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बलिया में डॉक्टर की लापरवाही- कमजोरी हुई तो टीबी की दवाई चला दी, शख्स ने CM को लिखा पत्र
बलिया के सीयर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से लापरवाही का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। दो डॉक्टरों ने मिलकर बारी-बारी एक लगभग अधेड़ व्यक्ति की तबीयत से ऐसा खिलवाड़ किया बात जान पर बन आई। पहले कोई भी बीमारी ना होने की बात कहकर सामान्य दवाई दे दी गई। उसके बाद दूसरे डॉक्टर ने टीबी की बीमारी का इलाज़ चला दिया। 48 साल के अच्छेलाल चौहान दो तरह के इलाज़ों की मार झेल रहे हैं। उन्होंने सीएम योगी से न्याय की गुहार लगाई है।
मामला बेल्थरा रोड विधानसभा क्षेत्र के सिधौली गांव का है। अच्छेलाल चौहान को अपनी तबीतय ठीक नहीं लगी तो सीयर के सीएचसी में उपचार के लिए गए। 10 मई को सीएचसी में डॉ. तनवीर ने अच्छेलाल का इलाज़ किया। उन्होंने नॉर्मल बुखार होने की बात कही और कुछ दवाई लिख दिए। अच्छेलाल चौहान बताते हैं कि डॉ. तनवीर ने एक्स-रे जांच भी कराया था। लेकिन जांच की रिपोर्ट सामान्य थी।
अच्छेलाल चौहान के मुताबिक डॉ. तनवीर की दवाई पर उनकी तबीयत ठीक हो गई। लेकिन जुलाई के महीने में एक बार फिर तबीयत बिगड़ने लगी। वो दोबारा सीएचसी में दिखाने गए। लेकिन इस बार डॉ. तनवीर नहीं मिले। उनका ट्रांसफर किसी अन्य सीएचसी में कर दिया गया था। उन्हीं की जगह बैठे मिले डॉ. लालचंद शर्मा।
19 जुलाई को डॉ. लालचंद शर्मा ने अच्छेलाल चौहान की जांच कराई और टीबी रोग होने की बात कही। जिसके बाद डॉ. लालचंद के परामर्श पर टीबी की दवाई शुरू कर दी गई। अच्छेलाल चौहान बताते हैं कि टीबी की दवाई शुरू होते ही बीमारी बिगड़ने लगी। स्वास्थ्य हर दिन ख़राब होता गया।

