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पह’लु खा’न मो’लिंचिं’ग मामले में आया नया मोड़, मुख्यमंत्री गहलोत ने उठाया बड़ा कद’म…
राजस्थान में हुए पहलू खान मोबलीचिंग मामले से तो आप सभी वाकिफ होंगे। अब इस मामले में आया है नया मोड़ । राजस्थान सरकार ने इस मामले की फिर से जांच करने का आदेश दिया है । अशोक गहलोत ने गुरुवार को अपने ट्वीट द्वारा इस बात का ऐलान किया है कि पहलू खान मॉब लिंचिंग मामले की दोबारा जांच होगी उन्होंने अगस्त 2019 में मॉब लिंचिंग के खिलाफ नए कानून बनाए जाने का भी ऐलान किया । अशोक गहलोत ने यह भी लिखा कि “हम पहलू खान को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबध है”।

जहां एक तरफ आरोपियों में रिहा होने का जश्न है तो वहीं दूसरी तरफ पहलू खान के लिए लड़ रहे लोग हैं और इस मामले को जोर-शोर में उठाने वाले लोगों में निराशा है लेकिन राजस्थान सरकार ने उनकी भावनाओं की कदर करते हुए फिर से जांच के आदेश दिए हैं। जांच में इस बात को पता करने के पर भी जोर दिया है कि कहीं पिछली जांच में कोई अदला-बदली या हेर फेरी तो नहीं हुई थी।
दोस्तों 2017 में पहलू खान के साथ मोब लिंचिंग का मामला सामने आया था पहलू खान कुछ गायों को ले जा रहे थे और उसी दौरान भी ने उनकी पिटाई की और इतना पीटा की उनकी मौत हो गई . 2017 की इस मॉब लिंचिंग का केस आजकल जोरों पर चल रहा है और इसका फैसला अभी दो दिनों पहले ही आया है आपको बता दे की पहलू खान की हत्या के आरोपियों को अलवर की कोर्ट ने बरी कर दिया ।

अलवर की कोर्ट में पहलू खान को लेकर एक रिपोर्ट बनाई गई थी जिसमें यह बताया गया है कि किस तरह पुलिस ने बहुत सारी लापरवाहीया की और जो 6 लोग दोषी थे उन्हें किस तरह से क्लीन चिट दे दी गई ।
दोस्तों पूरा मामला दरअसल ये है कि 1 अप्रैल 2017 को हरियाणा के मेवात के रहने वाले पहलू खान राजस्थान से कुछ मवेशी खरीद कर लौट रहे थे उनके पास सभी कागज भी मौजूद थे लेकिन खुद को गौ रक्षक बताने वाली भीड़ ने उन्हें पीट पीट कर मार डाला लेकिन 2 दिन पहले अलवर कोर्ट के आए फैसले में सभी आरोपी रिहा हो गए । अब राज्य सरकार कह रही है कि इस मामले की दोबारा से जांच की जाएगी।

जिस समय कोर्ट का फैसला आया था उस समय पहलू खान के रिश्तेदारों और उनके परिवार को एक बड़ा झटका लगा था क्योंकि यह मोब लिंचिंग का मामला था पिटाई सबके सामने की गई थी फिर भी कोर्ट ने उन आरोपियों को रिहा कर दिया लेकिन राज्य सरकार द्वारा दोबारा इन्वेस्टिगेशन की मांग करने पर पहलू खान के परिवार वालों में एक नई उम्मीद जागी है।
पहलू खान मोबलीचिंग मामले में दोषियों के रिहा हो जाने पर प्रियंका गांधी ने ट्वीट करके अपनी नाराजगी जाहिर की । उन्होंने लिखा कि “इस केस में राजस्थान सरकार की तरफ से अच्छा उदाहरण पेश किया जाएगा “। उन्होंने कहा कि “राजस्थान सरकार द्वारा मॉब लिंचिंग के खिलाफ कानून बनाने का निर्णय सराहनीय है , पहलू खान मोब लिंचिंग मामले में लोअर कोर्ट का फैसला चौका देने वाला है हमारे देश में अमानवीयता की कोई जगह नहीं होनी चाहिए और भीड़ द्वारा हत्या करना एक जघन्य अपराध है”।

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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
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जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।





