खेल कूद
पाकिस्तान में जन्मे इरफ़ान और नदीम पर ICC ने लगाया आजीवन प्र’ति’बंध, मैच फि’क्सिं’ग…
आज हम आपको बताएंगे हांगकांग के दो ऐसे क्रिकेटर्स के बारे में जिन पर आईसीसी ने आजीवन क्रिकेट खेलने पर पाबंदी लगा दी है। दोस्तों हम बात कर रहे हैं हांगकांग क्रिकेट टीम के बेहतरीन स्पिनर नदीम अहमद और इरफान अहमद के बारे में । इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसलिंग ने ये एक्शन नदीम अहमद और इरफान अहमद के मैच फिक्सिंग केस में दोषी पाए जाने के बाद लिया है।
आपको बता दें कि मैच फिक्सिंग के केस में हॉन्गकॉन्ग के इन दो क्रिकेटर्स के अलावा हसीब अमजद का नाम भी सामने आ रहा है लेकिन आईसीसी ने हसीब अमजद पर केवल 5 साल तक क्रिकेट खेलने पर पाबंदी लगाई है।

दोस्तों नदीम अहमद और इरफान अहमद दोनों रिश्ते में भाई हैं इनका जन्म पाकिस्तान में हुआ। दोनों का बचपन पाकिस्तान के बहावलपुर में गुजरा लेकिन इन दोनों भाइयों को क्रिकेट जगत में आने का मौका हांगकांग की तरफ से मिला।
लेकिन सूत्रों की माने तो आईसीसी ने हांगकांग चीन इन दोनों क्रिकेटर्स पर आजीवन क्रिकेट खेलने पर पाबंदी लगा दी है। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसलिंग ने इतना बड़ा फैसला दोनों भाइयों पर मैच फिक्सिंग के आरोप को साबित होने के बाद लिया है इन दोनों भाइयों पर आरोप है कि इन्होंने मैच फिक्सिंग कि थी।

सिर्फ नदीम और इरफान पर ही नहीं मैच फिक्सिंग का आरोप हांगकांग के एक और बेहतरीन खिलाड़ी हसीब अमजद पर भी लगा है । सूत्रों की मानें तो हसीब अमजद पर आईसीसी ने 5 सालों तक क्रिकेट खेलने पर प्रतिबंध लगाया है। परंतु नदीम अहमद और इरफान अहमद पर आजीवन क्रिकेट खेलने पर पाबंदी लग चुकी है।
आपको बता दें कि नदीम अहमद उम्र में बड़े और इरफान अहमद छोटे हैं। नदीम अहमद हांगकांग क्रिकेट टीम के बेहतरीन स्पिनर रहे हैं। नदीम ने 25 वनडे और 24 T20 मैच खेले हैं इतना ही नहीं एक वक्त ऐसा भी आया जब नदीम अहमद ने अपनी ही सर जमीन पाकिस्तान के खिलाफ 2004 में क्रिकेट खेला।
नदीम के छोटे भाई इरफान अहमद ने भी क्रिकेट करियर की शुरुआत हांगकांग से ही कि उन्होंने अब तक 6 वनडे और आज T20 मैच खेले हैं। लेकिन इरफान अहमद क्रिकेट में अपनी खास पहचान नहीं बना सके।
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मेजर ध्यानचंद जयंती पर जमुना राम मेमोरियल स्कूल में खेल सप्ताह का आगाज, कबड्डी में खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम
चितबड़ागांव (बलिया)। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव में 29 अगस्त से खेल-कूद सप्ताह का भव्य शुभारंभ हुआ। आयोजन के तहत विद्यालय के चारों हाउस—रेड, ग्रीन, ब्लू और येलो—के बालक एवं बालिका वर्ग के बीच कबड्डी प्रतियोगिता कराई गई।
बालिका वर्ग में ग्रीन हाउस ने रेड हाउस को 12-10 के रोमांचक मुकाबले में हराया, जबकि येलो हाउस ने ब्लू हाउस को 20-15 से शिकस्त दी। बालिका वर्ग का खिताबी मुकाबला अगले दिन खेला जाएगा।
वहीं, बालक वर्ग में ब्लू हाउस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए येलो हाउस को 15-8 के अंतर से हराकर जीत दर्ज की। मुकाबलों के दौरान खिलाड़ियों ने जोश, अनुशासन और टीम भावना का शानदार प्रदर्शन किया।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजीनियर तुषारनंद ने कहा कि मेजर ध्यानचंद का जीवन अनुशासन, समर्पण और देशप्रेम की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि खेल केवल हार-जीत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों में चरित्र निर्माण और टीम भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ खेलकूद भी बेहद जरूरी है। ऐसे आयोजनों से बच्चों की प्रतिभा को निखरने का अवसर मिलता है।
कार्यक्रम के दौरान इंचार्ज अरविंद चौबे, इंचार्ज नीतू मिश्रा और हैंडबॉल प्रशिक्षक मनोज कुमार पाण्डेय ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
खेल कूद
सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल में बलिया का जलवा, जमुना राम मेमोरियल स्कूल बना उपविजेता
सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल प्रतियोगिता 2026-27 में बलिया की जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव की अंडर-14 टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए उपविजेता का खिताब अपने नाम किया। मिर्जापुर के सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क में आयोजित इस प्रतियोगिता में टीम के शानदार प्रदर्शन से विद्यालय के साथ-साथ पूरे जिले में खुशी का माहौल है।
फाइनल मुकाबले में जमुना राम मेमोरियल स्कूल की टीम का सामना बिहार के संस्कार पब्लिक स्कूल, सकरा से हुआ। शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। जमुना राम मेमोरियल स्कूल के खिलाड़ियों ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए 4 गोल किए, लेकिन संस्कार पब्लिक स्कूल की टीम ने बेहतर तालमेल और रणनीति के दम पर 7 गोल दागते हुए मुकाबला 7-4 से जीत लिया।
फाइनल में हार के बावजूद जमुना राम मेमोरियल स्कूल की टीम ने पूरे टूर्नामेंट में अपने खेल से सभी को प्रभावित किया। सीबीएसई ईस्ट जोन जैसे बड़े स्तर की प्रतियोगिता में उपविजेता बनना विद्यालय और बलिया के लिए गौरव की बात है।

