बलिया स्पेशल
राहुल राज नहीं होंगे बलिया के नये कप्तान, लिस्ट बनाने में हुई चुक- डीजीपी
आईपीएस लिस्ट में एक बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। आईपीएस राहुल राज को गृह जनपद बलिया में एसपी बना दिया गया जबकि तबादला नीति के अनुसार किसी को भी गृह जनपद और उसके आसपास के जिलों में तैनाती नहीं दी जा सकती है। डीजीपी ओपी सिंह का कहना है कि राहुल राज की तैनाती गलत हो गई है। इसे निरस्त कर नया आदेश जारी किया जाएगा। वहीं, आईपीएस उमेश कुमार सिंह की तैनाती को लेकर वायरल हुई चिट्ठी के बारे में डीजीपी का कहना है कि उन्हें इसके बारे में जानकारी नहीं है। जो भी तैनातियां हुई हैं, वह मेरिट के आधार पर हुई हैं।
एक तरफ पीएम नरेंद्र मोदी जिलों में युवा और उर्जावान अफसरों की तैनाती की बात कह रहे हैं, इसके उलट यूपी सरकार जिलों में 55 पार प्रमोटी अफसरों पर भरोसा दिखा रही है। शनिवार को सरकार ने 22 जिलों के पुलिस कप्तान बदल दिए। इनमें 12 जिलों में प्रमोटी आईपीएस तैनात किए गए हैं। इनमें से नौ अफसरों की उम्र 55 और तीन की 50 पार है। वहीं, प्रदेश के 75 जिलों में 31 में प्रमोटी अफसर तैनात हैं। इनमें 15 की उम्र 57 वर्ष और 16 की उम्र 52 वर्ष से अधिक है।
पहले तैनात थे युवा कप्तान
जिन 12 जिलों में प्रमोटी अफसरों को कप्तान बनाकर भेजा गया है, उनमें सात जिलों में पहले युवा आईपीएस तैनात थे। सरकार को इन जिलों में इनकी कार्यप्रणाली पसंद नहीं आई और उनकी जगह अनुभवी और उम्रदराज अफसरों को कप्तान बनाकर भेजा गया है। प्रतापगढ़ भेजे गए संतोष कुमार और बिजनौर भेजे गए उमेश कुमार सिंह का एक साल बाद रिटायरमेंट है। इनके अलावा बदायूं भेजे गए अशोक कुमार, औरैया भेजे गए नागेश्वर सिंह, इटावा भेजे गए अशोक कुमार त्रिपाठी, बस्ती भेजे गए दिलीप कुमार, बाराबंकी भेजे गए वीपी श्रीवास्तव, कुशीनगर भेजे गए अशोक कुमार पाण्डेय और चित्रूकट भेजे गए मनोज कुमार झा की उम्र 55 पार है। गोण्डा के एसपी लल्लन सिंह, बलिया के एसपी राहुल राज और ललितपुर के एसपी डॉ. ओपी सिंह की उम्र 50 पार है।
‘प्रमोटी आईपीएस को छोटे जिले’
प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार का कहना है कि 2013 बैच के आईपीएस अफसर जिलों में तैनाती के लिए अभी पूरी तरह तैयार नहीं हैं। इसलिए उन्हें इस बार तैनाती नहीं दी गई है। ज्यादातर बड़े और महत्वपूर्ण जिलों में डायरेक्ट अफसरों को तैनात किया गया है। ज्यादातर प्रमोटी आईपीएस को छोटे जिले दिए गए हैं। उधर, डीजीपी ने रविवार को वर्ष 2013, 2014 और 2015 बैच के आईपीएस अफसरों को फील्ड पोस्टिंग के गुर बताए।
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बलिया की सियासत में नई हलचल: इंजीनियर विजय कांत तिवारी की एंट्री, 2027 पर नजर!
