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उत्तर प्रदेश

लॉकडाउन: बलिया में मैखाना बंद, ताड़ीखाना हुए गुलजार, वाह रे योगी सरकार…..

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– फेफना के नसीराबाद गांव में खुलेआम बिक रही ताड़ी
बलिया. लॉक डाउन के बीच शराब के शौकिन अब ताड़ी से काम चलाने लगे हैं. जिससे एक तरफ जहां मैखाना बंद चल रहा है वहीं दूसरी ओर ताड़ीखाना गुलजार हो रहा है. फेफना थाना क्षत्र के नसीराबाद गांव के बगीचे में इन दिनों धड़ल्ले से ताड़ी उतारने का काम जहां जारी है, वहीं दोपहर और शाम के वक्त महफिल भी लग रही है, लोग चना फांकने के साथ-साथ लीटर के लीटर ताड़ी पी जा रहे हैं, जिससे एक तरफ जहां लॉक डाउन का उल्लंघन हो रहा है, वहीं सोशल डिस्टेंस की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही है. जबकि स्थानीय पुलिस भी सवालों के घेरे में है.
वैसे तो जनपद में ताड़ी के शौखिनों की कमी नहीं है, आम समय भी अप्रैल से जून तक जनपद के विभिन्न जगहों पर ताड़ीखाना सजता है, पासी ताड़ी उतारते हैं और लोग चखना लेकर शुरू भी हो जाते हैं. लेकिन सवाल फिलहाल लॉक डाउन का है. सप्ताह में सातों दिन चलने वाले शराबखानों पर जहां ताला लग गया है, वहीं ताड़ीखाना का इस तरह गुलजार होना न सिर्फ पुलिस भी मिलीभग को दर्शाता है, बल्कि जिला प्रशासन की कार्यशैली को भी सवालों के घेरे में लाता है. कुछ भी हो इन दिनों शहर से महज पांच किमी की दूरी पर नसीराबाद गांव में  इन दिनों जहां ताड़ी उतारी जा रही है, वहीं बगीच के बीच विशालकाय पेड़ की आड़ में झुग्गी डालकर महफिल भी सजाई जा रही है.
इनसेट….
ताड़ी के मामले में हमेशा सुर्खी में रहता है नसीराबाद गांव का बगीचा
वैसे आमदिनों की बात करें तो नसीराबाद का ताड़ीखाना जनपद में मशहूर है. यहां शौकिन लोग दूर-दूर से आते हैं. अप्रैल से जून तक यहां लोग बगीचे में बैठकर महफिल सजाते हैं फिर दो-तीन घंटे बाद मजे से ताड़ी पीकर नशे में धूत होकर घर जाते हैं. चूंकि बगीचे से सटे ही मलकपुरा, पांडेयपुरा गांव है, लिहाजा इस गांव में खासकर महिलाओं को कई बार छींटाकशी का शिकार होना पड़ता है. पियक्कड़ नशे में धूत कर इन गांवों में गालीगलौज भी करते हैं. जिससे ग्रामीवासी त्रस्त है और पूर्व में कई बार ताड़ीखाने के खिलाफ आवाज भी बुलंद किए, लेकिन नतीजा सिफर रहा है. जब विवाद होता है पुलिस आकर खानापूर्ति कर नतीजन यहां हर साल ताड़ीखाना लगता है और
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लॉक डाउन को चुनौती देकर इन-इन जगहों पर खूब मिल रही ताड़ी
नसीराबाद गांव को आप ताड़ी का हब कह सकते हैं, इसके अलावा शहर कोतवाली क्षेत्र के बहेरी गांव में रेलवे लाइन के उसपार, उमरगंज, रामपुर महावल, चंद्रशेखरनगर कालोनी के पीछे, परमांदापुर, जेपी नगर, फेफना थाना के मुलायम नगर, सागरपाली, मिड्ढा, अगरसंडा सुखपुरा थाना क्षेत्र के देवकली में भी खूब ताड़ी इन दिनों उताड़ी जा रही है, यहां ताड़ के पेड़ों के आसपास ही बेचने वाला खड़ा रह रहा है, जैसे ही पासी ताड़ी उतार रहा है लोग बोतलों में भरकर ले जा रहे हैं.
इनसेट….
संबंधित थानाध्यक्षें पर गिरेगी गाज: एसपी
लॉक डाउन का उल्लंघन कर यदि कहीं ताड़ी बेची जा रही है तो संबंधित थानाध्यक्ष इसके लिए जिम्मेदार है. ताड़ी बेचने वाले से लेकर पीने वाले तक को बख्शा नहीं जाएगा. थानाध्यक्षों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.

