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बलिया में रेवती रेलवे स्टेशन को पूर्ण स्टेशन के रूप में बहाल करने की मांग को लेकर फिर एकजुट हुए लोग
बलिया के रेवती हाल्ट रेलवे स्टेशन को दोबारा से पूर्ण स्टेशन के रूप में बहाल करने की मांग को लेकर एक बार फिर लोग एकजुट हुए। हजारों लोगों का जत्था रेलवे स्टेशन पर जुटा। विभिन्न स्थानों से आए लोगों ने अपनी आवाज उठाई। हालांकि, रेलवे स्टेशन पुलिस ने धरना प्रदर्शन कर रहे लोगों को परिसर में बैठने से मना कर दिया। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हॉट टॉक हुआ।
धरने को संबोधित करते हुए रेलवे स्टेशन बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण पाण्डेय ने बताया कि रेलवे स्टेशन आजादी के मूक गवाह है, जिसके पहले हॉल्ट स्टेशन बना दिया है। हम बार-बार धरना प्रदर्शन करके स्टेशन को पूर्ण स्टेशन का दर्जा दिए जाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक हमारी मांगों पर कोई सुनवाई नहीं की जा रही है, जिससे मजबूर होकर हमें धरना प्रदर्शन करना पड़ा।
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद गांधी ने बताया कि 13 सितंबर को रेवती निवासी एक व्यापारी ट्रेन पकड़ते समय दोनों पैर कट गए, जिसके कुछ दिनों बाद उनकी मृत्यु हो गई। उन्होंने इस घटना का जिम्मेदार रेवती को हाल्ट बनाने की सुविधा विहीनता को बताया।
बता दें कि प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मांग पूरी नहीं होने पर अनशन की भी चेतावनी दी। राणा योगेंद्र विक्रम सिंह माण्डलू ने कहा कि “हमारा धरना-प्रदर्शन क्रमिक अनशन तब तक चलेगा जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं।” अमित पाण्डेय पप्पू ने इसे आजादी से पहले का स्टेशन बताते हुए इस पर ध्यान देने की अपील की। डॉ. आरबीएन पाण्डेय ने कहा कि धरना प्रदर्शन के बाद आमरण अनशन की तैयारी है।
धरने से पहले नगर पंचायत रेवती बाजार के व्यापारियों ने पूर्ण रूप से बाजार बंद रखा और धरना प्रदर्शन में भाग लिया। इस दौरान एसडीएम बांसडीह अभिषेक प्रियदर्शी और सीओ बैरिया मोहम्मद उस्मान धरनास्थल पर पहुंचे और वार्ता की। उन्होंने चार मांगपत्र लिए और धरनास्थल पर चार लोगों को बैठकर प्रदर्शन करने की सहमति दी।
कार्यक्रम का संचालन कामरेड ओमप्रकाश उर्फ मुन्नू कुंवर ने किया। इस दौरान आरपीएफ प्रभारी बीके सिंह और थानाध्यक्ष रेवती रोहन राकेश सिंह मय फोर्स मुस्तैद रहे। मौके पर आरएनपी स्कूल की प्रबंधक सुनीता पाण्डेय, महावीर तिवारी, विरेश तिवारी, अरूण तिवारी, भोला ओझा, राजेश गुप्ता सहित अन्य लोग भी मौजूद थे।
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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
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जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।