बलिया– अपनी राजनीतिक चेतना और संघर्षों के लिए पहचान रखने वाले बलिया की राजनीति में अब एक नया नाम तेजी से चर्चा में है। पेशे से एक प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC) में इंजीनियर रहे विजय कांत तिवारी ने सक्रिय राजनीति में कदम रखकर राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर वे बलिया विधानसभा क्षेत्र से एक मजबूत और प्रबल दावेदार के रूप में उभरते दिखाई दे रहे हैं।
बताया जाता है कि विजय कांत तिवारी लंबे समय तक कॉरपोरेट सेक्टर में अपनी सेवाएं देने के बाद अब अपने गृह जनपद के विकास और जनसमस्याओं के समाधान के उद्देश्य से राजनीति के मैदान में उतरे हैं। उनका कहना है कि बलिया जैसे ऐतिहासिक और गौरवशाली जिले में आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी कई क्षेत्रों में देखने को मिलती है, जिसे दूर करना उनकी प्राथमिकता होगी।
तिवारी का मुख्य फोकस जिले में बेहतर और सुलभ चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराना है। उनका मानना है कि बलिया के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए वाराणसी या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है, जो एक बड़ी समस्या है। इसके साथ ही वे सड़क, नाली और पेयजल जैसी बुनियादी समस्याओं के स्थायी समाधान पर भी जोर दे रहे हैं।
युवाओं के रोजगार को लेकर भी उन्होंने अपनी स्पष्ट योजना बताई है। विजय कांत तिवारी का कहना है कि यदि बलिया में एक सशक्त औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाए और बाहरी निवेश को आकर्षित किया जाए, तो हजारों युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। उनका मानना है कि पलायन की समस्या को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर उद्योग और रोजगार के अवसर पैदा करना बेहद जरूरी है।
इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि होने के कारण वे विकास कार्यों में तकनीकी समझ, पारदर्शिता और योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की बात करते हैं। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन और निगरानी सुनिश्चित कर विकास कार्यों को गति दी जा सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिक्षित और युवा चेहरों की बढ़ती मांग के बीच विजय कांत तिवारी जैसे लोगों का राजनीति में आना आने वाले समय में बलिया की राजनीति को नई दिशा दे सकता है। वहीं स्थानीय लोगों के बीच भी उनकी छवि एक शिक्षित, सुलझे हुए और विकासोन्मुखी नेता के रूप में धीरे-धीरे मजबूत होती दिखाई दे रही है।
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बी.एन. इंटरनेशनल स्कूल में विज्ञान प्रदर्शनी का भव्य आयोजन
बलिया। नारायणपुर स्थित बी.एन. इंटरनेशनल स्कूल में शनिवार को विज्ञान प्रदर्शनी का शानदार आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने विज्ञान के विभिन्न आयामों पर आधारित अपने मॉडल प्रदर्शित कर सबको प्रभावित किया। उनकी सृजनशीलता और तकनीकी कौशल को देखकर अतिथि, अभिभावक व आगंतुक मंत्रमुग्ध रह गए।
कार्यक्रम का शुभारंभ क्षेत्र के विख्यात एवं सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता श्री विनोद कुमार सिंह द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री बलविंदर सिंह, अभिभावकों तथा पूर्व छात्रों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
प्राचार्य श्री बलविंदर सिंह ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ छात्रों में नवाचार, शोध क्षमता और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देती हैं। विद्यालय प्रबंधन ने सभी अतिथियों व प्रतिभागी छात्रों का आभार व्यक्त किया।
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फेफना खेल महोत्सव : कबड्डी फाइनल में जमुना राम मेमोरियल स्कूल की बेटियों का दमदार प्रदर्शन
बलिया, 3 दिसंबर 2025। फेफना खेल महोत्सव 2025 के तहत आज बालिका वर्ग की कबड्डी प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला रोमांच और जोश से भरपूर रहा। खिताबी जंग जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव और मर्चेंट इंटर कॉलेज, बलिया के बीच खेली गई।
कड़े संघर्ष से भरे इस मैच में जमुना राम मेमोरियल स्कूल की बालिकाओं ने शानदार कौशल, साहस और टीमवर्क का परिचय दिया। अंतिम मिनटों तक चले रोमांचक मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम ने उपविजेता का खिताब हासिल किया।

पूर्व खेल मंत्री ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह
फाइनल मुकाबले में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे पूर्व खेल मंत्री श्री उपेंद्र तिवारी ने दोनों टीमों से भेंट कर उनका हौसला बढ़ाया। मैच के बाद उन्होंने विजेता और उपविजेता टीमों को मेडल व ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया।

विद्यालय परिवार में उत्सव जैसा माहौल
विद्यालय के प्रबंधक निदेशक इंजीनियर तुषार नंद ने छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि बेटियों का यह प्रदर्शन स्कूल के लिए गर्व की बात है।
प्रधानाचार्य अरविंद चौबे और क्रीड़ा शिक्षक सरदार मोहम्मद अफजल ने भी टीम की उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


