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बलिया से पटना तक दोबारा शुरु होगा बसों का संचालन
बलिया से पटना के लिए बस सेवा दोबारा शुरु होने वाली है। परिवहन निगम ने इसकी तैयारी कर कर ली है। बक्सर-भरौली पुल के क्षतिग्रस्त होने से बस सेवा ठप्प हो गई थी। लेकिन अब पटना से सीधे बलिया को जोड़ा जाएगा।
इसके लिए विभागीय अधिकारियों ने बस के रुट पर विचार शुरु कर दिया है। करीब तीन साल पहले अंतर्राज्यीय बस सेवा के तहत जिले से पटना के लिए दो बसों का संचालन शुरु किया गया था। यह बसें बलिया, भरौली, बक्सर से होकर पटना पहुंचती थी। लेकिन बक्सर-भरौली पुल के क्षतिग्रस्त होने से बसों का संचालन रुक गया। इसके अलावा मऊ डिपो से मऊ, बलिया, बैरिया वाया छपरा चलाई जा रही थी।
बता दें कि बलिया से पटना जाने के लिए कोई रेल सेवा नहीं है, ऐसे में हाजीपुर और फिर बक्सर होकर यात्रा करनी पड़ती है। डायरेक्ट बस सेवा बंद होने से लोगों को काफी परेशानी होती है। अब यात्रियों की परेशानी को देखते हुए बलिया डिपो के अधिकारी जनपदवासियों को सीधे पटना के लिए बस सेवा मुहैया कराने को लेकर सक्रिय हो गए।
अभी परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बलिया से चार रोडवेज की बसें जयप्रकाश नगर, मांझीघाट, दलनछपरा और लक्ष्मण छपरा तक चलाने के निर्देश दिए हैं। जिला पंचायत सदस्य गीता सिंह के पत्र पर सांसद नीरज शेखर ने भी बसों के संचालन का आग्रह परिवहन मंत्री से किया था। वहीं अधिकारियों के अनुसार बसों का संचालन शुरु करने के लिए एक सप्ताह के भीतर सर्वे पूरा करा लिया जाएगा।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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