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उत्तर प्रदेश

बलिया का बढ़ा मान! जमुना राम मेमोरियल स्कूल सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल के फाइनल में

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मिर्जापुर। सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क, मिर्जापुर में आयोजित सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल प्रतियोगिता 2026-27 में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव (बलिया) की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में प्रवेश कर लिया।

प्रतियोगिता के दूसरे दिन खेले गए रोमांचक मुकाबले में जमुना राम मेमोरियल स्कूल ने मेजबान सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क को 06-02 के बड़े अंतर से हराया। मैच की शुरुआत से ही जमुना राम मेमोरियल स्कूल की टीम ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया और पूरे मुकाबले में अपनी पकड़ बनाए रखी।

टीम की ओर से अंकिता कुशवाहा ने 2, रितिका यादव ने 2, आइशा गुप्ता ने 1 और श्रेया ने 1 गोल कर टीम की जीत में अहम योगदान दिया। इस शानदार जीत के साथ टीम ने प्रतियोगिता के खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की कर ली है। फाइनल मुकाबला कल खेला जाएगा।

टीम की सफलता पर विद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजीनियर तुषारनंद एवं प्रधानाचार्य अजीत सिंह ने खिलाड़ियों और खेल स्टाफ को बधाई दी। उन्होंने शारीरिक शिक्षक सरदार मोहम्मद अफ़ज़ल, टीम प्रशिक्षक मनोज कुमार और टीम मैनेजर रश्मि श्रीवास्तव को भी शुभकामनाएं देते हुए फाइनल के लिए उत्साह बढ़ाया।

इस अवसर पर इंचार्ज अरविंद चौबे, आनन्द मिश्रा, नीतू मिश्रा सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें फाइनल के लिए शुभकामनाएं दीं।

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PET परीक्षा में फर्जीवाड़ा, बलिया के बांसडीह CHC के मेडिकल ऑफिसर अमित गुप्ता गिरफ्तार

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बलिया। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) में धांधली करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने बलिया के बांसडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में तैनात मेडिकल ऑफिसर अमित गुप्ता को गिरफ्तार किया है। आरोपी डॉक्टर पर अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर फर्जी दस्तावेज के जरिए सॉल्वर को परीक्षा में बैठाने का गंभीर आरोप है। पुलिस ने इस मामले में दो अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया है।

कैसे चलता था खेल
पुलिस के मुताबिक, गिरोह अभ्यर्थियों से 50 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक वसूलता था। इसके बाद एडमिट कार्ड और पहचान पत्र में हेरफेर कर किसी अन्य व्यक्ति को परीक्षा देने के लिए भेजा जाता था। इस खेल को मेडिकल ऑफिसर अमित गुप्ता संगठित तरीके से संचालित कर रहा था।

गिरफ्तारी और बरामदगी
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से फर्जी आधार कार्ड, एडमिट कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश जारी है।

पुलिस का सख्त रुख
एसपी ने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अमित गुप्ता समेत तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है और पूरे नेटवर्क की गहन जांच चल रही है।

यह गिरफ्तारी जिले में स्वास्थ्य विभाग और परीक्षा प्रणाली दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

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गाली देने वाले शहरों के टॉप 10 में शामिल हुआ बलिया, 73% लोग करते हैं गालियों का इस्तेमाल

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बलिया। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले का नाम अब उन शहरों की लिस्ट में शामिल हो गया है, जहाँ गालियों का इस्तेमाल सबसे ज्यादा होता है। हाल ही में जारी एक सर्वे के मुताबिक, बलिया के 73% लोगों ने खुद कबूल किया कि वे बातचीत के दौरान गालियों का प्रयोग करते हैं।

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि अब यह आदत सिर्फ युवाओं और बड़ों तक सीमित नहीं रही, बल्कि चौथी क्लास तक के बच्चे भी गालियां देने लगे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इसका कारण सोशल मीडिया, मोबाइल गेम्स और घर-परिवार का माहौल है।

विशेषज्ञों की चेतावनी

मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि गालियों की बढ़ती आदत न केवल भाषा को दूषित कर रही है, बल्कि बच्चों और युवाओं के व्यक्तित्व और मानसिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर डाल रही है। उन्होंने माता-पिता और शिक्षकों से बच्चों को बेहतर वातावरण और सही भाषा सिखाने की अपील की।

टॉप 10 शहर जहाँ सबसे ज्यादा गालियां दी जाती हैं

  1. कानपुर – 78%

  2. लखनऊ – 76%

  3. वाराणसी – 76%

  4. मुरादाबाद – 76%

  5. संतकबीरनगर – 76%

  6. मेरठ – 75%

  7. प्रयागराज – 75%

  8. गौतमबुद्ध नगर – 73%

  9. बलिया – 73%

  10. मिर्जापुर – 73%

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