“आसपास के लोगों ने देखा तो किसी और डॉक्टर से इलाज़ कराने की सलाह दी। जिसके बाद 28 जुलाई मैं मऊ ज़िला अस्पताल में चला गया। ज़िला अस्पताल में एक बार फिर एक्स-रे कराया गया। रिपोर्ट आया। डॉक्टर ने कहा कि मुझे टीबी नहीं है। बल्कि सामान्य कमजोरी है। टीबी की दवाई तत्काल प्रभाव से बंद की गई। मऊ ज़िला अस्पताल में जो दवाई दिए गए उन्हें खाना शुरू किया। कुछ ही दिनों में तबीयत ठीक हो गया।” अच्छेलाल चौहान ने कहा।
साफ है कि डॉ. तनवीर ने एक्स-रे रिपोर्ट के आधार पर पर सामान्य दवाई चलाया। लेकिन डॉ. लालचंद शर्मा ने कमजोरी के रोगी को टीबी की दवाई चला दी और स्थिति बिगड़ गई। अच्छेलाल चौहान ने बलिया के सीएमओ को इस बाबत शिकायती पत्र भेजा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी पत्र लिखकर शिकायत की है। साथ ही न्याय की गुहार भी लगाई है। अच्छेलाल चौहान ने मांग की है कि इस मामले में कार्रवाई की जाए। ताकि इसके बाद किसी रोगी के जीवन से खिलवाड़ ना हो।
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तीन बार के विधायक उमाशंकर सिंह नहीं रहे, बलिया की राजनीति ने खोया अपना सबसे बड़ा जननेता
बलिया। रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीन बार विधायक रहे और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रदेश में इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के निधन से पूरे बलिया जिले में शोक की लहर दौड़ गई। बुधवार देर रात उनके निधन की आधिकारिक पुष्टि होते ही उनके आवास पर समर्थकों, शुभचिंतकों और क्षेत्रीय लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। हर ओर गम और सन्नाटा पसरा रहा।
नगरा ब्लॉक के खनवर गांव निवासी उमाशंकर सिंह लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। पिछले कई महीनों से उनका इलाज चल रहा था। उनके स्वास्थ्य को लेकर लगातार चर्चाएं थीं, लेकिन बुधवार रात उनके निधन की खबर ने पूरे पूर्वांचल को स्तब्ध कर दिया।
उमाशंकर सिंह केवल एक विधायक नहीं थे, बल्कि रसड़ा की राजनीति का ऐसा चेहरा थे जिनकी पहचान पार्टी से कहीं अधिक उनके जनसंपर्क, विकास कार्यों और सामाजिक सरोकारों से थी। यही वजह रही कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर हर दल के नेताओं ने उनके निधन को क्षेत्र की अपूरणीय क्षति बताया।
छात्र राजनीति से विधानसभा तक का सफर
सेवानिवृत्त सैनिक घुरहू सिंह के बड़े पुत्र उमाशंकर सिंह ने छात्र राजनीति से अपना सार्वजनिक जीवन शुरू किया। वे सतीश चंद्र महाविद्यालय, बलिया के छात्रसंघ महामंत्री रहे। इसके बाद वर्ष 2002-03 में जिला पंचायत सदस्य चुने गए और यहीं से उनकी राजनीतिक यात्रा ने नई दिशा पकड़ी।
लगातार तीन चुनाव जीते
साल 2012 में बसपा के टिकट पर पहली बार रसड़ा विधानसभा से चुनाव लड़ते हुए उन्होंने करीब 84 हजार वोट हासिल किए और सपा प्रत्याशी सनातन पांडेय को 52,825 वोटों के बड़े अंतर से हराकर पहली बार विधायक बने।
2017 में भाजपा के पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह को 33,885 वोटों से हराकर दूसरी बार विधानसभा पहुंचे।
वहीं 2022 के चुनाव में सपा-सुभासपा गठबंधन की चुनौती के बावजूद उन्होंने सुभासपा प्रत्याशी महेंद्र चौहान को करीब 5 हजार वोटों से हराकर जीत की हैट्रिक पूरी की। बसपा के कमजोर दौर में भी उनकी यह जीत पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी थी।
समाजसेवा से बनाई अलग पहचान
राजनीति में आने से पहले उमाशंकर सिंह सड़क निर्माण के व्यवसाय से जुड़े रहे। विधायक बनने के बाद इस कार्य की जिम्मेदारी उनके परिवार ने संभाली। लेकिन उनकी सबसे बड़ी पहचान समाजसेवी के रूप में रही। उन्होंने अपने जीवनकाल में 600 से अधिक निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह कराकर समाज में एक अलग मिसाल कायम की।
शोक में डूबा बलिया
उनके निधन की खबर मिलते ही रसड़ा, नगरा और पूरे बलिया जिले में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पर पहुंचकर अंतिम दर्शन कर रहे हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पूर्वांचल ने आज अपना एक लोकप्रिय, जुझारू और जनसेवा के लिए समर्पित नेता खो दिया।
उमाशंकर सिंह के अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि सभा के कार्यक्रम की जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। उनका निधन केवल रसड़ा विधानसभा ही नहीं, बल्कि पूरे बलिया की राजनीति के लिए एक ऐसा खालीपन छोड़ गया है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा।
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CBSE ईस्ट जोन हॉकी प्रतियोगिता में जमुना राम स्कूल की बेटियों का कमाल, कांस्य पदक जीतकर बढ़ाया मान
गोरखपुर स्थित बी.एन. पब्लिक स्कूल में 31 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक आयोजित सीबीएसई ईस्ट जोन हॉकी प्रतियोगिता (सत्र 2026-27) में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव (बलिया) की अंडर-17 बालिका हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक (तृतीय स्थान) अपने नाम किया। इस उपलब्धि से विद्यालय के साथ-साथ पूरे बलिया जिले का गौरव बढ़ा है।

प्रतियोगिता के दौरान टीम ने कई मजबूत विद्यालयों को कड़ी टक्कर देते हुए सेमीफाइनल तक का शानदार सफर तय किया और अंततः तीसरा स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
कांस्य पदक जीतकर विद्यालय पहुंची टीम का ढोल-नगाड़ों, पुष्प वर्षा और तालियों की गूंज के बीच भव्य स्वागत किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित सम्मान समारोह में खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

विद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजीनियर तुषारनंद ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि, “हमारे विद्यालय की बेटियां आज शिक्षा के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में भी नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। सीबीएसई ईस्ट जोन प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतना उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। विद्यालय प्रबंधन खिलाड़ियों को भविष्य में भी विश्वस्तरीय सुविधाएं और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।”
इस उपलब्धि पर विद्यालय परिवार, अभिभावकों और क्षेत्रवासियों ने टीम को शुभकामनाएं देते हुए इसे जिले के लिए गर्व का क्षण बताया। खिलाड़ियों की इस सफलता से विद्यालय में उत्साह का माहौल है और अन्य छात्र-छात्राओं को भी खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिली है।
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‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत जमुना राम पीजी कॉलेज में हुआ पौधरोपण, वन महोत्सव-2026 का आयोजन
बलिया। पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुधवार को श्री जमुना राम पीजी कॉलेज, चितबड़ागांव में ‘वन महोत्सव-2026’ के अंतर्गत ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान चलाया गया। कार्यक्रम में आम के फलदार पौधे रोपकर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, चितबड़ागांव शाखा के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक शक्ति कुमार ने पांच आम के पौधे लगाकर अभियान की शुरुआत की। उन्होंने अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मानंद, उप प्राचार्य डॉ. विपिन गुप्ता, शिक्षा संकायाध्यक्ष डॉ. उदयनारायण श्रीवास्तव, डॉ. विनोद यादव, डॉ. राकेश गुप्ता, डॉ. आशुतोष उपाध्याय, बृजेश गुप्ता, आरती पांडे, मंदाकिनी सिंह, मदन सिंह सहित महाविद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए अधिक से अधिक पौधरोपण और उनकी नियमित देखभाल करने का संदेश दिया।


