्यादा होता है। हाल ही में जारी एक सर्वे के मुताबिक, बलिया के 73% लोगों ने खुद कबूल किया कि वे बातचीत के दौरान गालियों का प्रयोग करते हैं।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि अब यह आदत सिर्फ युवाओं और बड़ों तक सीमित नहीं रही, बल्कि चौथी क्लास तक के बच्चे भी गालियां देने लगे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इसका कारण सोशल मीडिया, मोबाइल गेम्स और घर-परिवार का माहौल है।
विशेषज्ञों की चेतावनी
मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि गालियों की बढ़ती आदत न केवल भाषा को दूषित कर रही है, बल्कि बच्चों और युवाओं के व्यक्तित्व और मानसिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर डाल रही है। उन्होंने माता-पिता और शिक्षकों से बच्चों को बेहतर वातावरण और सही भाषा सिखाने की अपील की।
टॉप 10 शहर जहाँ सबसे ज्यादा गालियां दी जाती हैं
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कानपुर – 78%
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लखनऊ – 76%
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वाराणसी – 76%
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मुरादाबाद – 76%
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संतकबीरनगर – 76%
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मेरठ – 75%
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प्रयागराज – 75%
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गौतमबुद्ध नगर – 73%
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बलिया – 73%
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मिर्जापुर – 73%
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