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दुनिया की वो रहस्मयी औरतें जिनके बारे में आप पढकर हैरत में पड़…
दोस्तों इस दुनिया में कई लोग ऐसे गुजर चुके हैं जो बहुत ही रहस्यमय थे वह क्यों थे और क्या थी यह हम आज तक नहीं समझ पाए इस वीडियो में हम आपको तारीख की 5 रहस्यमई औरतों के बारे में बताएंगे वैसे तो यह सभी कहते हैं कि एक औरत को समझना बहुत मुश्किल काम है लेकिन इस वीडियो में जिन औरतों की बात की गई है उनके साथ कुछ बहुत ही अजीबोगरीब कहानियां जुड़ी हुई है सबसे पहले हम बात करते हैं बबुष्का लेडी दोस्तों 22 नवंबर 1963 को अमेरिका के राष्ट्रपति केनेडी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी आपको बता दे अमेरिकी सदर जॉन एफ कैनेडी 1963 में 22 नवंबर को दिन में 12:30 बजे टेक्सास में रोड शो कर रहे थे.
इसी बीच किसी ने उन्हें गोली मार दी जो उनकी गर्दन में होते हुए कनपटी से निकल गई जॉन एफ केनेडी की उसी दौरान मौत हो गई थी आपको बता दें कि इस पूरे वाक्य की वीडियो भी बन रही थी आपको बता दें उनके आसपास काफी भीड़ लगी हुई थी इस भीड़ में कुछ औरतें भी थी इनमें से एक औरत जो कि सर पर स्कार्फ बांधे हुए थे इस संस्कार को अक्सर रूस में उम्र दराज औरतें इस्तेमाल करती थी.

रूस में इस कार को अक्सर उम्र दराज औरतें ही पहनती थी और रशियन जबान में उम्र दराज औरतों को बबुष्का लेडी कहा जाता है यह औरत जॉन एफ केनेडी की तस्वीरें खींच रही थी इसी दौरान किसी ने उनके ऊपर गोली चल आती चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई पुलिस भी वहां पर आ गई लेकिन बात की फुटेज को देखने के बाद यह पता चला कि यह बबुष्का लेडी अपनी जगह से टस से मस नहीं हुई और वह खड़ी होकर आराम से फोटो खींच रही थी और सारे लोग इधर-उधर भाग रहे थे.

तो वह एकदम से खड़ी थी फिर धीरे से पलट कर वहां से चली गई चुपचाप आपको बता दें कि अमेरिकी एजेंसी ने इस रहस्यमई और औरत को खोजने की हर जगह कोशिश की लेकिन इसका कोई सुराग ना मिल सका बाद में कुछ समय बीत जाने के बाद कुछ औरतों ने बबुष्का लेडी होने का दावा भी किया लेकिन यह सब बातें झूठी निकली बबुष्का लेडी कौन थी और इसका जॉन एफ कैनेडी के कत्ल से क्या ताल्लुक था.

यह आज तक पता नहीं लगाया जा सका इस तरह यह एक बहुत ही रहस्यमई औरत के तौर पर दिखाई दी और गायब हो गई इस लिस्ट में दूसरा नाम आता है कैनेडियन स्टूडेंट एलिजा लाइन की एक बार लॉस एंजेलिस में एग्जाम देने के लिए एक होटल में रुकी हुई थी 1 दिन बाद उसे अपने घर वापस जाना था लेकिन रहस्यमई तौर से वह एक दिन पहले ही होटल से गायब हो गई … आगे देखिये विडियो.
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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
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जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।





