Connect with us

featured

भारत–ब्रिटेन नौसेनाओं का संयुक्त अभ्यास ‘कॉनकन’ शुरू, चार दिनों तक चलेगा समुद्री शक्ति प्रदर्शन

Published

on

ब्रिटेन के ‘कैरियर स्ट्राइक ग्रुप’ (CSG) ने भारतीय नौसेना के साथ मिलकर पश्चिमी हिंद महासागर में द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास ‘कॉनकन’ की शुरुआत की है। यह अभ्यास 5 अक्टूबर से शुरू हुआ है, जिसकी अगुवाई ब्रिटिश विमानवाहक पोत HMS Prince of Wales कर रहा है।

‘कॉनकन’ अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों की नौसेनाओं की संयुक्त समुद्री और वायु क्षमता को बढ़ाना है। यह पहला मौका है जब भारत और ब्रिटेन के दोनों कैरियर स्ट्राइक ग्रुप—ब्रिटिश ‘HMS Prince of Wales’ और भारतीय INS विक्रांत—एक साथ समुद्री अभ्यास कर रहे हैं। यह अभ्यास चार दिनों तक चलेगा, जिसमें पनडुब्बियों और विभिन्न विमानों की भी भागीदारी होगी।

ब्रिटेन का कैरियर स्ट्राइक ग्रुप वर्तमान में ‘ऑपरेशन हाईमास्ट’ के तहत आठ महीने की वैश्विक तैनाती पर है। अभ्यास समाप्त होने के बाद ब्रिटिश नौसेना के जहाज मुंबई और गोवा के बंदरगाहों का दौरा करेंगे। इस दौरान ब्रिटिश प्रतिनिधिमंडल भारत के साथ रक्षा संबंधों के साथ-साथ व्यापार और सांस्कृतिक साझेदारी को भी रेखांकित करेगा।

ब्रिटिश उच्चायुक्त लिंडी कैमरन ने कहा, “यूके और भारत एक मुक्त और खुले इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के पक्षधर हैं। हमारी दोनों नौसेनाओं के बीच यह सहयोग हमारे साझा विज़न 2035 के रक्षा साझेदारी के संकल्प को मज़बूती देता है।”

ब्रिटिश नौसेना के रक्षा सलाहकार कॉमोडोर क्रिस सॉन्डर्स ने कहा, “भारत और ब्रिटेन दोनों कैरियर संचालन करने वाले देश हैं। यह अभ्यास हमारे बीच जटिल बहु-क्षेत्रीय अभियानों में प्रशिक्षण और अनुभव साझा करने का अनूठा अवसर है।”

यूके कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के कमांडर कॉमोडोर जेम्स ब्लैकमोर ने कहा, “भारतीय नौसेना के साथ फिर से काम करना शानदार है। यह साझेदारी हमारे सामूहिक समुद्री संचालन क्षमता को बढ़ाने में मदद करेगी।”

बंदरगाह दौरे के बाद, ब्रिटिश कैरियर स्ट्राइक ग्रुप भारतीय वायुसेना के साथ हवाई रक्षा अभ्यास में भी हिस्सा लेगा, जिससे दोनों सेनाएं अपनी रणनीतियों और तकनीकों का आदान-प्रदान कर सकेंगी।

‘कॉनकन’ अभ्यास 2004 से द्विवार्षिक रूप से आयोजित किया जा रहा है और यह भारत-ब्रिटेन की बढ़ती सामरिक साझेदारी का एक प्रमुख उदाहरण है।

featured

Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न

Published

on

26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।

Continue Reading

featured

Published

on

Continue Reading

featured

UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र

Published

on

बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।

भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।

शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।

Continue Reading

TRENDING STORIES

error: Content is protected !!