टीम की इस उपलब्धि पर विद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजीनियर तुषार नंद, प्रधानाचार्य अजीत सिंह, इंचार्ज अरविंद चौबे और नीतू मिश्रा ने खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने टीम के खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों की मेहनत की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
टीम की सफलता में कोच मनोज कुमार पाण्डेय, शारीरिक शिक्षक सरदार मोहम्मद अफजल और टीम मैनेजर रश्मि श्रीवास्तव का महत्वपूर्ण योगदान रहा। प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान अनुशासन, टीम भावना और शानदार खेल कौशल का परिचय दिया।
जमुना राम मेमोरियल स्कूल की इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित किया है कि बलिया के युवा खिलाड़ी खेल के बड़े मंच पर भी अपनी प्रतिभा का दमखम दिखाने में पीछे नहीं हैं।
उत्तर प्रदेश
बलिया का बढ़ा मान! जमुना राम मेमोरियल स्कूल सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल के फाइनल में
मिर्जापुर। सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क, मिर्जापुर में आयोजित सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल प्रतियोगिता 2026-27 में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव (बलिया) की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में प्रवेश कर लिया।
प्रतियोगिता के दूसरे दिन खेले गए रोमांचक मुकाबले में जमुना राम मेमोरियल स्कूल ने मेजबान सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क को 06-02 के बड़े अंतर से हराया। मैच की शुरुआत से ही जमुना राम मेमोरियल स्कूल की टीम ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया और पूरे मुकाबले में अपनी पकड़ बनाए रखी।
टीम की ओर से अंकिता कुशवाहा ने 2, रितिका यादव ने 2, आइशा गुप्ता ने 1 और श्रेया ने 1 गोल कर टीम की जीत में अहम योगदान दिया। इस शानदार जीत के साथ टीम ने प्रतियोगिता के खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की कर ली है। फाइनल मुकाबला कल खेला जाएगा।
टीम की सफलता पर विद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजीनियर तुषारनंद एवं प्रधानाचार्य अजीत सिंह ने खिलाड़ियों और खेल स्टाफ को बधाई दी। उन्होंने शारीरिक शिक्षक सरदार मोहम्मद अफ़ज़ल, टीम प्रशिक्षक मनोज कुमार और टीम मैनेजर रश्मि श्रीवास्तव को भी शुभकामनाएं देते हुए फाइनल के लिए उत्साह बढ़ाया।
इस अवसर पर इंचार्ज अरविंद चौबे, आनन्द मिश्रा, नीतू मिश्रा सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें फाइनल के लिए शुभकामनाएं दीं।


