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समुन्द्र के अंदर मिली ऐसी चीज वैज्ञानिकों के भी उड़ गए होश…
आइए हम आपको बताते हैं एक ऐसी चीज के बारे में जिसे समुंदर के अंदर देखकर वैज्ञानिकों के होश उड़ गए ।दोस्तों समुंदर के अंदर तो बहुत सारे रहस्मय चीजें मिलते हैं जैसे कि पुराना खजाना, डूबे हुए समुद्री जहाज ,इंसानी कंकाल आदि लेकिन दोस्तों आज हम आपको बताएंगे समुंदर के अंदर हुई सबसे अदभुत खोज के बारे में। समंदर के अंदर मिले अदभुत शहर के बारे में यह शहर कई सौ सालों से समुंदर के अंदर समाया हुआ था लेकिन’ ऐंड गिलीली’ नाम के एक समुंदरी वैज्ञानिक ने जिसे खोज निकाला। बात 1984 की है .

जब इजरायल तट पर ऐंडगिलीली ने समुंदर में डुबकी लगाई गहराई में जाने के बाद उन्हें समुंदर में जा कर देखने की इच्छा हुई समुंदर की गहराई में बढ़ते चले गए लेकिन जब वह समुंदर में अंदर बढ़ते चले गए तो वहां उन्हें किसी शहर के अवशेष दिखाई दिए जिसे देख कर वह चौंक गए यह सब देख कर के वह उस समय तो बाहर आ गए लेकिन कुछ दिन के बाद अपनी टीम के साथ समुंदर में उस शहर के बारे में पता लगाने के लिए गए जैसे जैसे वह अपनी खोज को आगे बढ़ाते गए उन्होंने पाया यह 43000 फुट के एरिया में बसा हुआ शहर था और यहां पर पत्थरों से बनी हुई बिल्डिंग कुंए सब थे। जब उन्होंने अपनी खोज को आगे बढ़ाया तो वहां उन्हें कुछ ऐसी चीजें मिले जो सातवीं सदी से मिलती जुलती थी.

यह शहर आज भी पानी के अंदर खोजा जाने वाला सबसे बड़ा शहर था। डॉक्टर गिलीली और उसकी टीम ने शहर के बारे में बहुत सारी चीजें खोज निकाले खोज के बारे में पता लगा इस शहर के घर पत्थरों से पत्थरों से बने हुए थे इस शहर के हर घरों में आंगन और पक्के पत्थरों से बने हुए थे इससे पता चलता है कि इस शहर के लोग काफी अमीर थे है इसके अलावा खोज के दौरान किले में 65 इंसानों की खोपड़ी मिली यह मानव अवशेषों की चकित कर देने वाले खोज थी बाद में शहर के ऊपर वैज्ञानिकों ने बहुत सारे प्रशिक्षण केिए रिसर्च के दौरान वहां पर वैज्ञानिकों को बहुत सारे पशु गाय, कुत्ते ,बकरी की हड्डियां भी मिली इससे साबित होता था कि शहर के लोग पालतू जानवर रखते थे और दाल आदि की खेती भी करते थे खोज के दौरान इस शहर की सबसे चौंका देने वाली चीज थी.

सात पत्थर जो एक सर्किल के जैसे अरेंज किए गए थे इस पत्थरों के ऊपर कप के निशान बनाए गए थे माना जाता है कि उनके धर्म और पूजा पाठ के लिए थे बताया गया था कि यह शहर 700फिट की दूरी पर बना माना जाता है कि यह शहर ‘सीसीटी के माउंट एटना ‘के पूरब में बसता था इसका कोई पुख्ता सबूत तो नहीं है यह किस तरह से समंदर के अंदर डूब गया था लेकिन ज्यादातर वैज्ञानिकों का कहना है कि भूमध्य सागर में आए सुनामी के कारण शहर समुंदर में समा गया था दोस्तों यह तो समंदर के अंदर मिले एक शहर की यह कहानी जो यह साबित करती है कि कई 100 साल पहले समंदर में यह शहर समा गए थे। ऐसे बहुत सारे शहरों हैं जिन्हें हम नहीं जानते हैं।
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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
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जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।
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