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इज्तिमे में क्या होता है जिसके लिए लाखों मुस्लिम इकट्ठा होते हैं…
भारत को एक धार्मिक देश कहा जाता है. दुनिया भर में भारत को एक ऐसे देश के तौर पर देखा जाता है जोकि यूँ तो खुद धर्म निरपक्ष है लेकिन यहाँ पर अलग अलग धर्म को मानने वाले लोग मौजूद हैं और सभी को अपने धर्मं के हिसाब से इसका पालन करने की छूट दी गई है. दरअसल यही वजह है कि हमारी गंगा जामुनी तहजीब की मिसाल दुनिया भर में दी जाती है.

हालाँकि यह बात और है कि फिलहाल आज कल देश का मिजाज़ थोड़ा बदल सा गया है लेकिन देश का मूल तो वही है. बहराल, भारत में यूँ तो तमाम मज़हब को मानने वाले लोग रहते है. लेकिन यहाँ पर मूल रूप से दो धर्म को मानने वाले लोग सबसे ज्यादा हैं. पहला तो है हिन्दू धर्म और दूसरा है इस्लाम. इन दोनों धर्म के मानने वालों को अपना अपना रीती रिवाज है और अलग अलग परंपरा है. हालाँकि यूँ तो हिन्दू मुस्लिम हमेशा से साथ साथ भाईचारे के साथ रहते हुए आये हैं लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है.

कि दोनों मज़हब के लोग एक दुसरे के मज़हब के बारे में बहुत कम जानते हैं. खासतौर पर अगर बात करें इस्लाम की तो इसके बारे में बहुत कम पता है लोगों को. दरअसल भारत के हिन्दुओं को इस्लाम को लेकर बुनियादी जानकारी के अलावा बहुत कुछ नहीं पता है. हालाँकि उन्हें हज रोज़े और नमाज़ की तो जानकारी है लेकिन बाकी चीज़ों के बारे में उन्हें बिलकुल भी नहीं पता है. हालाँकि इनका औचित्य भी उन्हें शायद ही पता होगा. ऐसे में आज कल हर तरफ इज्तिमे की बात हो रही है. तो क्या आपको पता है कि आखिर यह क्या. अगर नहीं पता तो कोई बात नहीं, आज हम आपको इसके बारे में तफसील से बताने जा रहे हैं.
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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
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जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।





