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सत्ता के नशे में चूर BJP विधायक भूले शब्दों की मर्यादा, अधिकारियों को कह डाले अपशब्द
बलियाः यूपी सरकार में मंत्री व विधायक शब्दों की मर्यादा भूल गए हैं और आए दिन बेतुके बयान दे रहे हैं। हाल ही में बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह शिक्षकों के धरने को संबोधित करते हुए अपना आपा खो बैठे और बीएसए, डीसी के लिए ऐसी अभद्र भाषा का प्रयोग किया जिसे सुनकर सब दंग रह गए।
बता दें कि जनपद में पिछले चार दिनों से चल रहे प्राथमिक शिक्षकों का धरने में बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह और यूपी सरकार में मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला पहुंचे। उन्होंने फोन पर शिक्षकों के द्वारा आरोपी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और डीसी के खिलाफ जांच कर कार्यवाही का आश्वासन दिया साथ ही बेसिक शिक्षा मंत्री से फोन पर बात करवाई। इसके बाद शिक्षकों ने धरना खत्म किया।
इसी दौरान बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह ने मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला की मौजूदगी में ही शिक्षकों के धरना को संबोधित करते हुए मर्यादा की सारी हदें पार कर बीएसए और डीसी अपशब्द कहें। उन्होंने बीएसए शिवनारायण सिंह और डीसी नुरुल होदा के बारे में अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए बीएसए और डीसी को चोट्टा, दरिद्र और बेईमान अधिकारी तक कह डाला।
बीजेपी विधायक इतने पर ही नहीं रुके। उन्होंने आगे कहा कि वैसे तो बलिया में छांटे हुए अधिकारी यहां सुधारने के लिए भेजे जाते हैं, तो अब यहां नहीं सुधारा जाएगा तो कहां सुधारा जाएगा। ऐसे दरिद्र अधिकारियों का इमान नहीं होता है, चाहे कोई होदा हो या कोई और होदा की भी शिकायते मिल रही हैं। विधायक सुरेंद्र सिंह ने वह मौजूद मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला की तरफ इशारा करते हुए कहा कि, मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल जी आप प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के सबसे चहेते हैं केवल आप मेरे साथ रहिये मैं पूरे प्रदेश के बिगड़ैल अधिकारियों को सुधार दूंगा। अब विधायक के बयान सामने आने के बाद राजनैतिक सरगर्मी तेज हो गई हैं। वहीं विधायक के द्वारा अधिकारियों के लिए इस तरह की भाषा के प्रयोग पर निंदा की जा रही है।
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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।
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BHU छात्र नेता योगेश योगी के प्रयास से एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को मिली मंजूरी!
बलिया। फेफना जंक्शन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को लेकर क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी हो गई है। बीएचयू छात्र नेता योगेश योगी के लगातार प्रयास और पहल से रेलवे ने एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को स्वीकृति दे दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 16 जनवरी से इन ट्रेनों का फेफना स्टेशन पर ठहराव शुरू हो जाएगा। इस उपलब्धि का श्रेय प्रदेश सरकार के आयुष मंत्री दयानंद मिश्रा ‘दयालु’ को दिया जा रहा है,
छात्र नेता योगेश योगी ने यात्रियों, छात्रों और आम नागरिकों की समस्याओं को लेकर संबंधित अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के समक्ष लगातार मांग उठाई थी। उनके प्रयासों के बाद यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया, जिससे क्षेत्र के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
ट्रेन ठहराव से विशेष रूप से छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और इलाज के लिए बाहर जाने वाले मरीजों को सुविधा होगी। स्थानीय लोगों ने इसे जनहित में लिया गया निर्णय बताते हुए योगेश योगी के प्रति आभार जताया है।
योगेश योगी ने कहा कि यह केवल शुरुआत है, आगे भी क्षेत्र और छात्रों के हित में संघर्ष जारी रहेगा।
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