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बलिया में हेल्थ वाहन संचालन का शानदार काम, हज़ारों लोगों को मिल रहा फ्री इलाज़
बलिया डेस्क : बलिया में बीमारी के इलाज के लिये मरीजों को अस्पतालों के धक्के नहीं खाने पड़ रहे हैं. अब अस्पताल खुद इलाज के लिये मरीजों के घर द्वार तक पहुच रहा है.
बलिया में आम लोगों को स्वास्थ्य सेवा घर पहुंचकर मुहैया कराने का ये बीड़ा उठाया था सांसद वीरेंद्र सिंह ‘मस्त’ ने. जिसके लिए बीते चार सालों से जिले में सचल अस्पताल चलाया जा रहा है. जिले भर के गांवों में दो एम्बुलेंस घूमती हैं. ये चलते फिरते अस्पताल गली-गली, मोहल्ले-मोहल्ले, घर-घर जाकर लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कर रहे हैं. साथ ही गांव के मरीज़ों का जांच कर उन्हें इलाज़ उपलब्ध कराया जाता है.
बलिया में मलेरिया, टाइफ़ाइड, अस्थमा जैसी बीमारियों की जांच होती है. जांच रिपोर्ट आने के बाद मरीज के घर जाकर ही दवाई पहुंचाई जाती है. एक हफ्ते के बाद मरीज़ों का हाल जानने के लिए एम्बुलेंस दोबारा जाती है.
2019 में लोकसभा का चुनाव हुआ था. बलिया लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार वीरेंद्र सिंह ‘मस्त’ ने चुनाव जीत लिया. चुनाव जीतने के बाद वीरेंद्र सिंह ने 2 गाड़ियों का संचालन शुरू करवाया. जिसमें हर स्वास्थ्य सुविधा मौजूद रहती है. ये गाड़ियां जिले भर में घुमकर लोगों का उपचार करती हैं.
इन दो गाड़ियों का संचालन 18 अक्टूबर 2019 से शुरू हुआ था. अब तक 74102 लोग इस सुविधा का लाभ ले चुके हैं. इन हेल्थ सेवा वाली गाड़ियों ने 430 गांवों का दौरा अब तक किया है.
.ताकि अस्पताल में न खाने पड़े धक्के
अभी जिले के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की लंबी लाइन लगी रहती है. जहां लाइन में लगने के बाद कई बार मरीजों को डॉक्टर नहीं मिलते. अगर डॉक्टर मिल जाए, तो दवा नहीं मिलती. सांसद ने बताया कि इस तरह की दिक्कतों को खत्म करने की दिशा में ही मोबाइल अस्पताल चलाने का फैसला लिया गया था जो की कारगार साबित हो रहा है.



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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।
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BHU छात्र नेता योगेश योगी के प्रयास से एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को मिली मंजूरी!
बलिया। फेफना जंक्शन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को लेकर क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी हो गई है। बीएचयू छात्र नेता योगेश योगी के लगातार प्रयास और पहल से रेलवे ने एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को स्वीकृति दे दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 16 जनवरी से इन ट्रेनों का फेफना स्टेशन पर ठहराव शुरू हो जाएगा। इस उपलब्धि का श्रेय प्रदेश सरकार के आयुष मंत्री दयानंद मिश्रा ‘दयालु’ को दिया जा रहा है,
छात्र नेता योगेश योगी ने यात्रियों, छात्रों और आम नागरिकों की समस्याओं को लेकर संबंधित अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के समक्ष लगातार मांग उठाई थी। उनके प्रयासों के बाद यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया, जिससे क्षेत्र के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
ट्रेन ठहराव से विशेष रूप से छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और इलाज के लिए बाहर जाने वाले मरीजों को सुविधा होगी। स्थानीय लोगों ने इसे जनहित में लिया गया निर्णय बताते हुए योगेश योगी के प्रति आभार जताया है।
योगेश योगी ने कहा कि यह केवल शुरुआत है, आगे भी क्षेत्र और छात्रों के हित में संघर्ष जारी रहेगा।
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