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अमेरिका का ऑफर छोड़ BDC का चुनाव क्यों लड़ रहे बलिया के आकाश सिंह

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बलिया डेस्क : क्या आपने किसी बीडीसी प्रत्याशी को घोषणापत्र के साथ चुनाव मैदान में उतरते देखा है? नहीं देखा तो बलिया आ जाइये और यहां सदर तहसील के पिपरा कलां में रहने वाले आकाश सिंह से मिल लीजिए। आकाश ने पिपरा कलां से घोषणापत्र के साथ बीडीसी का चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। वो वार्ड नंबर 6 से 10 तक के लिए चुनाव लड़ेंगे।

उन्होंने अपने घोषणापत्र में यहां की जनता से विकास के 16 बड़े वादे किए हैं। इनमें पानी, बिजली, पक्की सड़क, पक्की नाली, शिक्षा, महिला सुरक्षा, किसानों को कुशल वैज्ञानिकों द्वारा खाद मुहैया कराने और शराबबंदी कराने जैसे कई बड़े-बड़े वादे शामिल हैं।

यहां आप भी पढ़िए आकाश सिंह का घोषणापत्र

बलिया ख़बर ने जब आकाश से पूछा कि क्या ये सारे कार्य एक बीडीसी करा सकता है तो इसपर उन्होंने कहा कि बिल्कुल करा सकता है। आकाश का कहना है कि एक बीडीसी सिर्फ अध्यक्ष चुनने के लिए नहीं होता, उसके भी कई अधिकार होते हैं। लेकिन इससे पहले किसी बीडीसी ने अपने अधिकार का इस्तेमाल नहीं किया, इसलिए कोई उनके अधिकार के बारे में नहीं जानता।

आकाश से बलिया ख़बर ने पूछा कि आख़िर वो चुनाव क्यों लड़ना चाहते हैं, जबकि उनके पास अच्छी नौकरी करने का मौका था? इसपर आकाश ने कहा कि वो अपने टैलेंट का इस्तेमाल गांव के विकास में करना चाहते हैं। आकाश ने कहा कि उन्होंने जो कुछ भी अर्जित किया है उसका फायदा गांव वालों तक पहुंचाना चाहते हैं। इसीलिए वो चुनाव मैदान में उतरे हैं। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वोट उसी को दें जो आपके बीच रहे।

कौन हैं आकाश सिंह?
आकाश सिंह पिपरा कलां गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता का नाम चंद्रभान सिंह है। उन्होंने अपनी इंटरमीडियट तक की पढ़ाई बलिया के स्कूलों से ही पूरी की। इसके बाद कंप्यूटर साइंस में ग्रेजुएशन के लिए उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय में दाखिला ले लिया। ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद उन्होंने आज़ाद इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी लखनऊ से कंप्यूटर साइंस में पोस्ट ग्रेजुएशन किया।
पढ़ाई पूरी करने के बाद आकाश ने कई बड़ी कंपनियों में काम किया। इस दौरान उन्हें अमेरिका में काम करने का मौका भी मिला, लेकिन उन्होंने अमेरिका में मोटी कमाई करने के बजाय गांव का रुख किया और यहां के विकास के लिए चुनाव लड़ने का फैसला किया।

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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र

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बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।

भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।

शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।

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BHU छात्र नेता योगेश योगी के प्रयास से एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को मिली मंजूरी!

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बलिया। फेफना जंक्शन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को लेकर क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी हो गई है। बीएचयू छात्र नेता योगेश योगी के लगातार प्रयास और पहल से रेलवे ने एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को स्वीकृति दे दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 16 जनवरी से इन ट्रेनों का फेफना स्टेशन पर ठहराव शुरू हो जाएगा। इस उपलब्धि का श्रेय प्रदेश सरकार के आयुष मंत्री दयानंद मिश्रा ‘दयालु’ को दिया जा रहा है,

छात्र नेता योगेश योगी ने यात्रियों, छात्रों और आम नागरिकों की समस्याओं को लेकर संबंधित अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के समक्ष लगातार मांग उठाई थी। उनके प्रयासों के बाद यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया, जिससे क्षेत्र के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।

ट्रेन ठहराव से विशेष रूप से छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और इलाज के लिए बाहर जाने वाले मरीजों को सुविधा होगी। स्थानीय लोगों ने इसे जनहित में लिया गया निर्णय बताते हुए योगेश योगी के प्रति आभार जताया है।

योगेश योगी ने कहा कि यह केवल शुरुआत है, आगे भी क्षेत्र और छात्रों के हित में संघर्ष जारी रहेगा।

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