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अखिलेश-केशव की तकरार का बलिया में असर, सपा के ये बड़े नेता छोड़ेंगे पार्टी!
केशव प्रसाद मौर्य. उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम. यूपी बीजेपी में बड़ा चेहरा. एक ऐसे नेता जिन्हें हमेशा सीएम योगी आदित्यनाथ के समांतर देखा जाता है। 2017 में जब उत्तर प्रदेश में बीजेपी की जीत हुई थी तब मुख्यमंत्री के दावेदारों में एक मजबूत नाम केशव प्रसाद मौर्य भी थे. बीते दिनों की बात है, सपा मुखिया अखिलेश यादव ने बयान दिया कि “केशव मौर्य 100 विधायक लेकर आएं, हम उन्हें मुख्यमंत्री बना देंगे.” जवाब में केशव मौर्य ने ट्वीट किया कि अखिलेश यादव भाजपा के खिलाफ पहले अपने 125 विधायकों को एक साथ एकत्रित कर लें.” इस तकरार का असर सियासत की नर्सरी बलिया में देखने को मिल रहा है. कैसे? आइए बताते हैं.
उधर केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया. इधर बलिया में बड़े खेल की तैयारी शुरू हो गई. बलिया ख़बर के सूत्रों का कहना है कि सपा के दो बड़े नेता खुद बीजेपी में जाने की कवायद में जुटे हुए हैं. भीतरखाने लखनऊ से दिल्ली तक सिफारिश की गई है. हालांकि बलिया के कुछ बीजेपी नेता नहीं चाहते कि इन बड़े नेताओं की एंट्री पार्टी में हो। बता दें कि ये नेता 1 या 2 नहीं बल्कि कई बार विधायक और मंत्री रह चुके हैं. हालांकि नेताजी की कोशिश ये है कि जबतक बीजेपी के साथ गोटी सेट ना हो जाए, बात बाहर ना आ पाए.
वहीं दूसरे नेता भी साइकिल की सवारी छोड़कर कमल थामना चाहते हैं वो भी काफी रसूखदार माने जाते हैं. ग्राम पंचायत के चुनावों में कई बार जीत हासिल कर चुके हैं. विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने की नाराजगी अभी भी चल रही है. सूत्र बताते हैं कि ये दोनों नेता सीधा लखनऊ से संपर्क साधे हुए हैं. सूत्रों का यहां तक कहना है कि प्रदेश के एक मंत्री भी इन दोनों नेताओं के लिए भाजपा में गोटी सेट कर रहे हैं. बात करीब-करीब बन चुकी है. लेकिन फिल्हाल बलिया ज़िले के कुछ बीजेपी नेता ही दोनों को लेकर रोड़ा अटका रहे हैं.
सवाल है कि क्या केशव प्रसाद मौर्य ने जो ट्वीट किया उसका आधार बलिया जैसे दूसरे ज़िलों की सियासी स्थिति है? क्या बलिया के इन दो नेताओं की सिफारिश केशव प्रसाद मौर्य तक पहुंच चुकी है? बलिया की सियासी बयार एक बार फिर बदलने वाली है, इतना तो तय है। जिसका सीधा असर 2024 के लोकसभा चुनाव पर पड़ेगा. देखना होगा कि आने वाले दिनों में ज़िले में क्या सियासी शिफ्ट होता है?
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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।
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BHU छात्र नेता योगेश योगी के प्रयास से एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को मिली मंजूरी!
बलिया। फेफना जंक्शन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को लेकर क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी हो गई है। बीएचयू छात्र नेता योगेश योगी के लगातार प्रयास और पहल से रेलवे ने एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को स्वीकृति दे दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 16 जनवरी से इन ट्रेनों का फेफना स्टेशन पर ठहराव शुरू हो जाएगा। इस उपलब्धि का श्रेय प्रदेश सरकार के आयुष मंत्री दयानंद मिश्रा ‘दयालु’ को दिया जा रहा है,
छात्र नेता योगेश योगी ने यात्रियों, छात्रों और आम नागरिकों की समस्याओं को लेकर संबंधित अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के समक्ष लगातार मांग उठाई थी। उनके प्रयासों के बाद यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया, जिससे क्षेत्र के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
ट्रेन ठहराव से विशेष रूप से छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और इलाज के लिए बाहर जाने वाले मरीजों को सुविधा होगी। स्थानीय लोगों ने इसे जनहित में लिया गया निर्णय बताते हुए योगेश योगी के प्रति आभार जताया है।
योगेश योगी ने कहा कि यह केवल शुरुआत है, आगे भी क्षेत्र और छात्रों के हित में संघर्ष जारी रहेगा।
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