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बलिया के राजेश पाठक को मिला यंगेस्ट वाइस चांसलर का अवार्ड
राजस्थान के ओपीजेएस यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉक्टर राजेश कुमार पाठक को बेस्ट यंगेस्ट वाइस चांसलर 2022 के अवार्ड से सम्मानित किया गया है। डॉक्टर पाठक बलिया के निवासी है। उनकी इस उपलब्धि के बाद जनपद में खुशी का माहौल है।
डॉक्टर पाठक को मुंबई के टोपनोच टेक्नोलॉजी के द्वारा गठित देश के शिक्षाविदों और बुद्धिजीविओं की कमेटी ने दिया। यह अवार्ड पाठक को शिक्षा के क्षेत्र में लगातार उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया हैं।
बता दें कि डॉक्टर पाठक का जन्म बलिया के पठखौली गांव में हुआ था। बचपन से ही वह पढ़ाई में अव्वल थे। उन्होंने छोटी उम्र में ही ठान लिया था कि शिक्षा के क्षेत्र में कुछ अच्चा करेंगे। प्रारंभिक शिक्षा हासिल करने के बाद उन्होंने अच्चे विश्व विद्यालयों से अपनी उच्च शिक्षा हासिल की। इस दौरान वह कई शैक्षणिक संस्थाओ में एडवाइज़र, डायरेक्टर, डायरेक्टर जनरल,कैम्पस डायरेक्टर, प्रो वाइस चांसलर, जैसे उच्च पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके है।
अब 22 सालों की ईमानदारी और कठिन प्रयासों से उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की। छत्तीसगढ़ के श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय में सबसे कम उम्र के वाइस चांसलर के रूप में डा पाठक के उत्कृष्ट प्रशासनिक और शैक्षणिक क्षमता एंव उच्च शोध कार्य का अवलोकन के उपरांत बेस्ट यंगेस्ट वाइस चांसलर अवार्ड 2022 से सम्मानित किया गया है।
वहीं डॉक्टर पाठक इससे पहले भी कई अवार्ड से सम्मानित हो चुके हैं। उन्होंने अपनी सफलता का क्षेत्र माता पिता और दोस्तों को देते हुए कहा कि माता-पिता, परिवार के सदस्य और दोस्तों का अटूट विश्वास और प्रोत्साहन हमेशा उनको आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता रहा है।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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