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बलिया की बेटी प्रोफ़ेसर अल्पना मिश्र को मिलेगा ये बड़ा सम्मान
पूर्वांचल के लोग शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर नाम कमा रहे हैं।पूर्वांचल के लिए गर्व का विषय है। बलिया की रहने वाली प्रोफेसर अल्पना मिश्रा को दसवां सावित्री त्रिपाठी स्मृति सम्मान सुप्रसिद्ध कथाकार दिया जाएगा। सावित्री त्रिपाठी न्यास के सचिव पीयूष त्रिपाठी ने गुरुवार इसकी घोषणा की। सम्मान के निर्णयक समिति के सदस्यों में प्रोफेसर काशीनाथ सिंह, प्रोफेसर बलराज पांडेय और प्रोफेसर आशीष त्रिपाठी हैं। अभी तक यह सम्मान एकांत श्रीवास्तव, चौथीराम यादव, दिनेश कुशवाह, अवधेश प्रधान, संजय सिन्हा, अब्दुल बिस्मिल्लाह और राकेश रंजन को मिल चुका है।
इस वर्ष सम्मान से सम्मानित की जा रहीं अल्पना मिश्र हिंदी की प्रतिष्ठित कथाकार हैं। अल्पना मिश्र मूल रूप से बलिया के ओझाछपरा कि रहने वाली हैं। अल्पना हिंदी के महान साहित्यकार पंडित हज़ारी प्रसाद द्विवेदी की भतीजी हैं। उन्होंने हिंदी सहित्य में एम.ए किया और काशी हिंदू विश्वविद्यालय से पीएचडी की डिग्री हासिल की है।अल्पना की अनेक पुस्तकें प्रकाशित हैं। जिसमें अंधियारे तलछट में चमका, अस्थि फूल ( उपन्यास), भीतर का वक्त, छावनी में बेघर, कब्र भी कैद औ जंजीरें भी, स्याही में सुरखाब के पंख, अल्पना मिश्र: चुनी हुई कहानियां, दस प्रतिनिधि कहानियां
(कहानी संग्रह), सहस्त्रों विखंडित आईने में आदमकद।इसके साथ ही स्त्री कथा के पांच स्वर, स्वातन्त्र्योत्तर कविता का काव्य वैशिष्टय (आलोचना), सहोदर: संबंधों की शृंखला,कहानी संग्रह(संपादन) प्रमुख पुस्तकें हैं।अल्पना मिश्र की कई कहानियां,देश के कई प्रतिष्ठित विश्विद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाई जा रही हैं। उनकी कहानियों और उपन्यासों पर विश्विद्यालयों में दर्जन भर से अधिक शोध कार्य हो चुके हैं।उनकी कुछ कहानियों का अनुवाद पंजाबी,बंगला, कन्नड़,मलयालम, अंग्रेजी,जापानी आदि भाषाओं में हो चुका है।उनके चर्चित उपन्यास ‘अंधियारे तलछट में चमका’ का
पंजाबी भाषा मे अनुवाद और प्रकाशन हो चुका है। अपनी 15 दिन की जापान यात्रा के दौरान अल्पना मिश्र के साहित्य पर केंद्रित के कार्यक्रम आयोजित हुए और वहां के पांच शहरों और विश्वविद्यालयों में अल्पना मिश्र का व्याख्यान दिया।अल्पना मिश्र को उनके लेखकीय योगदान के लिए अब तक कई पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है, जिनमें शैलेश मटियानी स्मृति कथा सम्मान, परिवेश सम्मान, शक्ति सम्मान, प्रेमचंद स्मृति कथा सम्मान, वनमाली सम्मान, भारतीय भाषा परिषद कोलकाता का राष्ट्रीय रचनाकार सम्मान प्रमुख हैं। वे इन दिनों दिल्ली विश्विद्यालय के हिंदी विभाग में प्रोफेसर
के रूप में कार्यरत हैं। यह सम्मान समारोह 7 जुलाई को आयोजित होता रहा है। लेकिन कोविड की विशिष्ट परिस्थिति के कारण इस वर्ष का आयोजन ऑनलाइन होगा। यह आयोजन 7 जुलाई को शाम 5 बजे से सावित्री त्रिपाठी स्मृति फाउंडेशन के फेसबुक पेज पर लाइव प्रसारित किया जाएगा।
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बलिया के जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय में धूमधाम से हुआ ‘नव आरंभ विदाई समारोह’
बलिया के चित्तबड़ागांव स्थित श्री जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शनिवार को भावनाओं, उत्साह और रंगारंग प्रस्तुतियों के बीच “नव आरंभ विदाई समारोह-2026” का भव्य आयोजन किया गया। बीए चतुर्थ व एमए द्वितीय सेमेस्टर के छात्रों ने अपने सीनियर्स (बीए VI व एमए IV सेमेस्टर) को यादगार विदाई दी।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इंजि० तुषारनंद ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सरस्वती वंदना, स्वागत गीत और आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को भावुक और उत्साहपूर्ण बना दिया।

प्राचार्य डॉ० अंगद प्रसाद गुप्त ने विद्यार्थियों को जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान अतिथियों द्वारा छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को सम्मानित किया गया, वहीं सीनियर छात्रों ने गुरुजनों को अंगवस्त्र भेंट कर आभार जताया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गीत, नृत्य, भजन और कविता ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को नए सफर के लिए आत्मविश्वास और प्रेरणा देते हैं।

समारोह में महाविद्यालय परिवार की गरिमामयी उपस्थिति रही, जबकि संचालन बृजेश गुप्ता, अंकिता और सलोनी ने संयुक्त रूप से किया।
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बलिया की सियासत में नई हलचल: इंजीनियर विजय कांत तिवारी की एंट्री, 2027 पर नजर!
