Connect with us

featured

पूरे देश में थी सिर्फ 5 सीट, बलिया की बेटी अर्पिता ने अपनी मेहनत से हासिल कर ली कामयाबी

Published

on

बलिया डेस्क : अभी हाल ही में यूपी पीसीएस का रिज़ल्ट आया जिसमे बलिया के नौजवानों ने शानदार प्रदर्शन किया. इस बीच बलिया की एक और बेटी ने कमाल कर दिखाया है और जिले का नाम रौशन किया है. खबर यह है कि सिकन्दरपुर क्षेत्र के बालूपुर की रहने वालीं अर्पिता श्रीवास्तव का इंस्टिट्यूट ऑफ़ बैंकिग पर्सनल सेलेक्शन मुम्बई में शोध सहयोगी के तौर पर चयन हो गया है.

अर्पिता के पिता का नाम है कृष्ण कुमार श्रीवास्तव राजन लाल. आपको बता दें कि अर्पिता ने अपनी मेहनत की बदौलत बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की है. अर्पिता का जहाँ चयन हुआ है, इसके पूरे देश में महज़ पांच सीट ही थी. और अर्पिता ने इसमें सफलता हासिल कर ली है.

जैसे ही यह खबर सामने आई, पूरे इलाके के लोग ख़ुशी से झूम उठे. अर्पिता के घर वालों को उन पर नाज़ है. ज़ाहिर सी बात है कि पूरे भारत में सिर्फ पांच सीट में से एक हासिल कर लेना कोई छोटी बात नहीं है. लेकिन अर्पिता ने यह साबित कर दिया कि दिल में लगन और कुछ कर गुजरने का ज़ज्बा हो तो कोई भी काम मुश्किल नहीं है.

बता दें कि बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी से गोल्ड मेडलिस्ट भी रही हैं. वहीँ इनके पिया कृष्ण कुमार श्रीवास्तव सिवान कला इंटर कालेज में टीचर थे. हालाँकि वह इसी साल रिटायर हुए हैं. वहीँ अर्पिता के भाई का नाम है अभिषेक श्रीवास्तव जोकि लखनऊ में नौकरी करते हैं. अर्पिता की एक बहन हैं जिनका नाम है अंकिता. इनकी शादी हो चुकी है.

Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

featured

Published

on

Continue Reading

featured

UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र

Published

on

बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।

भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।

शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।

Continue Reading

featured

BHU छात्र नेता योगेश योगी के प्रयास से एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को मिली मंजूरी!

Published

on

बलिया। फेफना जंक्शन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को लेकर क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी हो गई है। बीएचयू छात्र नेता योगेश योगी के लगातार प्रयास और पहल से रेलवे ने एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को स्वीकृति दे दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 16 जनवरी से इन ट्रेनों का फेफना स्टेशन पर ठहराव शुरू हो जाएगा। इस उपलब्धि का श्रेय प्रदेश सरकार के आयुष मंत्री दयानंद मिश्रा ‘दयालु’ को दिया जा रहा है,

छात्र नेता योगेश योगी ने यात्रियों, छात्रों और आम नागरिकों की समस्याओं को लेकर संबंधित अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के समक्ष लगातार मांग उठाई थी। उनके प्रयासों के बाद यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया, जिससे क्षेत्र के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।

ट्रेन ठहराव से विशेष रूप से छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और इलाज के लिए बाहर जाने वाले मरीजों को सुविधा होगी। स्थानीय लोगों ने इसे जनहित में लिया गया निर्णय बताते हुए योगेश योगी के प्रति आभार जताया है।

योगेश योगी ने कहा कि यह केवल शुरुआत है, आगे भी क्षेत्र और छात्रों के हित में संघर्ष जारी रहेगा।

Continue Reading

TRENDING STORIES

error: Content is protected !!