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बलिया में फांसी के फंदे पर लटकी महिला, सामने आई चौकाने वाली वजह !
बलिया में एक महिला ने फांसी लगा कर मौत को लगे लगा लिया। जिसके बाद चौकाने वाली बात सामने आयी है ।बताया जाता है की महिला ने इसलिए ये कदम उठाया क्योंकि वह पति की मौत के बाद अपने देवर की सहमती से उसके साथ शादी करना चाहती थी। लेकिन उसके ससुराल पक्ष के लोग उसकी शादी देवर से नहीं करा रहे थे। आखिर में देवर से शादी होता न देख भाभी ने मौत को गले लगा लिया।
बैरिया थाना क्षेत्र के सिवनटोला निवासी सुमेश्वर यादव ने अपनी दो बेटियों किरण और इंदू की शादी रेवती थाना क्षेत्र के गोपालनगर निवासी स्व. योगेंद्र यादव के पुत्र मनोज यादव और कमलेश यादव के साथ की थी। जानकारी के मुताबिक मनोज की मौत के बाद कमलेश से छोटे अखिलेश से किरन का प्रेम संबंध स्थापित हो गया। दोनों विवाह करना चाहते थे। इस बात की जानकारी जब किरन की सांस को हुई तो वह उनके विवाह के खिलाफ हो गई।
किरन की सांस ने बेटे अखिलेश को समझाया कि यदि वह उससे शादी करेगा तो मनोज की तरह ही उसकी भी मौत हो जाएगी। मां की कही बात अखिलेश के मन में घर कर गई। इसके बाद अखिलेश ने किरण से शादी करने से इंकार कर दिया। जिससे क्षुब्ध हो कर किरन ने पंखे के फांसी के फंदे पर झूल गई। किरन की मौत के बाद ससुराल पक्ष के लोगों ने मायके वालों को सूचना दिए बगैर ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
मृतका किरन के पति मनोज से दो बच्चे आठ वर्षीय पुत्र प्रिंस यादव और छह वर्षीय पुत्री निक्की है। दोनों का मां की मौत के बाद से रो-रोकर बुला हाल है। बच्चे समझ नहीं पा रहे उनके साथ क्या हो गया। पहले पिता का साया सर से उठ जाने के बाद अब मां का भी हांथ उनके सर से उठ गया।
किरन की मौत के अगले दिन उसी घर में ब्याही उसकी छोटी बहन इन्दू ने शुक्रवार को मायके पहुंच कर पिता सुमेश्वर यादव को घटना की जानकारी दी। घटना की जानकारी होते ही सोमेश्वर यादव ने मामले की सूचना पुलिस को दी और बेटी के ससुराल पहुंच गए। शिकायत मिलते ही क्षेत्राधिकारी बैरिया उमेश कुमार, एसएचओ रेवती राकेश सिंह घटना स्थल पर पहुंचकर मामले में पूछताछ की। इधर बेटी की मौत से आहत सेमेश्वर दोनों बच्चों प्रिंस और निक्की को अपने साथ ले आए।
क्षेत्राधिकारी बैरिया ने कहा कि घटना स्थल का निरीक्षण किया गया है। अभी मृतका के पिता ने रेवती थाना में तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलते ही मुकदमा पंजीकृत कर कार्रवाई की जाएगी।
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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
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जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।





