कुछ दिन पहले हुए मनेश्वर हत्याकांड में शामिल पांच आरोपितों को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का दावा है कि युवक की हत्या के पीछे पूर्व प्रेमिका व उसके प्रेमी का हाथ है। हत्या की वजह प्यार में धोखा व रुपयों का लेन-देन माना जा रहा है।
बैरिया कस्बा निवासी मनेश्वर को घर से बुलाकर उसी के बागीचे में गोली मारकर हत्या कर दी गयी। इसकी जानकारी परिवार के लोगों को तब हुई जब मृतक का मोबाइल बंद होने तथा बागीचे में उसकी बाइक खड़ी होने की सूचना मिली। सोमवार को पुलिस लाइन के सभागार में इस वारदात का खुलासा करते हुए एएसपी विजय पाल सिंह ने बताया कि घटना के बाद पुलिस लगातार कई बिंदुओं पर छानबीन कर रही थी। उनका कहना है कि मामले की तहकीकात में जुटी पुलिस को मृतक के मोबाइल व सर्विलांस के जरिये सफलता हाथ लगी। एएसपी ने बताया कि कि मनेश्वर का मधुबनी गांव की रागिनी से प्रेम-संबंध था। वह उससे मिलने के लिये अपने दोस्त कुंवर टोला निवासी प्रेमनरायण मिश्र के साथ आता-जाता था।
इसी बीच, मनेश्वर की शादी रागिनी के बड़े पिता की बेटी से हो गयी। इसके बाद प्रेम व रागिनी एक-दूसरे के करीब आ गये। एएसपी के अनुसार मनेश्वर से प्रेमनरायण ने 12 लाख व रागिनी ने करीब छह लाख रुपये उधार लिये थे जिसे वह मांग रहा था। उन्होंने बताया कि एक तो प्यार में धोखा व दूसरे पैसा मांगने से नाराज होकर दोनों ने मनेश्वर को रास्ते से हटाने का निर्णय लिया। इसके लिये बैरिया थाना क्षेत्र के मिश्र के मठिया निवासी दिनेश यादव उर्फ बेचू उर्फ शुक्ला के जरिये मधुबनी गांव के ही अविनाश सिंह मारुति को 50 रुपये में हत्या की सुपारी दे दी। मारुति ने अपने दोस्त मधुबनी निवासी राकेश सिंह व शुक्ला के साथ मिलकर मनेश्वर हत्याकांड का तानाबाना बुन लिया। घटना के दिन तीनों ने सागौन का पेड़ खरीदने की बात कहकर मनेश्वर को बागीचे में बुलाया तथा गोली मारकर हत्या कर दी। एएसपी ने इस हत्याकांड में शामिल सीओ बैरिया उमेश यादव, एसओ बैरिया गगनराज सिंह, चौकी प्रभारी बैरिया वीरेन्द्र दूबे व स्वॉट टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की।




