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पहली बार कैमरे के सामने आया संजय दत्त का बेटा जो है उनसे ज़्यादा हैंडसम और ताइक्वांडो का सुपर स्टार
दोस्तों संजय दत्त हॉलीवुड के एक मशहूर फिल्म अभिनेता हैं। हिंदी सिनेमा में उन्हें अपने काम के लिए जाना जाता है वह थोड़े बहुत राजनीतिक भी हुए हैं जिन्होंने कई प्रसिद्ध पुरस्कार प्राप्त किए हैं संजय दत्त का जन्म 29 जुलाई 1959 को हॉलीवुड में हुआ हॉलीवुड के एक मशहूर परिवार में उनका जन्म हुआ उनके पिता का नाम सुनील दत्त और उनकी माता का नाम नरगिस था। उन्होंने हिंदी फिल्मों में 1981 में काम करना शरू किया।
उनके माता-पिता दोनों फिल्मी दुनिया के ही एक्टर थे संजय दत्त को उनके प्रशंसक प्यार से संजू बाबा कहते थे उन्होंने एक से बढ़कर एक हिट फिल्में दी। पर्दे पर भी और पर्दे के पीछे भी लोग इनके व्यक्तित्व से आकर्षित होते हैं संजय दत्त के लिए एक मशहूर अभिनेता बनने का सफर बिल्कुल आसान नहीं था। कुछ दिनों जेल में भी रहे नॉमिनी पिस्टल को अवैध तरीके से अपने घर में रखने के लिए और एक 56 राइफल रखने के आरोप में आतंकवादी और विघटन कारी क्रियाकलाप के तहत गिरफ्तार किया गया.

18 माह जेल की सजा काटने के बाद उन्हें 1995 में जमानत मिल गई फिर 1993 के मुंबई बम विस्फोट के मामले में 5 वर्ष तक उन्हें कारावास की सजा सुनाई दी गई उसके बाद उन्हें सजा काटने के बाद आजादी मिली । संजय दत्त का जीवन बहुत कठिनाइयों और बहुत संघर्ष में गुजरा और वह एक अच्छे फिल्म अभिनेता है उनकी पत्नी का नाम रिचा शर्मा था संजय दत्त की बेटी का नाम मान्यता है आइए जानते हैं.

संजय दत्त के बेटे के बारे में: संजय दत्त के बेटे का नाम शहरान दत्त है जो 8 साल के हो चुके हैं संजय अपने बेटे को ताइक्वांडो की ट्रेनिंग दिला रहे हैं शहरान जबसे ताइक्वांडो की ट्रेनिंग ले रहे हैं जब बच्चों को शुशू पैंट में ही निकल जाता है उस वक्त से वह ताइक्वांडो की ट्रेनिंग ले रहे हैं ।शहरान को बॉलीवुड सुपरस्टार बनाने की तैयारी अभी से चल रही है और क्यों ना हो. बॉलीवुड में बॉडी बनाने का चलन संजय दत्त ने शुरू किया था ।शहरान ताइक्वांडो में अब अब तक काफी मेडल जीत चुके हैं संजय दत्त ज्यादा हिट होते है या उनका बेटा ये तो आने वाला समय ही बतायेगा.
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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
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जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।





