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बलिया में लव मैरिज के 3 महीने बाद दंपति ने की सुसाइड, पति ट्रेन से कटा, पत्नी ने लगाई फांसी
बलिया में शादी के सिर्फ 3 महीने बाद ही दंपति ने आत्महत्या कर ली। पति ने ट्रेन से कटकर अपनी जान दे दी तो वहीं पत्नी भी फांसी के फंदे पर झूल गई। इस हादसे से परिवार वाले सकते में हैं। पहले प्यार से शादी तक का सफर बड़े दुखद पड़ाव पर आकर खत्म हो गया। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम के लिए भेज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
घटना रेवती थाना क्षेत्र की है। यहां वार्ड नंबर 13 में 23 वर्षीय रितेश यादव और 22 वर्षीय नीतू सिंह रहते थे। दोनों की शादी कुछ महीने पहले ही हुई थी। दोनों किराये के मकान में रह रहे थे। गुरुवार को जब मकान मालिक का बेटा किराया मांगने घर पहुंचा तो दरवाजा अंदर से बंद था। काफी आवाज के बाद भी दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद युवक ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो अंदर का नजारा देखकर दंग रह गई। महिला का शव फंदे पर झूलता मिला। वहीं युवक का शव रेवती थाना क्षेत्र के कुंआपीपर क्रासिंग और कोलनाला के मध्य युवक का शव रेल पटरी पर क्षत-विक्षत अवस्था में मिला था। पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर जांच शुरू दी।
रितेश की मां मीरा देवी ने बताया कि दुर्गा पूजा में हम लोग रितेश की शादी दूसरी जगह तय किए थे। लेकिन रितेश ने नीतू के साथ शादी कर लिया। पहले बलिया किराए का रूम लेकर उसमें नीतू को रख कर बाहर कमाने चला गया। कुछ दिन पहले फोन करके नीतू ने रितेश को बुलाया था। रेवती में पचरुखिया मार्ग के किनारे एक किराया का कमरा लेकर रहने लगे।
आसपास के लोगों ने बताया कि नीतू और रितेश के बीच आपसी विवाद कुछ दिनों से चल रहा था। गुरुवार सुबह रितेश, नीतू के साथ विवाद के बाद घर के बाहर निकल गया। बाद में पता चला कि रितेश ट्रेन की चपेट में आकर कट गया है और नीतू से आत्महत्या कर ली। घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।
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BHU छात्र नेता योगेश योगी के प्रयास से एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को मिली मंजूरी!
बलिया। फेफना जंक्शन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को लेकर क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी हो गई है। बीएचयू छात्र नेता योगेश योगी के लगातार प्रयास और पहल से रेलवे ने एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को स्वीकृति दे दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 16 जनवरी से इन ट्रेनों का फेफना स्टेशन पर ठहराव शुरू हो जाएगा। इस उपलब्धि का श्रेय प्रदेश सरकार के आयुष मंत्री दयानंद मिश्रा ‘दयालु’ को दिया जा रहा है,
छात्र नेता योगेश योगी ने यात्रियों, छात्रों और आम नागरिकों की समस्याओं को लेकर संबंधित अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के समक्ष लगातार मांग उठाई थी। उनके प्रयासों के बाद यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया, जिससे क्षेत्र के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
ट्रेन ठहराव से विशेष रूप से छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और इलाज के लिए बाहर जाने वाले मरीजों को सुविधा होगी। स्थानीय लोगों ने इसे जनहित में लिया गया निर्णय बताते हुए योगेश योगी के प्रति आभार जताया है।
योगेश योगी ने कहा कि यह केवल शुरुआत है, आगे भी क्षेत्र और छात्रों के हित में संघर्ष जारी रहेगा।
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