बलिया– अपनी राजनीतिक चेतना और संघर्षों के लिए पहचान रखने वाले बलिया की राजनीति में अब एक नया नाम तेजी से चर्चा में है। पेशे से एक प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC) में इंजीनियर रहे विजय कांत तिवारी ने सक्रिय राजनीति में कदम रखकर राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर वे बलिया विधानसभा क्षेत्र से एक मजबूत और प्रबल दावेदार के रूप में उभरते दिखाई दे रहे हैं।
बताया जाता है कि विजय कांत तिवारी लंबे समय तक कॉरपोरेट सेक्टर में अपनी सेवाएं देने के बाद अब अपने गृह जनपद के विकास और जनसमस्याओं के समाधान के उद्देश्य से राजनीति के मैदान में उतरे हैं। उनका कहना है कि बलिया जैसे ऐतिहासिक और गौरवशाली जिले में आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी कई क्षेत्रों में देखने को मिलती है, जिसे दूर करना उनकी प्राथमिकता होगी।
तिवारी का मुख्य फोकस जिले में बेहतर और सुलभ चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराना है। उनका मानना है कि बलिया के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए वाराणसी या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है, जो एक बड़ी समस्या है। इसके साथ ही वे सड़क, नाली और पेयजल जैसी बुनियादी समस्याओं के स्थायी समाधान पर भी जोर दे रहे हैं।
युवाओं के रोजगार को लेकर भी उन्होंने अपनी स्पष्ट योजना बताई है। विजय कांत तिवारी का कहना है कि यदि बलिया में एक सशक्त औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाए और बाहरी निवेश को आकर्षित किया जाए, तो हजारों युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। उनका मानना है कि पलायन की समस्या को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर उद्योग और रोजगार के अवसर पैदा करना बेहद जरूरी है।
इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि होने के कारण वे विकास कार्यों में तकनीकी समझ, पारदर्शिता और योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की बात करते हैं। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन और निगरानी सुनिश्चित कर विकास कार्यों को गति दी जा सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिक्षित और युवा चेहरों की बढ़ती मांग के बीच विजय कांत तिवारी जैसे लोगों का राजनीति में आना आने वाले समय में बलिया की राजनीति को नई दिशा दे सकता है। वहीं स्थानीय लोगों के बीच भी उनकी छवि एक शिक्षित, सुलझे हुए और विकासोन्मुखी नेता के रूप में धीरे-धीरे मजबूत होती दिखाई दे रही है।
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UPSC में सफलता पर बलिया के जमुना राम मेमोरियल स्कूल में आदित्य कृष्ण तिवारी का सम्मान
जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले आदित्य कृष्ण तिवारी को विद्यालय परिसर में सम्मानित किया गया। विद्यालय परिवार की ओर से उन्हें अंगवस्त्र व पुष्प भेंट कर सम्मानित करते हुए उनकी इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर आदित्य के पिता अशोक तिवारी, अरुण तिवारी सहित परिवार के अन्य सदस्यों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रबंधक प्रोफेसर धर्मात्मा नंद, प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह, अरविंद चौबे, आनंद मिश्रा समेत अन्य शिक्षकों व गणमान्य लोगों ने आदित्य को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम में केसरी नंदन त्रिपाठी (पूर्व चेयरमैन) तथा अमरजीत सिंह (चेयरमैन, नगर पंचायत चितबड़ागांव) भी उपस्थित रहे। उन्होंने आदित्य कृष्ण तिवारी को उनकी सफलता पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा


